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किसान आंदोलन: गुरनाम सिंह चढ़ूनी की सरकार को चेतावनी, जबरन हटाया तो पीएम के दरवाजे पर मनाएंगे दिवाली

Mon, 01 Nov 2021 09:21 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Mon, 01 Nov 2021 09:21 AM IST
सार

संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने सरकार को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि सड़कें खाली करवाने की कोशिश की तो सभी किसान दिल्ली के लिए कूच करेंगे और इस बार दिवाली प्रधानमंत्री के दरवाजे के बाहर मनाई जाएगी। 

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kisan andolan news Gurnam Singh Chadhuni warned the government if forcibly removed, Diwali will be celebrated at PM's doorstep
गुरनाम सिंह चढूनी - फोटो : ANI (File)

विस्तार

संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य और भारतीय किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने वीडियो वायरल कर सरकार को चेतावनी दी है कि अगर किसानों को सड़कों से हटाने की कोशिश की तो इस बार दिवाली प्रधानमंत्री के दरवाजे के बाहर मनाई जाएगी। 
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उन्होंने कहा कि सड़कें खाली करवाने की कोशिश की तो सभी किसान दिल्ली के लिए कूच करेंगे। उन्होंने किसानों से भी कहा कि वह हर समय तैयार रहें। किसी भी समय मैसेज आ सकता है और रात के समय भी दिल्ली कूच करना पड़ सकता है।
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बॉर्डर से जबरन किसानों को हटाया तो देश के दफ्तरों को बना देंगे गल्ला मंडी : टिकैत 
इससे पहले, यूपी गेट पर किसान आंदोलन स्थल के पास से सीमेंटेड व लोहे के बैरिकेड व कंटीले तार हटने के बाद किसान नेता राकेश टिकैत ने सरकार को चेताया है। उन्होंने रविवार सुबह ट्वीट कर कहा कि किसानों को अगर बॉर्डर से जबरन हटाने की कोशिश हुई तो देशभर में सरकारी दफ्तरों को गल्ला मंडी बना देंगे।
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उन्हें अंदेशा है कि किसी साजिश के तहत बिना मांगे माने किसानों को जबरन हटाया जा सकता है। वहीं, एनएच-9 और दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर तीसरे दिन भी एंबुलेंस और चार पहिया छोटे वाहन ही निकल पाए।

भाकियू के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक ने कहा कि किसान आंदोलन में यथावत स्थिति बनी रहेगी। जब तक सरकार किसानों की मांगों को नहीं मानती है, तब तक देश का अन्नदाता सड़कों पर बैठकर सरकार के निर्णय का इंतजार करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पिछले कई दिनों से किसानों के खिलाफ साजिश रच रही है।
 

हर मोर्चे ने इन साजिशों को नाकाम किया है, लेकिन ऐसी साजिशों से किसान आंदोलन का समाधान नहीं निकलने वाला है। उन्होंने अंदेशा जताया कि कभी भी कुछ भी हो सकता है। सरकार बातचीत से समाधान नहीं करना चाहती है। बल्कि साजिश से किसानों को हटाना चाहती है। तमाम तरह की घटनाओं ने साजिशों को खोल दिया है।

धर्मेंद्र मलिक का कहना है कि ऐसे हालात को देखते हुए 6 नवंबर को सिंघु बॉर्डर पर किसान नेताओं की बैठक होगी। इसमें आगे की रणनीति बनेगी। क्योंकि अभी किसान नेता अलग-अलग मोर्चे पर लोगों से बात कर रहे हैं। भाकियू जिलाध्यक्ष चौ. बिजेंद्र सिंह ने बताया कि आंदोलन स्थल पर अब किसानों का तादाद बढ़ने लगी है। दो दिनों में मुरादाबाद, अमरोहा, संभल, गाजियाबाद, मेरठ और हापुड़ के किसान अपने ट्रैक्टर व वाहनों से पहुंचे। वहीं, रविवार को सभी ने आंदोलन के मंच पर भारत के पहले गृहमंत्री लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की तस्वीर पर माल्यार्पण कर नमन किया। 
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