सहेली की जुबानी किशोरी की कहानी: चार साल से एक दूसरे को जानते थे दोनों, 10 दिन से मेरे ही घर थी मेरी दोस्त
मृतक लड़की की सहेली ने बताया कि वह नाबालिग को सात-आठ माह से जानती थी। वहीं दूसरी तरफ बताया कि साहिल और उसकी गर्लफ्रेंड तीन-चार साल से एक दूसरे को जानते थे।
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शाहबाद डेयरी इलाके में नाबालिग की हत्या ने सबको झकझोर कर रख दिया है। नाबालिग के परिजनों ने आरोपी से पहचान होने की बात पर इनकार किया है, जबकि उसकी सहेली नीतू का कहना है कि नाबालिग और साहिल एक-दूसरे को तीन-चार साल से जानते थे। साहिल का नीतू के घर आना-जाना भी था। नीतू के मुताबिक, बीते कुछ दिनों से नाबालिग और साहिल के बीच मनमुटाव चल रहा था। दोनों में बातचीत तक नहीं हो रही थी। नीतू का कहना है कि इसकी जानकारी भी नाबालिग ने ही उसको दी थी। वहीं, अपने साथ नाबालिग की दोस्ती पर नीतू का कहना था कि उसकी जान-पहचान ज्यादा पुरानी नहीं है। छह-सात माह से उसकी जान पहचान हुई थी। उधर, पुलिस सूत्रों का कहना है कि नीतू का पति एक मामले में जेल में बंद है।
नाबालिग और नीतू में 8 महीने में हो गई थी गहरी दोस्ती
नीतू ने बताया कि नाबालिग अक्सर उसके घर आकर रहती थी। इससे दोनों में दोस्ती गहरी हो गई थी। हत्या से दस दिन पहले से वह उसके घर रह रही थी। पति के साथ न होने से उसको भी नाबालिग का साथ मिलने से सहूलियत हो गई थी। रविवार को उसकी बेटी का जन्मदिन था। दोनों मिलकर इसकी तैयारी कर रहे थे। जिस वक्त की घटना है, उस वक्त नाबालिग नीतू के घर से पास में रहने वाली दोस्त के पास जा रही थी। रास्ते में साहिल घात लगाए हुए था। मौका देखकर उसने हमला कर दिया और नाबालिग की दर्दनाक मौत हो गई। नाबालिग के पिता ने बताया कि उसकी बेटी नीतू के घर रहती थी। उसने बताया था कि वह 20 से 22 तारीख तक घर आने की बात कही थी।
साहिल का किसी से नहीं हुआ था झगड़ा
साहिल दिल्ली के प्रह्ललादपुर के जैन कॉलोनी बरवाला में अपने पिता सरफराज, मां और तीन बहनों के साथ किराए के मकान में रहता था। उसके मकान मालिक ने बताया कि उसका पिता मजदूरी करता है, जबकि साहिल फ्रिज और एसी की मरम्मत का काम करता था। मकान मालिक ने बताया कि साहिल को कभी भी इलाके में किसी से लड़ते हुए नहीं देखा था।