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आईएमए अध्यक्ष की निचली अदालत के आदेश को चुनौती याचिका खारिज

Wed, 28 Jul 2021 12:15 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 28 Jul 2021 12:15 AM IST
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high court dissmisses plea against trial court order moved by IMA chief
नई दिल्ली। उच्च न्यायालय ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) अध्यक्ष जे ए जयलाल की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने किसी भी धर्म का प्रचार करने के लिए संस्था के मंच का उपयोग नहीं करने संबंधी निचली अदालत के आदेश को चुनौती दी थी। निचली अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि जिम्मेदार पद पर आसीन व्यक्ति से स्तरहीन टिप्पणियों की उम्मीद नहीं की जा सकती।
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न्यायमूर्ति आशा मेनन ने अपने फैसले में याचिका खारिज करते हुए कहा कि निचली अदालत के आदेश में ऐसा कोई भी तथ्य गलत नहीं है जिससे याची प्रभावित होता हो। निचली अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए जयलाल की ओर से पेश वकील तन्मय मेहता ने दावा किया कि आईएमए प्रमुख ने निचली अदालत को ऐसा कोई आश्वासन कभी नहीं दिया क्योंकि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है।
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उन्होंने निचली अदालत के आदेश में जयलाल के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर रोक लगाने का अनुरोध करते हुए कहा कि इससे उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित हो रही है क्योंकि वह एक ऐसे संगठन का नेतृत्व कर रहे हैं जिसके 3.5 लाख डॉक्टर सदस्य हैं। उन्होंने दलील दी कि जयलाल और योग गुरु रामदेव के बीच टेलीविजन पर कोई बहस नहीं हुई थी। वह ईसाई धर्म सहित किसी भी धर्म का प्रचार नहीं कर रहे हैं। निचली अदालत के समक्ष दायर मुकदमा फर्जी खबरों पर आधारित था।
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निचली अदालत ने कोविड-19 रोगियों के इलाज में आयुर्वेद पर एलोपैथिक दवाओं की श्रेष्ठता साबित करने की आड़ में ईसाई धर्म को बढ़ावा देकर हिंदू धर्म के खिलाफ अपमानजनक अभियान शुरू करने का आरोप लगाने संबंधी जयलाल के खिलाफ दायर याचिका पर आदेश पारित किया था।

शिकायतकर्ता रोहित झा ने निचली अदालत के समक्ष आरोप लगाया था कि जयलाल अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं और हिंदुओं को ईसाई बनाने के लिए देश तथा नागरिकों को गुमराह कर रहे हैं। झा ने आईएमए के अध्यक्ष के लेखों और साक्षात्कारों का हवाला देकर अदालत से आग्रह किया कि उन्हें हिंदू धर्म या आयुर्वेद के प्रति अपमानजनक सामग्री लिखने, मीडिया में बोलने या प्रकाशित करने से रोकने का निर्देश दें।
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