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Hindi News ›   Delhi ›   Light Metro will run on Rithala-Bawana-Narela Corridor

दिल्ली : रिठाला-बवाना-नरेला कॉरिडोर पर दौड़ेगी लाइट मेट्रो, अगले साल से होगा काम शुरू

Mon, 08 Nov 2021 03:29 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 08 Nov 2021 03:29 AM IST
सार

मेट्रो फेज-4 के शेष तीन कॉरिडोर पर कैबिनेट की हरी झंडी मिलने के बाद शुरू होगा निर्माण। 

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Light Metro will run on Rithala-Bawana-Narela Corridor
delhi metro - फोटो : PTI

विस्तार

मेट्रो फेज-4 के तहत नरेला बवाना के बीच लाइट मेट्रो का परिचालन किया जाएगा। रिठाला-बवाना-नरेला के बीच करीब 22.91 किलोमीटर के दायरे में दिल्ली की पहली लाइट मेट्रो दौड़ेगी। मेट्रो फेज-4 के शेष तीन कॉरिडोर पर कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अगले साल से निर्माण शुरू किए जाने की उम्मीद है। दिल्ली मेट्रो फेज-4 के तहत फिलहाल तीन कॉरिडोर पर निर्माण चल रहा है। 

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दिल्ली मेट्रो फेज-4 के कॉरिडोर पर निर्माण कार्य चल रहा है। मगर कोरोना काल में आई तकनीकी परेशानी और निर्माण की जटिलता के कारण निर्माण में 10 महीने तक की देरी की आशंका जताई जा रही है। दिल्ली मेट्रो के तीन शेष कॉरिडोर पर इंद्रप्रस्थ -इंद्रलोक(12.37 कि.मी) , लाजपत नगर-साकेत जी ब्लॉक(8.38 कि.मी.) जबकि रिठाला-बवाना-नरेला(22.91) के बीच करीब 40 किलोमीटर में तीन कॉरिडोर बनाए जाएंगे। 
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रिठाला-बवाना-नरेला लाइन पर लाइट मेट्रो चलाने की दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन(डीएमआरसी)की योजना है। यह दिल्ली मेट्रो की पहली लाइट मेट्रो होगी। इस कॉरिडोर पर कम आबादी और खर्च में करीब 40 फीसदी की बचत होगी। डीएमआरसी के प्रबंध निदेशक डॉ. मंगू सिंह के मुताबिक मेट्रो फेज-4 के तीन शेष कॉरिडोर में एक पर लाइट मेट्रो दौड़ेगी। मौजूदा तीन कॉरिडोर पर निर्माण की राह में मुश्किलें पेश आने की वजह से परियोजना के पूरा होने में देरी हो सकती है।
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तीन कॉरिडोर पर चल रहा है निर्माण
फेज-4 के तीन मौजूदा कॉरिडोर पर फिलहाल 65.10 किलोमीटर के तीन कॉरिडोर पर निर्माण चल रहा है। जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम और तुगलकाबाद से एयरोसिटी पर मौजूद वन क्षेत्रों में पेड़ों की कटाई के लिए मंजूरी मिलने में लगने वाले वक्त के कारण देरी हो रही है। मौजपुर-मजलिस पार्क पर फ़्लाइओवर और सड़क और स्टेशनों के इर्द गिर्द निर्माण की जटिलताओं के कारण करीब एक साल की देरी होने हो सकती है। 

पहले डीएमआरसी की कोशिश इस कॉरिडोर का निर्माण तयशुदा वक्त से एक साल पहले करने की थी। मगर, इसमें देरी होने की वजह से सितंबर, 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके पूरा होते ही रिंग मेट्रो पूरी होगी और दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 400 किलोमीटर से अधिक हो जाएगा। 


मेट्रो फीडर के विकल्प के तौर पर इस्तेमाल होगी मेट्रोलाइट 
मेट्रोलाइट एक लाइट मेट्रो है। कम आबादी वाले क्षेत्रों में मौजूदा मेट्रो के साथ यह फीडर के तौर पर काम करती है। मेट्रो की तुलना में कोच की संख्या 3 के बीच होती है, इसलिए कम यात्री ही इसमें सफर कर सकते हैं। सड़क से थोड़ी दूर पर इसके लिए ट्रैक बिछाए जाते हैं ताकि किसी ट्रैफिक की रुकावट या वाहनों के जाम का कोई असर न पड़े। कुछ जगह पर मौजूद सड़कों को भी मेट्रोलाइट में परिवर्तित किया जा सकता है। इसमें तीन मेट्रो कोच होंगे। मेट्रोलाइट की रफ्तार भी 60 किमी प्रति घंटे के करीब होगी। 
 

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