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दर्दनाक: कोरोना की चपेट में पूरा परिवार, 7 दिन में पिता-दादी को खोया, मदद के लिए भी नहीं आए पड़ोसी
Fri, 07 May 2021 08:53 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 07 May 2021 08:53 AM IST
सार
द्वारका साउथ इलाके में पुलिस ने इंसानियत का धर्म निभाते हुए एक बुजुर्ग महिला के शव का अंतिम संस्कार करवाया। दरअसल कोई भी पड़ोसी या रिश्तेदार उनके अंतिम संस्कार के लिए सामने नहीं आ रहे थे। एक सप्ताह पूर्व ही महिला के बेटे की मौत हुई थी। बहू अस्पताल में जिंदगी से जंग लड़ रही है। अब दो नाबालिगों की देखभाल बुजुर्ग ही कर रही थी। उनकी भी मौत हो गई।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
देश की राजधानी दिल्ली में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। बुजुर्ग की मौत के बाद किसी पड़ोसी ने मदद नहीं की। इसके बाद द्वारका साउथ इलाके में पुलिस ने इंसानियत का धर्म निभाते हुए एक बुजुर्ग महिला के शव का अंतिम संस्कार करवाया।
दरअसल कोई भी पड़ोसी या रिश्तेदार उनके अंतिम संस्कार के लिए सामने नहीं आ रहे थे। एक सप्ताह पूर्व ही महिला के बेटे की मौत हुई थी। बहू अस्पताल में जिंदगी से जंग लड़ रही है। अब दो नाबालिगों की देखभाल बुजुर्ग ही कर रही थी। उनकी भी मौत हो गई।
पुलिस ने सूचना मिलने के बाद बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार करवाया। इसके अलावा दोनों नाबालिगों की देखभाल का जिम्मा एक एनजीओ सौंपा। द्वारका जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बृस्पतिवार सुबह 9.59 बजे पुलिस को एक शख्स ने कॉल कर सूचना दी थी कि लवली अपार्टमेंट के एक फ्लैट में रहने वाले उसके दोस्त की मां का देहांत हो गया है।
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एक सप्ताह पूर्व ही दोस्त की कोरोना से मौत हुई थी। दोस्त की पत्नी अस्पताल में भर्ती है। घर में दोनों बेटियों की देखभाल दादी कर रही थी। बृस्पतिवार को दादी की भी मौत हो गई। कोरोना के कारण कोई भी परिवार की मदद करने नहीं आ रहा है।
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दरअसल कोई भी पड़ोसी या रिश्तेदार उनके अंतिम संस्कार के लिए सामने नहीं आ रहे थे। एक सप्ताह पूर्व ही महिला के बेटे की मौत हुई थी। बहू अस्पताल में जिंदगी से जंग लड़ रही है। अब दो नाबालिगों की देखभाल बुजुर्ग ही कर रही थी। उनकी भी मौत हो गई।
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पुलिस ने सूचना मिलने के बाद बुजुर्ग महिला का अंतिम संस्कार करवाया। इसके अलावा दोनों नाबालिगों की देखभाल का जिम्मा एक एनजीओ सौंपा। द्वारका जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बृस्पतिवार सुबह 9.59 बजे पुलिस को एक शख्स ने कॉल कर सूचना दी थी कि लवली अपार्टमेंट के एक फ्लैट में रहने वाले उसके दोस्त की मां का देहांत हो गया है।
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एक सप्ताह पूर्व ही दोस्त की कोरोना से मौत हुई थी। दोस्त की पत्नी अस्पताल में भर्ती है। घर में दोनों बेटियों की देखभाल दादी कर रही थी। बृस्पतिवार को दादी की भी मौत हो गई। कोरोना के कारण कोई भी परिवार की मदद करने नहीं आ रहा है।
सूचना मिलने के बाद फौरन एसआई सुनील धनंजय, सिपाही सुनील मृतका के घर पहुंचे। वहां बुजुर्ग का शव ले जाने के लिए एंबुलेंस का इंतजाम किया। इसके बाद सेक्टर-24 के शमशान घाट में उनका अंतिम संस्कार करवाया। इसके बाद एक एनजीओ को दोनों बहनों की जिम्मेदारी देकर उनके रहने खाने पीने की व्यवस्था की। दोनों बहनें भी कोविड पॉजिटिव हैं। मृतक का दोस्त पुलिस का धन्यवाद करता नहीं थक रहा।