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सीबीआई अधिकारी बनकर ठगी में ईरानी गैंग के पांच गिरफ्तार
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नई दिल्ली। खुद को सीबीआई अधिकारी बताकर जूलर और कर्मियों से ठगी करने वाले ईरानी गैंग के पांच बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान भोपाल निवासी मोहम्मद अली उर्फ मो. साबिर हुसैन (52), मो. काबिल उर्फ इमरान हुसैन (45), अनवर अली (45), शौकत अली जाफरी (55) और मुख्तयार हुसैन (35) के रूप में हुई है। मोहम्मद अली गिरोह का सरगना जबकि अनवर उसका सगा भाई है। सभी आरोपी एक-दूसरे के रिश्तेदार हैं। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी से करोलबाग में हाल में हुई ठगी की तीन वारदात सुलझाने का दावा किया है।
रविवार को आरोपियों को रिमांड पर लेने के बाद पुलिस ने मामले का खुलासा किया। मध्य जिला पुलिस उपायुक्त जसमीत सिंह ने बताया कि 27 जून करोलबाग की बैंक स्ट्रीट पर बदमाशों ने जूलर के कर्मचारी से 300 ग्राम सोने की जूलरी ठग ली थी। बदमाशों ने सीबीआई अधिकारी बताकर तलाशी लेने के लिए उसे रोककर उसकी जूलरी लेकर फरार हो गए। करोलबाग पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की। सीसीटीवी फुटेज से वारदात में ईरानी गैंग के शामिल होने की बात सामने आई। इसी तरह के हूलिये के बदमाशों ने करोलबाग में पहले हुई ठगी की दो अन्य वारदात को अंजाम दिया था।
जांच के बाद पुलिस की टीम ने गैंग सरगना मोहम्मद अली की पहचान कर ली। उसे दबोचने के लिए एक टीम भोपाल भेजी गई। जहां आरोपी नहीं मिला। पुलिस ने वारदात के समय ट्रेन में भोपाल से दिल्ली यात्रा करने वालों का पता किया। जांच में पता चला कि 26 जून को पांचों आरोपी दिल्ली पहुंचे और 30 जून को वापस लौट गए। आरोपी लगातार दिल्ली आते जाते थे।
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झांसी में ट्रेन रुकवाकर दबोचा
रेलवे के डाटा से पता चला कि 1 अगस्त को आरोपी भोपाल से प्रयागराज जाने वाले हैं। पुलिस ने ट्रेन को झांसी, यूपी में रुकवाकर पांचों आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों के पास से सोने की तीन चेन, आठ मोबाइल फोन और पांच सीबीआई के नकली पहचान पत्र बरामद हुए हैं। आरोपियों पर अगल-अलग राज्यों में 25 केस दर्ज हैं। 10 मामलों में अदालत ने इन्हें भगोड़ा घोषित कर चुकी है।
सीबीआई अधिकारी दिखने के लिए करते थे कसरत
सीबीआई अधिकारी जैसा दिखने के लिए आरोपी जिम जाते थे। आरोपी मो. अली व अनवर अली सगे भाई हैं। वहीं मोहम्मद काबिल, अली का साला है। जबकि मुख्तयार अनवर उसका सगा भतीजा है। शौकत अली जाफरी भी रिश्ते में भाई लगता है। अनवर ने बताया कि वह मूल रूप से ईरान के रहने वाले हैं। वह परिवार के साथ भोपाल में रहता है।
तलाशी लेने के बहाने देते थे वारदात को अंजाम
आरोपी अलग-अलग राज्यों के जूलरी मार्केट का पता लगाते थे। जहां ग्राहकों, कर्मचारियों और जूलरों की रेकी की जाती थी। इसके बाद तलाशी के बहाने उनको रोककर ठगी की जाती थी या उनकी जूलरी चोरी कर लेते थे। आरोपियों के खिलाफ यूपी के जौनपुर स्थित कोतवाली थाने में हत्या के प्रयास का मामला भी दर्ज है।
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रविवार को आरोपियों को रिमांड पर लेने के बाद पुलिस ने मामले का खुलासा किया। मध्य जिला पुलिस उपायुक्त जसमीत सिंह ने बताया कि 27 जून करोलबाग की बैंक स्ट्रीट पर बदमाशों ने जूलर के कर्मचारी से 300 ग्राम सोने की जूलरी ठग ली थी। बदमाशों ने सीबीआई अधिकारी बताकर तलाशी लेने के लिए उसे रोककर उसकी जूलरी लेकर फरार हो गए। करोलबाग पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की। सीसीटीवी फुटेज से वारदात में ईरानी गैंग के शामिल होने की बात सामने आई। इसी तरह के हूलिये के बदमाशों ने करोलबाग में पहले हुई ठगी की दो अन्य वारदात को अंजाम दिया था।
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जांच के बाद पुलिस की टीम ने गैंग सरगना मोहम्मद अली की पहचान कर ली। उसे दबोचने के लिए एक टीम भोपाल भेजी गई। जहां आरोपी नहीं मिला। पुलिस ने वारदात के समय ट्रेन में भोपाल से दिल्ली यात्रा करने वालों का पता किया। जांच में पता चला कि 26 जून को पांचों आरोपी दिल्ली पहुंचे और 30 जून को वापस लौट गए। आरोपी लगातार दिल्ली आते जाते थे।
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झांसी में ट्रेन रुकवाकर दबोचा
रेलवे के डाटा से पता चला कि 1 अगस्त को आरोपी भोपाल से प्रयागराज जाने वाले हैं। पुलिस ने ट्रेन को झांसी, यूपी में रुकवाकर पांचों आरोपियों को दबोच लिया। आरोपियों के पास से सोने की तीन चेन, आठ मोबाइल फोन और पांच सीबीआई के नकली पहचान पत्र बरामद हुए हैं। आरोपियों पर अगल-अलग राज्यों में 25 केस दर्ज हैं। 10 मामलों में अदालत ने इन्हें भगोड़ा घोषित कर चुकी है।
सीबीआई अधिकारी दिखने के लिए करते थे कसरत
सीबीआई अधिकारी जैसा दिखने के लिए आरोपी जिम जाते थे। आरोपी मो. अली व अनवर अली सगे भाई हैं। वहीं मोहम्मद काबिल, अली का साला है। जबकि मुख्तयार अनवर उसका सगा भतीजा है। शौकत अली जाफरी भी रिश्ते में भाई लगता है। अनवर ने बताया कि वह मूल रूप से ईरान के रहने वाले हैं। वह परिवार के साथ भोपाल में रहता है।
तलाशी लेने के बहाने देते थे वारदात को अंजाम
आरोपी अलग-अलग राज्यों के जूलरी मार्केट का पता लगाते थे। जहां ग्राहकों, कर्मचारियों और जूलरों की रेकी की जाती थी। इसके बाद तलाशी के बहाने उनको रोककर ठगी की जाती थी या उनकी जूलरी चोरी कर लेते थे। आरोपियों के खिलाफ यूपी के जौनपुर स्थित कोतवाली थाने में हत्या के प्रयास का मामला भी दर्ज है।