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Delhi News: जेएनयू और डीआरडीओ साइबर सुरक्षा पर मिलकर करेंगे काम
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-दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक सहयोग, अनुसंधान और प्रशिक्षण को लेकर हुआ एमओयू
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के वैज्ञानिक विश्लेषण समूह (डीआरडीओ-एसएजी) साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित कई दूसरे क्षेत्रों में अनुसंधान एवं विकास और शैक्षणिक सहयोग की दिशा में मिलकर काम करेंगे। इस संबंध में दोनों के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ है।
एमओयू के दौरान कुलगुरु प्रो. शांतिश्री डी. पंडित, डीआरडीओ टीम का नेतृत्व एसएजी निदेशक डॉ. एन. राजेश पिल्लई सहित कई दूसरे अधिकारी मौजूद रहे। दोनों संस्थानों के बीच उभरते क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान एवं विकास, शैक्षणिक सहयोग और प्रशिक्षण को लेकर करार हुआ। इसमें साइबर सुरक्षा, एआई, बिग डेटा एनालिटिक्स, क्वांटम संचार, ब्लॉकचेन तकनीक, इंटरनेट ऑफ थिंग्स सुरक्षा, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर विश्लेषण और उन्नत क्रिप्टोलॉजी जैसे अत्याधुनिक क्षेत्र शामिल हैं।
कुलगुरु प्रो. शांतिश्री डी. पंडित ने राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में शिक्षा, उद्योग और सरकार की साझेदारी के महत्व पर बल दिया। साथ ही कहा कि यह सहयोग जेएनयू के छात्रों और शोधकर्ताओं को राष्ट्रीय महत्व की रणनीतिक तकनीकों पर डीआरडीओ के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर काम करने के अवसर प्रदान करेगा।
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एसएजी निदेशक डॉ. एन. राजेश पिल्लई ने कहा, यह साझेदारी ज्ञान के आदान-प्रदान, डॉक्टरेट अनुसंधान के संयुक्त पर्यवेक्षण, इंटर्नशिप और प्रशिक्षण को सुगम बनाएगी। जिससे नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। रक्षा एवं साइबर सुरक्षा में भारत के अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के वैज्ञानिक विश्लेषण समूह (डीआरडीओ-एसएजी) साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) सहित कई दूसरे क्षेत्रों में अनुसंधान एवं विकास और शैक्षणिक सहयोग की दिशा में मिलकर काम करेंगे। इस संबंध में दोनों के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ है।
एमओयू के दौरान कुलगुरु प्रो. शांतिश्री डी. पंडित, डीआरडीओ टीम का नेतृत्व एसएजी निदेशक डॉ. एन. राजेश पिल्लई सहित कई दूसरे अधिकारी मौजूद रहे। दोनों संस्थानों के बीच उभरते क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान एवं विकास, शैक्षणिक सहयोग और प्रशिक्षण को लेकर करार हुआ। इसमें साइबर सुरक्षा, एआई, बिग डेटा एनालिटिक्स, क्वांटम संचार, ब्लॉकचेन तकनीक, इंटरनेट ऑफ थिंग्स सुरक्षा, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर विश्लेषण और उन्नत क्रिप्टोलॉजी जैसे अत्याधुनिक क्षेत्र शामिल हैं।
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कुलगुरु प्रो. शांतिश्री डी. पंडित ने राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में शिक्षा, उद्योग और सरकार की साझेदारी के महत्व पर बल दिया। साथ ही कहा कि यह सहयोग जेएनयू के छात्रों और शोधकर्ताओं को राष्ट्रीय महत्व की रणनीतिक तकनीकों पर डीआरडीओ के वैज्ञानिकों के साथ मिलकर काम करने के अवसर प्रदान करेगा।
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एसएजी निदेशक डॉ. एन. राजेश पिल्लई ने कहा, यह साझेदारी ज्ञान के आदान-प्रदान, डॉक्टरेट अनुसंधान के संयुक्त पर्यवेक्षण, इंटर्नशिप और प्रशिक्षण को सुगम बनाएगी। जिससे नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। रक्षा एवं साइबर सुरक्षा में भारत के अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलेगी।