फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Gulfisha said – no proof of speech or use of chili powder

Delhi Riots : गुलफिशा ने कहा-भाषण या मिर्च पाउडर के इस्तेमाल का सबूत नही, दूसरे मामले में जेल अधिकारी तलब

Sat, 07 Jan 2023 02:13 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 07 Jan 2023 02:13 AM IST
विज्ञापन
Gulfisha said – no proof of speech or use of chili powder
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई

दिल्ली दंगा मामलों में आरोपी गुलफिशा फातिमा ने शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि यह दिखाने के लिए कोई सबूत नहीं है कि उसने कोई भाषण दिया था या मिर्च पाउडर का इस्तेमाल किया था या महिलाओं को इकट्ठा करने के लिए प्रोत्साहित किया था। उन्होंने कहा दिल्ली पुलिस का आरोप निराधार है ऐसे में वह जमानत की हकदार है।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर की विशेष पीठ दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा की ओर से दर्ज मामले में गुलफिशा को जमानत देने से इनकार करने के निचली अदालत के आदेश के खिलाफ उसकी अपील पर सुनवाई कर रही है।
विज्ञापन


गुलफिशा की ओर से पेश वकील ने पीठ के समक्ष तर्क रखा कि गुलफिशा से किसी सामग्री की बरामदगी नहीं हुई है। जिस समय गुलफिशा को गिरफ्तार किया गया था उस समय पुलिस ने केवल एक गवाह का बयान दर्ज किया था। वकील ने हालांकि कहा कि उक्त बयान प्रकृति में सामान्य है और किसी घटना के लिए विशिष्ट नहीं है। उक्त गवाहों का बयान अभियोजन पक्ष के उभरते आख्यान में फिट होने के लिए दर्ज किया गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


जेल अधिकारी तलब...
एक अन्य मामले में अदालत ने दिल्ली दंगों के आरोपी शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा और शिफा-उर-रहमान को परिवार से टेलीफोन पर बातचीत की सुविधा वापस लेने पर तिहाड़ जेल अधीक्षकों और विधि अधिकारी (जेल) को तलब किया है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत की अदालत के समक्ष उपस्थित तीनों आरोपियों की ओर से पेश वकीलों ने कहा कि दिल्ली जेल नियम, 2018 के नियम 631 के तहत कॉलिंग की सुविधा दी जा रही थी, लेकिन अधिसूचना के बाद इसे बंद कर दिया गया।


अदालत को बताया गया कि अधीक्षक जेल नंबर 8 का एक पत्र रिकॉर्ड में है जिसमें कहा गया है कि कॉल करने की सुविधा सह-आरोपी मीरान हैदर को दी जा रही थी, क्योंकि उनकी राय थी कि नियम 631 यूएपीए को कवर नहीं करता है। अदालत ने विधि अधिकारी (जेल) (मुख्यालय) को 7 जनवरी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है। अब इस मामले की सुनवाई 7 जनवरी को होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed