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गैंगस्टर रोहित का साथी मुठभेड़ के बाद दबोचा गया, बदमाश के पैर में लगी गोली, अस्पताल में भर्ती
Fri, 26 Mar 2021 10:31 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Fri, 26 Mar 2021 10:31 PM IST
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मुठभेड़ स्थल का एक दृश्य।
- फोटो : amar ujala
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दिल्ली के टॉप-10 बदमाशों में शुमार रोहित चौधरी के एक और साथी बदमाश अरुण नागर को शुक्रवार रात को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। आरोपी के पैर में गोली लगी है। उसे एम्स के ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। आरोपी चोरी की आई-20 कार में घूम रहा था।
कार से दस कट्टे व दस कारतूस बरामद किए है। एक वह पिस्टल बरामद की है जिससे उसने एसआई हरवीर पर गोली चलाई थी। अरुण नागर संगम विहार इलाके का गैर हाजिर घोषित बदमाश है और उसके खिलाफ गंभीर अपराधिक वारदातों के 12 से ज्यादा मामला दर्ज हैं। अपराध शाखा पुलिस अधिकारियों के अनुसार मुठभेड़ के समय आरोपी अरूण नगर दिल्ली से फरीदाबाद छिपने जा रहा था। अपराध शाखा ने भैरो मार्ग पर बृहस्पतिवार सुबह मुठभेड़ कर रोहित चौधरी व प्रवीण को गिरफ्तार किया था।
इन दोनों के पैर में गोली लगी थी। इन दोनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और दोनों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। शाखा में तैनात इंस्पेक्टर विकास राणा को सूचना मिली थी कि रोहित का साथी अरुण नागर डेरा मांडी होकर फरीदाबाद जाएगा। एसीपी पंकज सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर विकास राणा, एसआई हरवीर, एएसआई नरेश व सिपाही परविंदर आदि की टीम ने यहां घेराबंदी की।
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पुलिस टीम ने अरुण को सरेंडर करने को कहा तो उसने पुलिस की जिप्सी में टक्कर मार दी और फिर गोली चला दी। गोली एसआई हरवीर की बुलट प्रूफ जैकेट में लगी। इससे एसआई हरबीर बाल-बाल बच गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस टीम ने भी गोली चलाई। इंस्पेक्टर विकास राणा की एक गोली अरुण के बाएं पैर में लगी। उसे एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। आरोपी वर्ष 2014 में संगम विहार में हुई हत्या के मामले में फरार था।
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कार से दस कट्टे व दस कारतूस बरामद किए है। एक वह पिस्टल बरामद की है जिससे उसने एसआई हरवीर पर गोली चलाई थी। अरुण नागर संगम विहार इलाके का गैर हाजिर घोषित बदमाश है और उसके खिलाफ गंभीर अपराधिक वारदातों के 12 से ज्यादा मामला दर्ज हैं। अपराध शाखा पुलिस अधिकारियों के अनुसार मुठभेड़ के समय आरोपी अरूण नगर दिल्ली से फरीदाबाद छिपने जा रहा था। अपराध शाखा ने भैरो मार्ग पर बृहस्पतिवार सुबह मुठभेड़ कर रोहित चौधरी व प्रवीण को गिरफ्तार किया था।
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इन दोनों के पैर में गोली लगी थी। इन दोनों को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई और दोनों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। शाखा में तैनात इंस्पेक्टर विकास राणा को सूचना मिली थी कि रोहित का साथी अरुण नागर डेरा मांडी होकर फरीदाबाद जाएगा। एसीपी पंकज सिंह की देखरेख में इंस्पेक्टर विकास राणा, एसआई हरवीर, एएसआई नरेश व सिपाही परविंदर आदि की टीम ने यहां घेराबंदी की।
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पुलिस टीम ने अरुण को सरेंडर करने को कहा तो उसने पुलिस की जिप्सी में टक्कर मार दी और फिर गोली चला दी। गोली एसआई हरवीर की बुलट प्रूफ जैकेट में लगी। इससे एसआई हरबीर बाल-बाल बच गए। जवाबी कार्रवाई में पुलिस टीम ने भी गोली चलाई। इंस्पेक्टर विकास राणा की एक गोली अरुण के बाएं पैर में लगी। उसे एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। आरोपी वर्ष 2014 में संगम विहार में हुई हत्या के मामले में फरार था।