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Delhi: यमुना की सफाई के लिए एलजी ने शुरू किया मेगा ड्राइव, उपराज्यपाल ने लॉन्च की प्रादेशिक सेना
Thu, 16 Feb 2023 10:04 PM IST
Digvijay Singh
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, दिल्ली
Published by: Digvijay Singh
Updated Thu, 16 Feb 2023 10:04 PM IST
सार
एलजी ने विभिन्न एजेंसियों द्वारा किए गए निरंतर प्रयासों की सराहना की जिसके परिणामस्वरूप नजफगढ़ ड्रेन का 17 किलोमीटर का हिस्सा, जो यमुना नदी का सबसे बड़ा प्रदूषक है, पूरी तरह से साफ कर दिया गया है। इसमें गिरने वाले 13 नाले पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं। इससे पांच माह में ही बीओडी स्तर में 30 फीसदी की कमी आई है।
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फाइल फोटो
- फोटो : ANI
विस्तार
यमुना नदी को साफ करने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने बृहस्पतिवार को यमुना के बाढ़ क्षेत्र में सफाई का मेगा ड्राइव शुरू किया। इस अभियान के पहले चरण में आईएसबीटी, कश्मीरी गेट के पास कुदसिया घाट से आईटीओ तक सफाई की जाएगी। इस अभियान के उद्घाटन के अवसर पर पूर्वी दिल्ली के सांसद गौतम गंभीर, फैशन डिजाइन काउंसिल ऑफ इंडिया (एफडीसीआई) के अध्यक्ष सुनील सेठी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इस दौरान एलजी ने यमुना सफाई अभियान के लिए प्रादेशिक सेना भी तैयार की जिसमें छात्र सहित अन्य शामिल होंगे।
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स्वच्छ गंगा राष्ट्रीय मिशन (एनएमसीजी) के तहत प्रादेशिक सेना शुक्रवार से सफाई का संचालन शुरू करेगी। इस अभियान के पहले चरण में आईटीओ तक और दूसरे चरण में ओखला बैराज तक यमुना बाढ़ क्षेत्र की सफाई होगी। इस दौरान सफाई के साथ अतिक्रमण को हटाया जाएगा। साथ ही ड्रेन बीओडी रिड्यूसिंग तकनीक से यमुना में गिरने वाले नालों के आगे पत्थर और चूना-पत्थर के टुकड़े डाले जाएंगे। ये पत्थर के टुकड़े भारी कणों को सोख लेंगे और नदी में गिरने से रोकेंगे।
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पानी को ऑक्सीडाइज करेंगे। ड्रेन बीओडी रिड्यूसिंग तकनीक का ट्रायल आईएसबीटी ड्रेन पर किया जा रहा है और धीरे-धीरे इसे अन्य स्थानों पर दोहराया जाएगा। इस मौके पर उप राज्यपाल ने कहा कि सभी एजेंसियों से यमुना की सफाई के लिए ठोस प्रयास करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनता के सहयोग से अगले छह महीनों में यमुना की स्थिति में आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिलेगा। यमुना में गिरने वाले नालों को रोकने, ट्रंक और परिधीय सीवर लाइनों की सफाई और मौजूदा सीवेज उपचार संयंत्रों (एसटीपी) के उन्नयन के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चल रहे हैं।
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एलजी ने विभिन्न एजेंसियों द्वारा किए गए निरंतर प्रयासों की सराहना की जिसके परिणामस्वरूप नजफगढ़ ड्रेन का 17 किलोमीटर का हिस्सा, जो यमुना नदी का सबसे बड़ा प्रदूषक है, पूरी तरह से साफ कर दिया गया है। इसमें गिरने वाले 13 नाले पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं। इससे पांच माह में ही बीओडी स्तर में 30 फीसदी की कमी आई है।
लगाया 53 लाख का जुर्माना
उपराज्यपाल के निर्देश पर शहर भर में जल प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों का औचक निरीक्षण किया जा रहा है और पिछले तीन सप्ताह में ऐसी 12 इकाइयों पर पानी और बिजली की आपूर्ति बंद कर जुर्माना लगाया गया है। साथ ही 53 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया है।