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तुर्कमान गेट में गिरी चार मंजिला इमारत
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नई दिल्ली। पुरानी दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में रविवार सुबह 10:20 बजे चार मंजिला इमारत मकान नंबर-2263 भरभराकर जमींदोज हो गई। गनीमत रही कि इससे पहले ही इस इमारत के साथ आसपास की कुछ अन्य बिल्डिंगों को खाली करा लिया गया था। गिरी इमारत का मलबा आसपास की तीन इमारतों तक पहुंचा। इससे उन्हें भी नुकसान पहुंचा है। फिलहाल हादसे में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि पड़ोस में एक अन्य बिल्डिंग के निर्माण के लिए गड्ढा खोदा गया था। इसकी वजह से बिल्डिंग में दरार आनी शुरू हो गई थी। शनिवार रात दरार बढ़ी तो लोगों ने उसे आनन-फानन में खाली कर दिया। चांदनी महल थाना पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज किया है।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि करीब डेढ़ साल पहले 80 गज के प्लॉट पर चार मंजिला इमारत का निर्माण किया गया था। एक फ्लोर पर दो फ्लैट थे, जिनमें नौ परिवार रहते थे। करीब 15-20 दिन पहले बराबर में दूसरी इमारत बनाने का काम शुरू हुआ था। निर्माण करा रहे बिल्डर ने इसमें एक बड़ा गड्ढा खोद दिया था। स्थानीय लोगों के साथ गिरने वाली बिल्डिंग में रहने वाले लोगों ने इसका विरोध भी किया था। इमारत के निवासी इकबाल खान ने बताया कि कुछ दिन पूर्व बिल्डिंग में दरारें आ गई थीं। इसके बाद लोगों में डर बढ़ गया था।
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शनिवार को अचानक दरार बढ़ने लगी और थोड़ा-बहुत मलबा गिरने लगा। इस पर ज्यादातर परिवारों ने बिल्डिंग को आनन-फानन में खाली कर दिया। डर के कारण वे अपना सामान भी नहीं निकाल पाए। इकबाल ने बताया कि यहां इरफान, फरीद, असलम, आरिफ और फहीम आदि रहते थे। सुबह दूसरी मंजिल पर एक परिवार मौजूद था। अचानक बिल्डिंग में हलचल हुई तो उन्होंने शोर मचाकर इस परिवार को बाहर निकलवा दिया। बिल्डिंग वाली गली भी काफी संकरी है। स्थानीय लोगों ने पहले ही पड़ोस की छह इमारतों को खाली करा लिया था।
इस इमारत का मलबा हटाने के लिए उत्तरी निगम ने दो जेसीबी, तीन डंपर और 30 मजदूरों को लगाया है। महापौर जयप्रकाश ने बताया कि रविवार सुबह एसडीएम कार्यालय से सूचना मिलने पर मलबा हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। उन्होंने बताया कि भवन में कोई निर्माण कार्य नहीं चल रहा था। घटनास्थल पर किसी के हताहत होने की रिपोर्ट भी नहीं है। भवन में रह रहे लोगों को पड़ोसियों ने पहले ही सुरक्षित निकाल लिया था। जयप्रकाश ने निगम अधिकारियों ने ऐसे अन्य भवनों को चिह्नित करने का निर्देश दिया है, जो खतरनाक हो सकते हैं।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि पड़ोस में एक अन्य बिल्डिंग के निर्माण के लिए गड्ढा खोदा गया था। इसकी वजह से बिल्डिंग में दरार आनी शुरू हो गई थी। शनिवार रात दरार बढ़ी तो लोगों ने उसे आनन-फानन में खाली कर दिया। चांदनी महल थाना पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज किया है।
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जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि करीब डेढ़ साल पहले 80 गज के प्लॉट पर चार मंजिला इमारत का निर्माण किया गया था। एक फ्लोर पर दो फ्लैट थे, जिनमें नौ परिवार रहते थे। करीब 15-20 दिन पहले बराबर में दूसरी इमारत बनाने का काम शुरू हुआ था। निर्माण करा रहे बिल्डर ने इसमें एक बड़ा गड्ढा खोद दिया था। स्थानीय लोगों के साथ गिरने वाली बिल्डिंग में रहने वाले लोगों ने इसका विरोध भी किया था। इमारत के निवासी इकबाल खान ने बताया कि कुछ दिन पूर्व बिल्डिंग में दरारें आ गई थीं। इसके बाद लोगों में डर बढ़ गया था।
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शनिवार को अचानक दरार बढ़ने लगी और थोड़ा-बहुत मलबा गिरने लगा। इस पर ज्यादातर परिवारों ने बिल्डिंग को आनन-फानन में खाली कर दिया। डर के कारण वे अपना सामान भी नहीं निकाल पाए। इकबाल ने बताया कि यहां इरफान, फरीद, असलम, आरिफ और फहीम आदि रहते थे। सुबह दूसरी मंजिल पर एक परिवार मौजूद था। अचानक बिल्डिंग में हलचल हुई तो उन्होंने शोर मचाकर इस परिवार को बाहर निकलवा दिया। बिल्डिंग वाली गली भी काफी संकरी है। स्थानीय लोगों ने पहले ही पड़ोस की छह इमारतों को खाली करा लिया था।
इस इमारत का मलबा हटाने के लिए उत्तरी निगम ने दो जेसीबी, तीन डंपर और 30 मजदूरों को लगाया है। महापौर जयप्रकाश ने बताया कि रविवार सुबह एसडीएम कार्यालय से सूचना मिलने पर मलबा हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। उन्होंने बताया कि भवन में कोई निर्माण कार्य नहीं चल रहा था। घटनास्थल पर किसी के हताहत होने की रिपोर्ट भी नहीं है। भवन में रह रहे लोगों को पड़ोसियों ने पहले ही सुरक्षित निकाल लिया था। जयप्रकाश ने निगम अधिकारियों ने ऐसे अन्य भवनों को चिह्नित करने का निर्देश दिया है, जो खतरनाक हो सकते हैं।