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दिल्ली : जेएनयू में 16 मई तक सेमेस्टर पंजीकरण प्रकिया पर रोक, आईआईटी से ऑनलाइन सर्टिफिकेट

Mon, 10 May 2021 05:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 10 May 2021 05:17 AM IST
सार

  • विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा, फीस में नहीं की बढ़ोतरी, पोटर्ल पर छात्रों के 108 रुपये की जगह 42000 रुपये कटे
  • संक्रमण के चलते तीन केंद्रों की परीक्षाएं स्थगित

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JNU holds semester registration process till May 16
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय,नई दिल्ली - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय ने रविवार को तत्काल प्रभाव से सेमेस्टर पंजीकरण प्रक्रिया पर 16 मई तक रोक लगा दी है। दरअसल इन दिनों जेएनयू सेमेस्टर पंजीकरण प्रक्रिया चल रही थी। ऑनलाइन पोटर्ल पर सेमेस्टर पंजीकरण के दौरान छात्रों से 108 रुपये की बजाय 42 हजार रुपये तक फीस मांगी गई । इस पर छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से सवाल किया कि सेमेस्टर फीस में एक साथ 21 हजार गुना बढ़ोतरी की जानकारी पहले क्यों नहीं दी गई। इसके बाद प्रशासन ने रविवार को पोटर्ल पर सेमेस्टर फीस पंजीकरण प्रक्रिया एक हफ्ते के लिए रोकी। इसके अलावा छात्रों को स्पष्टीकरण दिया है कि सेमेस्टर फीस में किसी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की गई है।

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जेएनयू रजिस्ट्रार प्रो. अनिर्बान च्रकवर्ती की ओर से रविवार को अधिसूचना जारी की गई है। इसमें लिखा है कि नवंबर 2020 को आयोजित अकेडमिक काउंसिल में बैठक में सेमेस्टर फीस पंजीकरण में बढ़ोतरी न करने का फैसला लिया गया था।  इसकी बाकायदा सूचना भी जारी की गई थी। हालांकि पोटर्ल पर पंजीकरण फीस इतनी अधिक क्यों दर्शायी जा रही है, इस पर परीक्षा नियंत्रक विभाग तसे जानकारी मांगी गई है। इसलिए छात्रों की दिक्कत को समझते हुए पंजीकरण प्रक्रिया रोकी जा रही है। 
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छात्रसंघ ने उठाये सवाल:
जेएनयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष एनसाई बालाजी ने सवाल किया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने पंजीकरण प्रक्रिया शुरू होने से पहले पोटर्ल की जांच क्यों नहीं की। जेएनयू प्रशासन ही पंजीकरण पोटर्ल चला रहा है तो उसे जानकारी होनी चाहिए कि फीस कितनी रखनी है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बेशक पंजीकरण प्रक्रिया पर एक हफ्ते के लिए रोक लगायी है, लेकिन हजार गुना फीस बढ़ोतरी पर छात्रों के सवालों का कोई जवाब नहीं दिया है। जबकि इस पूरे मामले पर कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार को पूरी प्रक्रिया पर सफाई देनी चाहिए।
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21 हजार गुना अधिक फीस देख छात्रों के छूटे पसीने: जेएनयू पोटर्ल पर जैसे छात्रों ने सेमेस्टर पंजीकरण विंडो ओपन करके प्रक्रिया शुरू की, उनके पसीने छूट गए। दरअसल जेएनयू में 60 फीसदी से अधिक छात्र आर्थिक रूप से बेहद कमजोर और पिछड़े इलाकों के होनहार छात्र अपनी उच्च् शिक्षा के लिए आते हैं। इनमें से कई ऐसे छात्र भी हैं, जोकि बेहद मुश्किल से सेमेस्टर पंजीकरण की 108 रुपये की फीस भर पाते हैं। हालांकि पोटर्ल खोलने पर 108 की बजाय 42 हजार रुपये से अधिक फीस देखकर परेशान हो गए थे। ऐसे छात्रों ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रशासन समेत छात्रसंघ से इस मामले में जानकारी मांगी थी। क्योंकि कोरोना के चलते इन दिनों छात्र अपने गृहराज्यों में हैं।

