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दिल्ली: पूर्व पैरा-बैडमिंटन विश्व चैंपियन ने आगामी टोक्यो पैरालंपिक में मिश्रित युगल स्पर्धा में चयन की मांग को लेकर दायर की याचिका
Mon, 09 Aug 2021 07:43 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Mon, 09 Aug 2021 07:43 PM IST
सार
न्यायमूर्ति रेखा पल्ली के समक्ष भारतीय बैडमिंटन संघ की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता नलिन कोहली ने कहा कि कहा कि उन्हें मामले से संबंधित दस्तावेज पेश करने का समय प्रदान किया जाए।
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दिल्ली हाईकोर्ट
- फोटो : एएनआई
विस्तार
अर्जुन पुरस्कार विजेता और पूर्व पैरा-बैडमिंटन विश्व चैंपियन राज कुमार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आगामी टोक्यो पैरालंपिक खेलों में बैडमिंटन के मिश्रित युगल स्पर्धा के लिए पारूल दलसुखभाई परमार के साथ अपना नाम शामिल करने के निर्देश की मांग की है। अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई मंगलवार तक के लिए टाल दी।
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न्यायमूर्ति रेखा पल्ली के समक्ष भारतीय बैडमिंटन संघ की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता नलिन कोहली ने कहा कि कहा कि उन्हें मामले से संबंधित दस्तावेज पेश करने का समय प्रदान किया जाए। उन्होंने कहा कि समय की कमी के कारण वे आज दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल का चयन प्रक्रिया से कोई लेना-देना नहीं है जो 'रेस टू टोक्यो' स्पर्धाओं में एक खिलाड़ी के प्रदर्शन पर आधारित है। अदालत ने उनके तर्क को स्वीकार कर सुनवाई मंगलवार तय कर दी।
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वहीं याची ने तर्क रखा कि मिश्रित युगल बैडमिंटन स्पर्धा के लिए 31 स्थान पर रही जोड़ी का चयन करने के लिए पैरालंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (पीसीआई) के चयन पैनल के कारण उनके साथ गंभीर अन्याय हुआ है।
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याचिका में आरोप लगाया गया है कि चयन समिति ने टोक्यो पैरालंपिक के लिए रैंक-6 पाने वाले राज कुमार और पारूल दलसुखभाई परमार की जोड़ी को मनमाने ढंग से नजरअंदाज किया गया है।
उन्होंने कहा कि पीसीआई और बैडमिंटन एसोसिएशन की चयन समिति ने विवेक की मनमानी, भेदभावपूर्ण रवैये के चलते गलत निर्णय लिया है। याची ने कहा कि भारत की राष्ट्रीय खेल विकास संहिता, 2011 के तहत चयन प्रक्रिया उचित और पारदर्शी नहीं थी, जिसमें प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए गुण-दोष के आधार पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए खिलाड़ियों का विवेकपूर्ण चयन करना तय किया गया है।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए अधिवक्ता सन्नी सिंघला ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता की एंट्री भारतीय बैडमिंटन एसोसिएशन को 16 जून 2021 को भेजी थी। वहीं एसोसिएशन ने 24 जून को एक ईमेल भेजा, जिसमें कहा गया कि एसोसिएशन को प्रमोद भगत और पालक कोहली या तरुण और ज्योति नाम के दो जोड़ियों के बीच चयन करना है और आखिर एसोसिएशन ने प्रमोद भगत और पालक कोहली के प्रवेश का चयन किया, जबकि याचिकाकर्ता की एंट्री अभी विचाराधीन थी।
20 मई 21 को जारी रेस टू टोक्यो पैरालंपिक रैंकिंग सूची के अनुसार राज कुमार और उनकी जोड़ी पारूल दलसुखभाई परमार को कुल 2360 अंकों के साथ रैंक नंबर 6 प्रदान किया गया है जबकि प्रमोद भगत और पालक कोहली की जोड़ी कुल 50 अंकों के साथ रैंक नंबर 31 पर है।
प्रमोद भगत पहले से ही पुरुषों की सिंगल एसएल-3 में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और इसी तरह पालक कोहली, पारूल दलसुखभाई परमार के साथ महिला सिंगल एसयू-5 और महिला डबल एसएल-3 एस-एस स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।