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Jammu Kashmir : पढ़ाई से दूर हो चुके 90 हजार बच्चों के हाथों में होंगी किताबें, पूरा हुआ अनूठा अभियान

Sun, 18 Jun 2023 06:51 AM IST
दुष्यंत शर्मा सीमा शर्मा, नई दिल्ली
सीमा शर्मा, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 18 Jun 2023 06:51 AM IST
सार

शिक्षा का अधिकार कानून के तहत सभी को शिक्षा से जोड़ने के लिए डेढ़ साल से 26 लाख घरों में चल रहा ‘तलाश’ अभियान मार्च में पूरा हो गया है। इस दौरान करीब 90 हजार ऐसे छात्र मिले, जो कहीं भी नहीं पढ़ रहे थे। इन्हें तीन वर्गों में बांटा गया है।

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Jammu Kashmir: Books will be in the hands of 90 thousand children who have been away from studies
मदरसा

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के 18 साल तक के 90 हजार बच्चों के हाथों में किताबें होंगी। शिक्षा का अधिकार कानून के तहत सभी को शिक्षा से जोड़ने के लिए डेढ़ साल से 26 लाख घरों में चल रहा ‘तलाश’ अभियान मार्च में पूरा हो गया है। इस दौरान करीब 90 हजार ऐसे छात्र मिले, जो कहीं भी नहीं पढ़ रहे थे। इन्हें तीन वर्गों में बांटा गया है।

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शैक्षणिक सत्र 2023 में अब छठीं से आठवीं कक्षा (छह से 14 आयु वर्ग) के 26 हजार छात्रों को सरकारी स्कूलों में दाखिला दिया गया है। जबकि नौवीं से 12वीं तक के (15 से 18 आयु वर्ग) के 36 हजार छात्रों को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (एनआईओएस) में दाखिले को मंजूरी मिल गई है। जम्मू कश्मीर समग्र शिक्षा अभियान और जी-20 शिक्षा कार्यसमूह की बैठक में प्रदेश के कॉर्डिनेटर सैय्यद फैयाज ने बताया कि कोरोना समेत अन्य कारणों से शिक्षा से दूर होने वाले छात्रों की संख्या जानने के मकसद से 2021 के आखिर में ‘तलाश’ अभियान शुरू हुआ था जो मार्च 2023 को पूरा हो गया। करीब 26 लाख घरों में 23 हजार शिक्षकों ने सर्वे किया और पाया कि करीब 90 हजार छात्र शिक्षा से दूर हैं। 
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सरकारी स्कूलों में 1.60 लाख नए छात्र जुड़े
सैय्यद फैयाज का कहना है कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीर घाटी में शिक्षा में क्रांति आ रही है। प्रदेश के हर जिले के स्कूलों में छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सरकारी स्कूल अब पहली पसंद बन रहे हैं। यह बदलाव आर्थिक कारणों से अधिक सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार के कारण आया है। अभिभावकों में भी अब भरोसा बन रहा है। यही कारण है कि ‘तलाश’ अभियान से अलग 2023 सत्र में एक लाख 60 हजार नए विद्यार्थियों ने अलग-अलग कक्षाओं में दाखिला लिया है।
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एनईपी 2020 के तहत बच्चों को तीन वर्गों में बांटा
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत ‘तलाश’ अभियान को तीन वर्गों में बांटा गया है। इसमें तीन से पांच साल आयु वर्ग के 3000 छात्रों को प्री नर्सरी, नर्सरी, लोअर नर्सरी, अपर प्रेप, प्री प्राइमरी में दाखिल किया जा रहा है। इसी तरह केजी या अपर केजी के छात्रों को नए नियमों के तहत बालवाटिका एक, दो और तीन में दाखिला दिया जा रहा है। छह से 14 आयु वर्ग के छठीं से आठवीं कक्षा के 26 हजार छात्रों को सरकारी स्कूलों में दाखिला देने की प्रक्रिया जारी है। इस आयु वर्ग के छात्रों के लिए विशेष अध्ययन केंद्र भी बनाए जाएंगे। सभी जिला प्रशासन से इसके लिए रिपोर्ट मांगी गई है। इसमें शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। ताकि शिक्षा से विभिन्न कारणों से दूर रहने वाले इन छात्रों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जा सके। इसका सारा खर्च केंद्र सरकार देगी।


आगामी सत्र से नीट, जेईई, सीयूईटी की तैयारी मुफ्त : राष्ट्रीय स्तर पर नीट, जेईई, सीयूईटी, यूपीएससी समेत अन्य राष्ट्रीय प्रतियोगी परीक्षाओं में जम्मू-कश्मीर के छात्र बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी को देखते हुए जम्मू कश्मीर प्रशासन और शिक्षा मंत्रालय ने मिलकर सरकारी स्कूलों के होनहार छात्रों को नीट, जेईई, सीयूईटी, यूपीएससी समेत अन्य राष्ट्रीय दाखिला और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का फैसला लिया है। इसका सारा खर्चा केंद्र सरकार देगी।

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