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हाईकोर्ट सख्त: केंद्र-दिल्ली सरकार से 24 घंटे में मांगी कोरोना मरीज के लिए बेडों की जानकारी, ऑक्सीजन आपूर्ति सुचारु करने के दिए निर्देश
Mon, 19 Apr 2021 10:00 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Mon, 19 Apr 2021 10:00 PM IST
सार
कोरोना के गंभीर हालात के मद्देनजर हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार से कोरोना मरीजों के लिए सुरक्षित बेड की संख्या की जानकारी 24 घंटे के भीतर मांगी है। इन सरकारों को मंगलवार तक अपना जवाब दाखिल करने हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
कोरोना के गंभीर हालात के मद्देनजर हाईकोर्ट ने केंद्र और दिल्ली सरकार से कोरोना मरीजों के लिए सुरक्षित बेड की संख्या की जानकारी 24 घंटे के भीतर मांगी है। इन सरकारों को मंगलवार तक अपना जवाब दाखिल करने हैं। इसके अलावा हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी का हल निकालने के लिए कहा है।
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हाईकोर्ट ने कोरोना संक्रमण के मौजूदा हालात पर चिंता जताई और केंद्र सरकार से राज्यों में ऑक्सीजन आपूर्ति की स्थिति का पता लगाने का निर्देश दिया। अदालत ने अधिक जरूरत वाले स्थानों पर आपूर्ति बढ़ाने का भी निर्देश दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि ये साफ है कि स्वास्थ्य सुविधाओं का बुनियादी ढांचा धराशायी हो गया है।
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हाईकोर्ट ने ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली फर्म आईनोक्स को कांट्रेक्ट का सम्मान करते हुए दिल्ली के अस्पतालों में आपूर्ति करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि वह फौरन दिल्ली के अस्पतालों के लिए 140 मीट्रिक टन सप्लाई को बहाल करे। ताकि सरकार इसे जरूरतमंद अस्पतालों को भेज सके।
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हाईकोर्ट ने ये निर्देश उस याचिका पर दोबारा सुनवाई शुरू करते हुए दिया, जिसमें कोरोना की जांच व बुनियादी सुविधाएं बढ़ाने की मांग की गई थी। अदालत ने इस बात पर गौर किया कि कोरोना संक्रमण दोबारा अपना सिर उठा रहा है और बीमारी इस बार कहीं ज्यादा तेजी से फैल रही है। अदालत ने कहा बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की स्थिति बिल्कुल धराशायी हो चुकी है।
केंद्र ने कहा कि कदम उठा रहे
केंद्र सरकार की स्थायी अधिवक्ता मोनिका अरोड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार ने अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन सप्लाई के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इससे संबंधित विवरण का ब्यौरा वह हलफनामे में पेश करेगी। याचिकाकर्ता अधिवक्ता राकेश मल्होत्रा ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली सरकार की चेतावनी के बाद घरों से नमूने और नई जांच करनी बंद कर दी है। दिल्ली सरकार ने 24 घंटे में रिपोर्ट देने या फिर कार्रवाई की चेतावनी दी थी। अदालत ने कहा कि वह सरकार के इस रवैये को सही नहीं मानते। अदालत ने कहा कि सरकार का ये निर्देश लागू नहीं किया जाएगा।