{"_id":"607745458ebc3ed3802fa0db","slug":"he-village-head-of-up-is-the-guardian-of-gogi-ashram-news-noi577180015","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपी का ग्राम प्रधान है गोगी का सरपरस्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
यूपी का ग्राम प्रधान है गोगी का सरपरस्त
विज्ञापन
नई दिल्ली (पुरुषोत्तम वर्मा)। उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजधानी में आतंक के पर्याय सरगना जितेंद्र मान उर्फ गोगी को यूपी के एक ग्राम प्रधान का सरपरस्ती मिली हुई थी। गोगी इस प्रधान के साथ हरियाणा के जींद में रहने वाले अपने एक रिश्तेदार को अपनी काली कमाई निवेश के लिए देता था। यह रिश्तेदार शराब कारोबारी है और उसके कई ठेके हैं। माना जा रहा है कि गोगी के पास पांच से छह करोड़ की रकम है। यह उसने इन दोनों को दे रखी है। गोगी की किसी प्रॉपर्टी का पता नहीं चला है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गोगी से पूछताछ में इन दोनों सफेदपोशों की भूमिका सामने आ रही है। स्पेशल सेल के इस वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन लोगों को जल्द ही नोटिस देकर पूछताछ में शामिल होने के लिए कहा जाएगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गोगी ने पूछताछ में कबूल किया है कि वह फरारी के दौरान इन दोनों के पास ही रहा था। गोगी गिरोह का बदमाश कुलदीप मान उर्फ फज्जा जीटीबी अस्पताल से फिल्मी स्टाइल में फरार हो गया था। उसे स्पेशल सेल ने पिछले सप्ताह रोहिणी के एक अपार्टमेंट में ढेर कर दिया था।
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जितेंद्र मान ने पूछताछ में बताया कि दीपक बॉक्सर और विकास को छोड़कर गिरोह के ज्यादातर अहम सदस्य जेल में हैं। गिरोह का आतंक कम हो रहा था और विरोधी हावी होते जा रहे थे। ऐसे में गिरोह के किसी बड़े बदमाश का जेल से बाहर होना जरूरी थी। फज्जा को बाहर भेजने के लिए उसकी फरारी की साजिश रची गई थी। मंडोली जेल में तीन-चार महीने तक फज्जा को भगाने की साजिश रची गई थी।
विज्ञापन
स्पेशल सेल के लोदी कॉलोनी में तैनात एसीपी ललित मोहन नेगी और हृदय भूषण की टीम ने गोगी गिरोह के खिलाफ मकोका लगाया हुआ है। गोगी गिरोह के खिलाफ वर्ष 2018 में मकोका लगाया गया था। स्पेशल सेल ने अब जितेंद्र मान उर्फ गोगी को मंडोली और रोहित उर्फ मोई को तिहाड़ जेल से प्रोडक्शन वांरट पर लेकर मकोका (महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट) में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों को 15-15 दिन के रिमांड पर ले रखा है।
विज्ञापन
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गोगी से पूछताछ में इन दोनों सफेदपोशों की भूमिका सामने आ रही है। स्पेशल सेल के इस वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन लोगों को जल्द ही नोटिस देकर पूछताछ में शामिल होने के लिए कहा जाएगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गोगी ने पूछताछ में कबूल किया है कि वह फरारी के दौरान इन दोनों के पास ही रहा था। गोगी गिरोह का बदमाश कुलदीप मान उर्फ फज्जा जीटीबी अस्पताल से फिल्मी स्टाइल में फरार हो गया था। उसे स्पेशल सेल ने पिछले सप्ताह रोहिणी के एक अपार्टमेंट में ढेर कर दिया था।
विज्ञापन
स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जितेंद्र मान ने पूछताछ में बताया कि दीपक बॉक्सर और विकास को छोड़कर गिरोह के ज्यादातर अहम सदस्य जेल में हैं। गिरोह का आतंक कम हो रहा था और विरोधी हावी होते जा रहे थे। ऐसे में गिरोह के किसी बड़े बदमाश का जेल से बाहर होना जरूरी थी। फज्जा को बाहर भेजने के लिए उसकी फरारी की साजिश रची गई थी। मंडोली जेल में तीन-चार महीने तक फज्जा को भगाने की साजिश रची गई थी।
विज्ञापन
स्पेशल सेल के लोदी कॉलोनी में तैनात एसीपी ललित मोहन नेगी और हृदय भूषण की टीम ने गोगी गिरोह के खिलाफ मकोका लगाया हुआ है। गोगी गिरोह के खिलाफ वर्ष 2018 में मकोका लगाया गया था। स्पेशल सेल ने अब जितेंद्र मान उर्फ गोगी को मंडोली और रोहित उर्फ मोई को तिहाड़ जेल से प्रोडक्शन वांरट पर लेकर मकोका (महाराष्ट्र कंट्रोल ऑफ ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट) में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों को 15-15 दिन के रिमांड पर ले रखा है।