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अमानतुल्ला खान के नामांकन को चुनौती देने वाली याचिका खारिज
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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने दिल्ली वक्फ बोर्ड के सदस्य के तौर पर आम आदमी पार्टी के विधायक अमानतुल्ला खान के नामांकन को चुनौती देने वाली याचिका शुक्रवार को खारिज कर दी। आप विधायक को याचिका में पक्ष न बनाने पर याची पर हाईकोर्ट ने 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। याचिका में आरोप लगाया गया कि वक्फ बोर्ड के सदस्य के तौर पर अमानतुल्ला खान का नामांकन उचित नहीं है।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने कहा कि यह जनहित याचिका नहीं है और इसमें अमानतुलला खान के खिलाफ आरोप लगाए जाने के बावजूद उन्हें पक्ष नहीं बनाया गया, जो जरूरी था। अदालत का समय नष्ट करने पर पीठ ने याचिकाकर्ता को 25 हजार रुपये मुकदमा खर्च के तौर पर भुगतान करने का निर्देश दिया।
पीठ ने कहा याचिका उचित तथ्यों के साथ दायर नहीं की गई। लिहाजा इसे खारिज किया जाता है। यह याचिका मोहम्मद तोफैल खान की ओर से दायर की गई। याचिका में आरोप लगाया गया कि अमानतुल्ला की छवि साफ नहीं है। उन पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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याचिका में कहा गया कि 2016 में दिल्ली के उपराज्यपाल ने अमानतुल्ला खान के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत की थी, जिसके आधार पर सीबीआई ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। 2019 में बोर्ड के सीईओ और एक सदस्य ने भी उन पर हजारों करोड़ रुपये की वक्फ बोर्ड की जमीन का कथित रूप से गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। भ्रष्टाचार रोधी शाखा ने भी उन पर मामला दर्ज किया था।
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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति प्रतीक जालान की पीठ ने कहा कि यह जनहित याचिका नहीं है और इसमें अमानतुलला खान के खिलाफ आरोप लगाए जाने के बावजूद उन्हें पक्ष नहीं बनाया गया, जो जरूरी था। अदालत का समय नष्ट करने पर पीठ ने याचिकाकर्ता को 25 हजार रुपये मुकदमा खर्च के तौर पर भुगतान करने का निर्देश दिया।
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पीठ ने कहा याचिका उचित तथ्यों के साथ दायर नहीं की गई। लिहाजा इसे खारिज किया जाता है। यह याचिका मोहम्मद तोफैल खान की ओर से दायर की गई। याचिका में आरोप लगाया गया कि अमानतुल्ला की छवि साफ नहीं है। उन पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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याचिका में कहा गया कि 2016 में दिल्ली के उपराज्यपाल ने अमानतुल्ला खान के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत की थी, जिसके आधार पर सीबीआई ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया था। 2019 में बोर्ड के सीईओ और एक सदस्य ने भी उन पर हजारों करोड़ रुपये की वक्फ बोर्ड की जमीन का कथित रूप से गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। भ्रष्टाचार रोधी शाखा ने भी उन पर मामला दर्ज किया था।