फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Loss of trees cannot be ignored High Court seeks response from officials

दिल्ली: पेड़ों के नुकसान को नहीं किया जा सकता नजरअंदाज, हाईकोर्ट ने अधिकारियों से मांगा जवाब   

Mon, 07 Mar 2022 05:08 AM IST
सुशील कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार Updated Mon, 07 Mar 2022 05:08 AM IST
सार

न्यायाधीश नजमी वजीरी ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), वन विभाग, बीएसईएस आरपीएल और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों सहित दूसरे विभागों को नोटिस जारी किया है।

विज्ञापन
Loss of trees cannot be ignored High Court seeks response from officials
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई

विस्तार

हाईकोर्ट ने अधिकारियों से जवाब मांगा है कि पेड़ों की सुरक्षा और संरक्षण की जिम्मेवारी की अवहेलना पर अवमानना की कार्रवाई क्यों नहीं शुरू की जाए। पेड़ों को हो रहे नुकसान को माफ नहीं किया जा सकता।

विज्ञापन


न्यायाधीश नजमी वजीरी ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), वन विभाग, बीएसईएस आरपीएल और दिल्ली पुलिस के अधिकारियों सहित दूसरे विभागों को नोटिस जारी किया है। इस मामले की 14 मार्च को अगली सुनवाई पर सभी की उपस्थित की मांग करते हुए कहा कि न्यायिक आदेशों के बावजूद कुछ अधिकारी और एजेंसियां अनुपालन के प्रति पर गंभीर नहीं दिखती हैं।
विज्ञापन


न्यायाधीश ने इस बात पर जोर दिया कि पेड़ों या पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के मामले को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। नागरिकों को कानून के अनुसार अपने पड़ोस को बनाए रखने के लिए देखभाल करने का अधिकार है। अदालत ने एक चितरंजन पार्क फुटपाथ की कई तस्वीरें रिकॉर्ड में लिया है, जहां सिविल कार्यों की वजह से खुदाई की गई थी। पेड़ के तने से खुदाई वाले स्थान की दूरी एक मीटर से भी कम हैं और पेड़ की जड़ें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। इसे अदालत और राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के आदेशों का आदेश का प्रथम दृष्टया अदालत की अवमानना करार दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed