दिल्ली मेट्रो: स्टेशनों के बाहर फिर लगने लगी यात्रियों की लंबी लाइन, लॉकडाउन में 300 करोड़ का नुकसान
28 दिनों के बाद मेट्रो सेवाएं बहाल होने के बाद धीरे-धीरे हालात फिर से पटरी पर लौटने की उम्मीद की जा रही है। हालांकि अनलॉक में छूट मिलने के बाद भी मेट्रो में केवल 50 फीसदी सीटों पर ही यात्रियों को सफर की इजाजत से भी यात्रियों की संख्या पहले से काफी कम हो गई है।
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लॉकडाउन के दौरान मेट्रो सेवाएं बंद होने से दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) को करीब 300 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। 10 मई से मेट्रो सेवाएं बंद कर दी गई थीं। इससे पहले भी केवल जरूरी लॉकडाउन के दौरान केवल जरूरी सेवाओं से संबंधित यात्रियों को ही सफर की इजाजत थी। मेट्रो को रोजाना टिकट से रोजाना औसतन 10 करोड़ रुपये मिलते थे।
28 दिनों के बाद मेट्रो सेवाएं बहाल होने के बाद धीरे-धीरे हालात फिर से पटरी पर लौटने की उम्मीद की जा रही है। हालांकि अनलॉक में छूट मिलने के बाद भी मेट्रो में केवल 50 फीसदी सीटों पर ही यात्रियों को सफर की इजाजत से भी यात्रियों की संख्या पहले से काफी कम हो गई है। इससे भी डीएमआरसी की आय में कमी का अंदेशा जताया जा रहा है।
पिछले साल भी लॉकडाउन के दौरान दिल्ली मेट्रो को 1700 करोड़ से अधिक का वित्तीय नुकसान हुआ था। दोबारा पटरी पर लौटने के बाद मेट्रो ने खुद को संभालने के लिए सरकार से सहयोग की गुहार भी लगाई। इससे पहले कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में करीब एक महीने तक मेट्रो का परिचालन बंद होने से डीएमआरसी में बढ़ोतरी की भरपाई के लिए नए विकल्प भी तलाशे जा रहे हैं ताकि मेट्रो की आगे बढ़ने की रफ्तार धीमी न हो।
मेट्रो में सुबह और शाम के वक्त यात्रियों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए स्टेशनों के बाहर कतार लगने लगी है। राजीव चौक मेट्रो स्टेशन के बाहर शाम के वक्त अपने घरों को लौटने वाले यात्रियों को लाइन में इंतजार करना पड़ा। भीड़ में बढ़ोतरी होने के बाद मेट्रो में सीट न मिलने पर कुछ यात्री खड़े होकर भी सफर करते नजर आए, जिन्हें समझाने के बाद कर्मियों ने दूसरी मेट्रो में यात्रा करने की सलाह दी।
अनलॉक में मेट्रो सेवाएं बहाल होने से दिल्ली वासियों को बड़ी राहत मिली है। लेकिन संक्रमण से बचाव के लिए तमाम शर्तों के अलावा इस बार यात्रियों को केवल 50 फीसदी क्षमता और खड़े होकर सफर करने की इजाजत है। कुछ दोस्त तो ऐसे भी दिखे, जिन्हें बातचीत के लिए सफर में खड़े रहना बेहतर समझा।
हालांकि दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) का कहना है कि यात्रियों को फिलहाल खड़े होकर सफर की इजाजत नहीं है। अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई के लिए टीमें कार्रवाई भी कर रही है। संक्रमण से बचाव के लिए सभी एहतियातों का पालन करें, यह डीएमआरसी की प्राथमिकता है।
संक्रमण से बचाव पर भी मेट्रो का बढ़ा खर्च
कोरोना काल में मेट्रो में यात्रियों की संख्या कम होने के साथ साथ सैनिटाइजेशन और संक्रमण से बचाव के लिए किए जा रहे इंतजामों पर भी डीएमआरसी को अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ रहा है। सेवाएं बंद होने से रोजाना टिकट से होने वाली कमाई भी बंद हो गई।