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आखिरकार : जद्दोजहद के बाद लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज को मिली इमारत
Fri, 30 Apr 2021 05:51 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 30 Apr 2021 05:51 AM IST
सार
- 15 पत्रों, 8 हड़तालों, 12 प्रदर्शनों के बाद ऐतिहासिक अस्पताल को मिली नई इमारत
- खंडहर बन चुकीं इमारतों का फिर से हुआ निर्माण
- स्वास्थ्य मंत्री ने प्रशासनिक खंड का किया उद्घाटन
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स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने प्रशासनिक ब्लॉक का उद्घाटन किया...
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
दिल्ली के ऐतिहासिक लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज को आखिरकार न्याय मिल ही गया। चार साल में 15 पत्र, आठ बार हड़ताल और 12 विरोध प्रदर्शन करने के बाद बृहस्पतिवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने यहां प्रशासनिक ब्लॉक का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने बताया कि सीएसआईआर के जरिये कोरोना मरीजों के लिए यहां 400 बिस्तरों की व्यवस्था की जा रही है।
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ये अगले सप्ताह तक शुरू होने की उम्मीद है। नए शैक्षणिक ब्लॉक को कोरोना योद्घाओं को समर्पित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में सुविधाओं का विस्तार जारी रहेगा।
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जानकारी के अनुसार 100 साल से भी अधिक पुराने लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज में कई साल पहले नई इमारतें बननी शुरू हुई थीं ताकि यहां की स्वास्थ्य सेवा क्षमताओं को बढ़ावा दिया जाए लेकिन बजट का अभाव और ठेका कंपनियों की मनमानी की वजह से वर्ष 2016 से यहां निर्माण कार्य ठप था। इसकी वजह से इमारतें खंडहर में तब्दील हो चुकी थीं।
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अस्पताल के रेजीडेंट डॉक्टरों ने वर्ष 2018 में भूख हड़ताल तक की थी। 882 करोड़ रुपये की मंजूरी के बाद भी हालात नहीं बदले। भवन निर्माण की जिम्मेदारी यूनिटी इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड को दी गई थी।
फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विवेक चौकसे ने बताया कि उन्होंने इस कार्य के लिए एक लंबी लड़ाई लड़ी है। चार साल में 15 बार स्वास्थ्य मंत्री, प्रधानमंत्री सहित कई जगह पत्र भी भेजे लेकिन अब जाकर न्याय मिला है। खंडहर हो चुकीं इमारतों में यहां असामाजिक तत्व दीवार पर चढ़ शराब, ड्रग्स का सेवन करने लगे थे। कई बार छात्रावास पर पथराव, छात्राओं से छेड़छाड़ तक हुई। डॉ. चौकसे ने कहा कि निर्माण कार्य पूरा होने से अब जाकर सुकून मिला है।