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दिल्ली: अपराध शाखा के अधिकारी बनकर डकैती डालने के दो आरोपियों को हाईकोर्ट का जमानत देने से इनकार
Sun, 29 Aug 2021 09:20 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 29 Aug 2021 09:20 AM IST
सार
दिल्ली हाईकोर्ट ने डकैती डालने के दो आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर दिया है। आरोपियों पर गंभीर आरोप, साक्ष्यों के नष्ट करने के आरोप हैं। अदालत ने कहा कि आरोपियों ने दिल्ली पुलिस के अधिकारी बनकर लूट को अंजाम दिया और उनका अपराध काफी गंभीर है मामले में गवाहों के बयान दर्ज होने है।
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फाइल फोटो
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विस्तार
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के अधिकारी बनकर डकैती डालने के दो आरोपियों को हाईकोर्ट ने जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा आरोपियों पर गंभीर आरोप है ऐसे में उन्हें जमानत देना उचित नहीं है।
न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर ने अपने फैसले में आरोपी मुदासिर नाजिर भाट व मनजीत कुमार उर्फ रोनी की जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा कि पेश साक्ष्यों से स्पष्ट है कि उक्त दोनों आरोपियों के अलावा उनके चार अन्य साथियों ने 16 मार्च 21 को घिटोरनी में एक दुकान का ताला तोड़ कर इलैक्टोनिक सामान को लूटा और विरोध करने वालों को स्वयं अपराध शाखा के अधिकारी बताया।
इतना ही नहीं आरोपियों ने बाद में दुकान के मालिक को व्हाट्सएप के जरिए संदेश भेज लूटे गए सामान को वापस करने के लिए पैसे मांगे। अदालत ने कहा इसी संदेश के जरिए सभी आरोपी गिरफ्तार हुए व उनके पास से गए लैपटॉप, आईपैड, घड़ियां, कैमरा इत्यादि सामान बरामद हुआ है।
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अदालत ने कहा कि आरोपियों ने दिल्ली पुलिस के अधिकारी बनकर लूट को अंजाम दिया और उनका अपराध काफी गंभीर है मामले में गवाहों के बयान दर्ज होने है। ऐसे में अपराध की गंभीरता को देखते हुए उन्हें जमानत देना उचित नहीं है वे गवाहों को धमकाने व साक्ष्यों को नष्ट कर सकते है।
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न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर ने अपने फैसले में आरोपी मुदासिर नाजिर भाट व मनजीत कुमार उर्फ रोनी की जमानत अर्जी खारिज करते हुए कहा कि पेश साक्ष्यों से स्पष्ट है कि उक्त दोनों आरोपियों के अलावा उनके चार अन्य साथियों ने 16 मार्च 21 को घिटोरनी में एक दुकान का ताला तोड़ कर इलैक्टोनिक सामान को लूटा और विरोध करने वालों को स्वयं अपराध शाखा के अधिकारी बताया।
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इतना ही नहीं आरोपियों ने बाद में दुकान के मालिक को व्हाट्सएप के जरिए संदेश भेज लूटे गए सामान को वापस करने के लिए पैसे मांगे। अदालत ने कहा इसी संदेश के जरिए सभी आरोपी गिरफ्तार हुए व उनके पास से गए लैपटॉप, आईपैड, घड़ियां, कैमरा इत्यादि सामान बरामद हुआ है।
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अदालत ने कहा कि आरोपियों ने दिल्ली पुलिस के अधिकारी बनकर लूट को अंजाम दिया और उनका अपराध काफी गंभीर है मामले में गवाहों के बयान दर्ज होने है। ऐसे में अपराध की गंभीरता को देखते हुए उन्हें जमानत देना उचित नहीं है वे गवाहों को धमकाने व साक्ष्यों को नष्ट कर सकते है।
दुकान के मालिक के पास आरोपी ने मोहित के नाम से मैसेज देकर लूटे गए सामान के बदले पैसे मांगे थे। पुलिस ने इसी आधार पर गुड़गांव के सेक्टर 46 से सुमित कुमार को गिरफ्तार किया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी मनजीत कुमार, राघविंद्र कुंडू, संजय कपूर, सौरभ भाटिया, मुदासिर इत्यादि को गिरफ्तार किया था।
याची के अधिवक्ता ने कहा कि उनके मुवक्किलों को फर्जी मामले में फंसाया गया है वे करीब 20 वर्ष के युवा हैं। वहीं सरकारी वकील ने कहा कि आरोपियों के पास से लूटा गया सामान बरामद किया है उन्होंने पुलिस अधिकारी बनकर लूट को अंजाम दिया था। ऐसे में जमानत न दी जाए।
याची के अधिवक्ता ने कहा कि उनके मुवक्किलों को फर्जी मामले में फंसाया गया है वे करीब 20 वर्ष के युवा हैं। वहीं सरकारी वकील ने कहा कि आरोपियों के पास से लूटा गया सामान बरामद किया है उन्होंने पुलिस अधिकारी बनकर लूट को अंजाम दिया था। ऐसे में जमानत न दी जाए।