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26 जनवरी हिंसा मामला: सिख समुदाय के खिलाफ भ्रामक खबरों पर रोक लगाने के मुद्दे पर एक चैनल सहित चार से जवाब तलब

Mon, 01 Feb 2021 11:44 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 01 Feb 2021 11:44 PM IST
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High court issues notice to news channel and press council of India on a plea
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने राजधानी में गणतंत्र दिवस पर ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा को लेकर सिख समुदाय के खिलाफ आम लोगों की भावनाओं को भड़काने के मामले में एक चैनल व अन्य को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अदालत ने यह नोटिस पूर्व केंद्रीय मंत्री सुखदेव सिंह ढींढसा व दिल्ली सिख गुुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के पूर्व अध्यक्ष मनजीत सिंह जीके के द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है।
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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल व न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ ने उक्त चैनल के अलावा न्यूज ब्रॉडकास्टर एसोसिएशन, प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया व सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न याचिका स्वीकार कर ली जाए। अदालत ने मामले की सुनवाई 26 फरवरी तय की है।
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याचिकाकर्ताओं ने तर्क रखा कि हिंसा को लेकर समाचार चैनलों विशेष कर एक चैनल में दिखाया जा रहा है कि ट्रैक्टर परेड के दौरान उत्तर प्रदेश की राम मंदिर की झांकी को नुकसान पहुंचाया गया है। हालांकि असामाजिक तत्वों ने अन्य झांकियों को भी नुकसान पहुंचाया लेकिन मात्र मंदिर की झांकी को दिखाकर सिख समुदाय के खिलाफ लोगों को भड़काया जा रहा है।
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उन्होंने अदालत से पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी बनाने और दोषियों पर कार्रवाई का निर्देश देने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी मांगो को लेकर शांति पूर्ण तरीके से धरना कर रहे हैं और उन्होंने सरकार से मंजूरी लेकर ट्रैक्टर परेड निकालने का निर्णय किया था। कुछ असामाजिक तत्वों ने रैली में घुस कर माहौल को खराब किया।

उन्होंने कहा कि इसी प्रकार सोशल मीडिया में भी लगातार फर्जी विडियो के जरिये सिख समुदाय की छवि खराब की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार भ्रामक खबरें चलाने से सिख समुदाय के लोगों के जानमाल का खतरा पैदा हो गया है। इसके अलावा उनकी छवि भी खराब की जा रही है। बावजूद इसके केंद्र सरकार व अन्य पक्षों ने इसे रोकने के लिए कोई भी कदम नहीं उठाया।
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