फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Innocent won the battle of life body parts had stopped working younger brother had died

जिंदगी की जंग जीत गया मासूम: शरीर के अंगों ने बंद कर दिया था काम करना, छोटे भाई की हो गई थी मौत, जानें मामला

Tue, 29 Nov 2022 09:19 PM IST
Digvijay Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Digvijay Singh Updated Tue, 29 Nov 2022 09:19 PM IST
सार

मध्यप्रदेश के भिंड में रहने वाले दो भाई ने 31 अक्टूबर को इमली की तरह दिखने वाला पौधे रत्ती का बीच खा लिया था। यह सांप की जहर की तरह काफी विषैला होता है। इसे खाने के कुछ देर बाद ही मौत हो सकती है। बीज खाने के बाद सात साल के बच्चे की हालत खराब हो गई, जबकि उसके पांच साल के भाई ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद सात साल के बच्चे को दिल्ली के गंगाराम अस्पताल लाया गया।

विज्ञापन
Innocent won the battle of life body parts had stopped working younger brother had died
सर गंगा राम अस्पताल - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

रत्ती (ऐब्रस प्रिकैटोरियस) का बीज खाने के बाद सात साल का बच्चा चार दिन तक जिंदगी और मौत से जूझता रहा। इस दौरान उसके शरीर के कई अंगों ने काम करना भी बंद कर दिया था, लेकिन डॉक्टरों की निगरानी व उपचार के बाद वह अब पूरी तरह से ठीक है। करीब एक माह बाद उसके शरीर में किसी भी प्रकार का विषैला कण नहीं है।

विज्ञापन


मध्यप्रदेश के भिंड में रहने वाले दो भाई ने 31 अक्टूबर को इमली की तरह दिखने वाला पौधे रत्ती का बीच खा लिया था। यह सांप की जहर की तरह काफी विषैला होता है। इसे खाने के कुछ देर बाद ही मौत हो सकती है। बीज खाने के बाद सात साल के बच्चे की हालत खराब हो गई, जबकि उसके पांच साल के भाई ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद सात साल के बच्चे को दिल्ली के गंगाराम अस्पताल लाया गया।

विज्ञापन

 


इस बारे में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. धीरेन गुप्ता ने बताया कि इमरजेंसी में आने के समय बच्चे में खूनी दस्त, दिमाग में सूजन समेत जहर के कई लक्षण देखने को मिले। जांच में पता चला कि बच्चे ने रत्ती का बीच खा लिया था। यह काफी घातक होता है। उन्होंने कहा कि इस तरह के मामले में दो घंटे के अंदर पेट की पूरी सफाई करनी होती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

 

डॉक्टरों ने बच्चे को बचाने के लिए टीम बनाई और चार दिनों तक उसका उपचार चला। चौथे दिन वह ठीक हो गया और उसे छुट्टी दे दी गई। वहीं मंगलवार को करीब एक माह बाद उसकी जब फिर से जांच की गई तो वह पूरी तरह से ठीक पाया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed