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समाधान: किसान-सरकार के बीच गतिरोध खत्म करने के लिए राष्ट्रीय किसान मोर्चे का गठन, कानूनों में संसोधन के लिए पीएम को लिखेगी चिट्ठी

Thu, 05 Aug 2021 02:02 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Thu, 05 Aug 2021 02:02 AM IST
सार

गुरुवार को राष्ट्रीय किसान मोर्चे की तरफ से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक चिट्ठी भेजी जाएगी और सरकार से नए कृषि कानूनों में संशोधित करने की मांग होगी।

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formation of rashtriya kisan morcha under the leadership of farmer leader vm singh to end the deadlock between farmer and government
किसान नेता वी. एम. सिंह के नेतृत्व में 20 राज्यों के किसान नेता गुरुद्वारा रकाबगंज में जुटे - फोटो : amar ujala

विस्तार

किसानों और सरकार के बीच नए कृषि कानूनों के खिलाफ जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए बुधवार को किसान नेता वीएम सिंह के नेतृत्व में राष्ट्रीय किसान मोर्चे का गठन किया। बुधवार को गुरुद्वारा रकाबगंज में 20 राज्यों के 100 से ज्यादा किसान नेता जुटे और सर्वसम्मति से वी. एम. सिंह को राष्ट्रीय किसान मोर्चे का संयोजक बनाया गया। गुरुवार को राष्ट्रीय किसान मोर्चे की तरफ से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक चिट्ठी भेजी जाएगी और सरकार से नए कृषि कानूनों में संशोधित करने की मांग होगी।

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वी. एम. सिंह ने अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति बनाकर दिल्ली चलो का आह्वान किया था। देशभर के किसान दिल्ली आएं और अपने तरीके से कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ाई लड़ी। दिल्ली की सीमाओं पर बैठे किसान मोर्चे ने सरकार से कई दौर की बातचीत की, लेकिन आठ महीने बाद भी किसानों के हित में कोई नतीजा नहीं निकला, बल्कि गुत्थी उलझती गई। मौजूदा हालात ऐसे हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर कहते हैं कि किसान बातचीत को राजी नहीं और सरकार से अब तक बातचीत कर रहे किसान नेता कह रहे कि सरकार जब तक काले कृषि कानून वापस नहीं करेगी वह सरकार से बातचीत नहीं करेंगे। वीएम सिंह ने कहा कि लोकतांत्रिक ढांचे में ऐसे किसानों का भला नहीं होगा। अब राष्ट्रीय किसान मोर्चा बनाकर गुत्थी को सुलझाने की कोशिश की जा रही है।
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प्रधानमंत्री को इन मुद्दों पर लिखी जाएगी चिट्ठी
वी. एम. सिंह ने कहा कि देशभर से यहां मौजूद किसान चाहते हैं कि मौजूदा समय संसद चल रही है, सरकार नए कृषि कानून में चार संशोधन करे फिर किसानों से बातचीत करे।
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. एमएसपी की गारंटी मिले
. किसानों को कोर्ट जाने की आजादी
. किसान की जमीन पर कोई करारनामा नहीं होने की गारंटी
. सरकारी खरीद केंद्रों पर फसल का तत्काल भुगतान की गारंटी

किसानों से खुली बातचीत करे सरकार
वीएम सिंह ने कहा सरकार अगली बातचीत किसानों से टेलीविजन कैमरों के सामने करे और किसानों को भरोसा दिलाए कि एमएसपी पर खरीद नहीं होने पर दंड का प्राविधान होगा, किसान आंदोलन के दौरान जितने किसानों की मौत हुई है उनके परिजनों को 10-10 लाख रुपये मुआबजा दिया जाएगा और 26 जनवरी हिंसा मामले में किसानों पर किये गए सभी मुकदमे वापस होंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि सरकार किसानों के हित में जरूर सोचेगी।

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