{"_id":"6159b97e8ebc3e626b5964c7","slug":"firing-at-rti-activist-s-house-ashram-news-noi6083083183","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरटीआई एक्टिविस्ट के घर पर फायरिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरटीआई एक्टिविस्ट के घर पर फायरिंग
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के पांडव नगर स्थित शशि गार्डन में बाइक सवार बदमाशों ने आरटीआई एक्टिविस्ट के घर पर कई राउंड गोलियां दाग दी। गनीमत यह रही कि कोई हताहत नहीं हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। छानबीन के दौरान पुलिस को घटना स्थल से तीन खोखे और एक कारतूस बरामद हुआ। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में बाइक सवार तीन युवक हमला करते हुए दिखाई दे रहे हैं। आरटीआई एक्टिविस्ट संजीव जैन का कहना है कि वहां उनकी मां, बहन व भांजा रहता है। उनको जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। पुलिस संजीव और उनकी मां का बयान लेकर मामले की छानबीन कर रही है।
पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त प्रियंका कश्यप ने बताया कि देर रात करीब 2.59 बजे सूचना मिली कि गली नंबर-10, शशि गार्डन में बाइक सवार बदमाशों ने एक मकान पर फायरिंग की है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि बाइक सवार कुछ लड़के बुजुर्ग महिला उमा जैन (78) के मकान पर गोलियां चलाकर भागे हैं। मौके पर क्राइम टीम को बुला लिया गया। इस दौरान आरटीआई एक्टिविस्ट संजीव जैन भी वहां पहुंच गए। उन्होंने बताया कि यह हमला उन पर किया गया था। कुछ समय पूर्व उनको जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। एहतियात के तौर पर वह मकान से कुछ दूर दूसरी जगह पर रह रहे थे।
चला दीं। ब्यूरो
विज्ञापन
पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त प्रियंका कश्यप ने बताया कि देर रात करीब 2.59 बजे सूचना मिली कि गली नंबर-10, शशि गार्डन में बाइक सवार बदमाशों ने एक मकान पर फायरिंग की है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो पता चला कि बाइक सवार कुछ लड़के बुजुर्ग महिला उमा जैन (78) के मकान पर गोलियां चलाकर भागे हैं। मौके पर क्राइम टीम को बुला लिया गया। इस दौरान आरटीआई एक्टिविस्ट संजीव जैन भी वहां पहुंच गए। उन्होंने बताया कि यह हमला उन पर किया गया था। कुछ समय पूर्व उनको जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। एहतियात के तौर पर वह मकान से कुछ दूर दूसरी जगह पर रह रहे थे।
विज्ञापन
चला दीं। ब्यूरो