संक्रमण के चलते तीन केंद्रों की परीक्षाएं स्थगित: 
कोरोना संक्रमण के चलते जेएनयू के तीन केंद्रों की ऑनलाइन परीक्षाएं स्थगित कर दी गई है। दरअसल  सेंटर फॉर द स्टडी ऑफ इकोनामिक्स,  सेंटर फॉर स्टडी एंड रीजनल डेवलपमेंट औरस्टडी एंड प्लानिंग ऑफ द स्कूल ऑफ सोशल साइंस की ऑनलाइन परीक्षाएं स्थगित हुई है। इन विभागों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के आग्रह पर शिक्षकों से लेकर छात्रों के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद परीक्षाएं स्थगित करने का फैसला लिया था। 

सोशल मीडिया की बजाय प्रशासन से सीधे करें सवाल: 
जेएनयू प्रशासन ने छात्रों से सोशल मीडिया की बजाय विश्वविद्यालय प्रशासन से सभी प्रकार की दिक्कतों के समाधान पर सवाल पूछने का आग्रह किया है। प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारियां फैलायी जा रही है। इससे छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करना है। इसलिए छात्र किसी भी प्रकार की उलझन पर अपने विभाग के शिक्षकों और प्रशासन से मिली जानकारी को ही पुख्ता समझें।

 

आईआईटी के ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स का मौका

इस साल गर्मियों में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली ने कई ऐसे ऑनलाइन सर्टिफिकेट प्रोग्राम शुरू करने की तैयारी की है, जिनसे जुड़कर युवाओं के करियर को पंख मिल सकता है। यकीनन यह कोर्स पूरा कर युवाओं के पास प्रोफेशनल बनाने का सुनहरा मौका है। आईआईटी दिल्ली ने एचआर मैनेजमेंट, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, डाटा साइंस व मशीन लर्निंग और मार्केटिंग जैसे कई और भी ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स शुरू करने की जानकारी दी है और युवाओं को इसमें शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है।

वर्तमान समय में प्रोफेशनल होना करीब सभी युवाओं की ख्वाहिश है। सभी चाहते हैं कि वह बड़ी-बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों में शान से नौकरी करें। ऐसे युवाओं के लिए ही आईआईटी दिल्ली ने एक खास अवसर प्रदान किया है। किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक कर चुके युवाओं के लिए यह मौका किसी सपने के पूरा होने जैसा साबित हो सकता है।

आईआईटी दिल्ली ने एचआर मैनेजमेंट में सात महीने के ऑनलाइन सर्टिफिकेट प्रोग्राम के लिए युवाओं से आवेदन मांगा है। आईआईटी दिल्ली ने डिजिटल मार्केटिंग, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट और डाटा साइंस व मशीन लर्निंग जैसे कई दूसरे विषयों में ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स के लिए आवेदन मांगा है। यह सभी कोर्स पांच से सात महीने में पूरे हो जाएंगे। 

आईआईटी दिल्ली का सीईपी प्रोग्राम
आईआईटी दिल्ली के कांटीन्यूइंग एजूकेशन प्रोग्राम (सीईपी) के तहत यह सभी कोर्स कराए जा रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी है कि 30 जून से सभी कोर्स शुरू हो जाएंगे। इन सभी कोर्स को ज्वाइन करने के लिए जल्द से जल्द आवेदन करना अनिवार्य होगा। सभी कोर्स के आवेदन की अंतिम तारीख, यह कितने दिन के लिए है, उनके लिए कितनी फीस लगेगी व और भी महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए iitd.eruditus.com पर जाकर देखा जा सकता है।

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