Delhi : दिल्ली की सड़कों पर हादसों में रोजाना जा रही है चार लोगों की जान, रात में होती हैं अधिक दुर्घटनाएं
बढ़ते ट्रैफिक के बीच लापरवाही और जल्दबाजी के चक्कर में हर दिन औसतन 18 सड़क हादसे हो रहे हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों पर गौर करें तो रात के समय सड़क हादसों में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बहुत ज्यादा है।
विस्तार
राजधानी की सड़कों पर रोज वाहनों का दबाव बढ़ता ही जा रहा है। बढ़ते ट्रैफिक के बीच लापरवाही और जल्दबाजी के चक्कर में हर दिन औसतन 18 सड़क हादसे हो रहे हैं। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों पर गौर करें तो रात के समय सड़क हादसों में जान गंवाने वाले लोगों की संख्या बहुत ज्यादा है।
वर्ष 2023 में 15 जुलाई तक राजधानी में हुए सड़क हादसों में कुल 691 लोगों की जान चली गई। यानी रोज औसतन चार लोगों की सड़क हादसों में मौत हो रही हैं। इनमें रात के समय 400 लोग अपनी जान गंवा बैठे, वहीं दिन के समय हुए हादसों में 291 लोगों की मौत हुई। पिछले साल 2022 में मौत के आंकड़े पर गौर करें तो कुल 1428 मौतों में 806 रात और 622 दिन के समय हुए हादसों में हुई।
इनमें भी राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों की मौतें सबसे ज्यादा हैं। वर्ष 2022 में 1428 सड़क हादसों में 629 राहगीरों और 551 दोपहिया वाहन चालकों की मौत हो गई। वहीं, इसी आंकड़े को वर्ष 2021 में देखें तो कुल 1206 मौतों में 504 राहगीर और 472 दोपहिया चालकों की मौत हुई। वहीं, 45 से 50 के बीच साइकिल सवार मौत के मुंह में चले गए।
पुलिस ने सुलझाए 338 केस
इस साल हुई सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों को देखें तो पुलिस ने 691 मौत के मामलों में 338 केस को सुलझा लिया है। वहीं 2842 साधारण सड़क हादसों में पुलिस 1450 मामलों को सुलझा चुकी है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि स्टडी के बाद दिल्ली के 10 बड़े ब्लैक स्पॉट चुने गए हैं। इन जगहों पर हादसों में कमी लाने के लिए इंटीग्रेटेड एक्शन प्लान तैयार किया गया है। सड़क हादसों को रोकने के लिए ट्रांसपोर्ट विभाग, ट्रैफिक पुलिस, पीडब्ल्यूडी व अन्य एजेंसियों के अधिकारी मिलकर काम कर रहे हैं। उन कर्मियों को दूर करने की कोशिश की जा रही है, जिनकी वजह से फिलहाल सड़क हादसे ज्यादा हो रहे हैं।
हादसों की कुछ मुख्य वजहें...
- दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट न पहनना
- लाल बत्ती का पालन न करना
- दोपहिया पर ट्रिपल राइडिंग
- खतरनाक ड्राइविंग
- नशा करके वाहन चलाना
- सीट बेल्ट न लगाना
- फुटओवर ब्रिज का इस्तेमाल न करना
- सड़क का खराब बुनियादी ढांचा
- जागरूकता की कमी
- ट्रैफिक नियमों की जानकारी न होना
सड़क हादसों में जान गंवाने लोगों के कुछ आंकड़े...
वर्ष-------कुल मौत-----------दिन------रात
2023-------691-------------291-------400
2022------1428-------------622-------806
2021------1206-------------561-------645
2020------1163-------------551-------612
2019------1433-------------656-------777
2018------1657-------------743--------914
साधारण सड़क हादसों के आंकड़े...
वर्ष---------हादसे----------------दिन--------रात
2023------2842--------------1660-------1182
2022------4224--------------2513-------1711
2021------3514--------------2112-------1402
2020------3045--------------1859-------1156
2019------4177--------------2497-------1680
2018------4858--------------2858-------2000
सड़क हादसों में इस वजह से हुई जान...
वर्ष------------कुल----------राहगीर--------दोपहिया-------साइकिल
2022---------1428---------629-----------551-----------48
2021---------1206---------504-----------472-----------45
2020---------1163---------505-----------441-----------48
सड़क हादसों में जान गंवाने वालों के इतने केस वर्क आउट हुए...
वर्ष---------हादसे--------वर्क हाउट केस
2023--------691-------------338
2022-------1428-------------689
2021-------1206-------------557
2020-------1163-------------540
2019-------1433-------------685
(नोट: वर्ष 2023 के सभी मामले 15 जुलाई 2023 तक के ही हैं)
सड़क हादसे में किसी की मौत होना बहुत ही संवेदनशील मुद्दा है, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस सड़क सुरक्षा को मजबूत करने में विशेष ध्यान दे रही है, सभी एजेंसियों से मिलकर सड़क हादसों को कम करने के उपाय किए जा रहे हैं
-एसएस यादव, विशेष आयुक्त, ट्रैफिक