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केजरीवाल बोले, तीनों कृषि कानून डेथ वारंट जैसे, कुछ पूंजीपतियों के हाथ में चली जाएगी किसानी
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किसानों के साथ वार्ता करते मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल।
- फोटो : Ashram
नई दिल्ली। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का मानना है कि तीनों नए कृषि कानून किसानों के लिए डेथ वारंट हैं। इनके लागू होने के बाद किसानों की किसानी चंद पूंजीपतियों के हाथ में चली जाएगी। किसान पूंजीपतियों के हाथ की कठपुतली बनकर रह जाएंगे। केंद्र सरकार तुरंत इन काले कानूनों को वापस करे और स्वामीनाथन आयोग के अनुसार सभी 23 फसलों को एमएसपी पर खरीद करने की गारंटी प्रदान करे।
रविवार को दिल्ली विधानसभा के अंदर दोपहर के भोजन पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान नेताओं को आमंत्रित कर उनसे बातचीत के दौरान केजरीवाल ने यह बातें कहीं। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि तीनों कृषि कानूनों की वापसी तक वह उनके साथ और पूरे सहयोग के साथ खड़े रहेंगे। बातचीत के दौरान दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष रामनिवास गोयल, कैबिनेट मंत्री कैलाश गहलोत, राजेंद्र पाल गौतम, राज्यसभा सांसद संजय सिंह, विधायक दिलीप पांडेय भी मौजूद रहे।
केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों के साथ बातचीत करनी चाहिए। अगर सरकार देश के किसानों की बात नहीं सुनेगी तो आखिर किसकी बात सुनेगी? भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार बार-बार कह रही है कि इन कानूनों से किसानों को फायदा होगा, लेकिन अब तक वो एक भी फायदा जनता को बताने में नाकाम रही है। ये कानून एक तरह से किसानों के लिए डेथ वारंट हैं। यदि यह लागू हो जाते हैं तो किसानों के लिए बहुत बड़ी मुसीबत पैदा हो जाएगी। किसानों की किसानी चंद पूंजीपतियों के हाथों में चली जाएगी और हमारे देश का किसान अपने ही खेत में मजदूर बनने के लिए विवश हो जाएगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि 28 फरवरी को मेरठ में बहुत बड़ी किसान महापंचायत होगी। उसमें भी इन कानूनों पर चर्चा की जाएगी और केंद्र से इन्हें वापस लेने की अपील की जाएगी। सीएम ने कहा कि यह दुखदाई है कि केंद्र सरकार ने किसानों के साथ बैठकें करनी बंद कर दी है। किसी भी समस्या का समाधान बातचीत से ही निकलेगा। केंद्र को किसानों के साथ बातचीत करनी चाहिए और केंद्र्र को अड़ना नहीं चाहिए कि हम कानून वापस नहीं लेंगे। किसानों की कानून वापस लेने की मांग है।
बैठक में शामिल हुए यह किसान नेता
किसान नेता चौधरी रोहित जाखड़, चौधरी यशपाल सिंह, वीरेंद्र गुर्जर, चौधरी उधम सिंह, राहुल बेदी, कुलदीप त्यागी, बाबा चौधरी श्याम सिंह, चौधरी संजय, चौधरी शोखेंद्र, ठाकुर पूरन सिंह, सिराजुद्दीन चौहान और चौधरी दलबीर आदि शामिल रहे।
गदगद नजर आए किसान नेता
किसान नेता चौधरी रोहित जाखड़ ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने जाति-धर्म और संप्रदाय की सभी दीवारें तोड़ कर पश्चिमी यूपी की पूरी चौधराहट को विधानसभा में बुलाकर सम्मान दिया है। यह वैसा ही है, जैसा सुदामा को श्रीकृष्ण ने बुलाकर सम्मान दिया था। चौधरी श्याम सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के बारे में हमने जैसा सुना था, वैसा ही उनमें पाया। चौधरी यशपाल सिंह ने कहा कि केजरीवाल ने हमें हमेशा सहयोग देते रहने का आश्वासन दिया है। मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा।
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रविवार को दिल्ली विधानसभा के अंदर दोपहर के भोजन पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान नेताओं को आमंत्रित कर उनसे बातचीत के दौरान केजरीवाल ने यह बातें कहीं। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि तीनों कृषि कानूनों की वापसी तक वह उनके साथ और पूरे सहयोग के साथ खड़े रहेंगे। बातचीत के दौरान दिल्ली विधानसभा के अध्यक्ष रामनिवास गोयल, कैबिनेट मंत्री कैलाश गहलोत, राजेंद्र पाल गौतम, राज्यसभा सांसद संजय सिंह, विधायक दिलीप पांडेय भी मौजूद रहे।
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केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार को किसानों के साथ बातचीत करनी चाहिए। अगर सरकार देश के किसानों की बात नहीं सुनेगी तो आखिर किसकी बात सुनेगी? भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार बार-बार कह रही है कि इन कानूनों से किसानों को फायदा होगा, लेकिन अब तक वो एक भी फायदा जनता को बताने में नाकाम रही है। ये कानून एक तरह से किसानों के लिए डेथ वारंट हैं। यदि यह लागू हो जाते हैं तो किसानों के लिए बहुत बड़ी मुसीबत पैदा हो जाएगी। किसानों की किसानी चंद पूंजीपतियों के हाथों में चली जाएगी और हमारे देश का किसान अपने ही खेत में मजदूर बनने के लिए विवश हो जाएगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि 28 फरवरी को मेरठ में बहुत बड़ी किसान महापंचायत होगी। उसमें भी इन कानूनों पर चर्चा की जाएगी और केंद्र से इन्हें वापस लेने की अपील की जाएगी। सीएम ने कहा कि यह दुखदाई है कि केंद्र सरकार ने किसानों के साथ बैठकें करनी बंद कर दी है। किसी भी समस्या का समाधान बातचीत से ही निकलेगा। केंद्र को किसानों के साथ बातचीत करनी चाहिए और केंद्र्र को अड़ना नहीं चाहिए कि हम कानून वापस नहीं लेंगे। किसानों की कानून वापस लेने की मांग है।
बैठक में शामिल हुए यह किसान नेता
किसान नेता चौधरी रोहित जाखड़, चौधरी यशपाल सिंह, वीरेंद्र गुर्जर, चौधरी उधम सिंह, राहुल बेदी, कुलदीप त्यागी, बाबा चौधरी श्याम सिंह, चौधरी संजय, चौधरी शोखेंद्र, ठाकुर पूरन सिंह, सिराजुद्दीन चौहान और चौधरी दलबीर आदि शामिल रहे।
गदगद नजर आए किसान नेता
किसान नेता चौधरी रोहित जाखड़ ने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने जाति-धर्म और संप्रदाय की सभी दीवारें तोड़ कर पश्चिमी यूपी की पूरी चौधराहट को विधानसभा में बुलाकर सम्मान दिया है। यह वैसा ही है, जैसा सुदामा को श्रीकृष्ण ने बुलाकर सम्मान दिया था। चौधरी श्याम सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री के बारे में हमने जैसा सुना था, वैसा ही उनमें पाया। चौधरी यशपाल सिंह ने कहा कि केजरीवाल ने हमें हमेशा सहयोग देते रहने का आश्वासन दिया है। मांगें पूरी होने तक धरना जारी रहेगा।