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Delhi Mundka Fire : चारों ओर मचा था हाहाकार, दूत बनकर पहुंची ग्राम सभा की टीम...
Sat, 14 May 2022 07:55 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 14 May 2022 07:55 AM IST
सार
मुंडका में शुक्रवार शाम तपती गर्मी के बीच आग कहर बनकर बरसी। धुएं के गुबार में फंसे लोग जीवन बचाने की जद्दोजहद कर रहे थे, लेकिन किसी को कुछ भी नहीं दिखाई दे रहा था। उधर, मौत हर किसी का पीछा कर रही थी। कई खुशकिस्मत लोगों ने मौत को चकमा भी दिया और सही सलामत बाहर आ गए, परंतु कुछ बदनसीब ऐसे भी थे जो खुद का जीवन नहीं बचा पाए। हालात इतने भयावह थे कि आसपास के लोग मंजर देखकर बेहाल थे। चीख-पुकार सुनकर उनके रोंगटे खड़े हो रहे थे...
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हादसे के बाद...
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मुंडका मेट्रो स्टेशन के पास मौजूद इमारत में शुक्रवार शाम को अचानक चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने देखा तो इमारत की पहली मंजिल पर आग लगी थी। वहां सैकड़ों की संख्या में लोग मौजूद थे। इससे पहले की बचाव दल मौके पर पहुंचता, ग्रामीण मदद को भागे। कुछ ही देर में आग लगने की खबर नजदीक मुंडका गांव में फैल गई। ग्राम सभा की टीम मौके पर मदद को भागी।
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लोगों को कुछ नहीं सूझा तो पास में खड़ी एक क्रेन को मौके पर ले जाया गया। क्रेन की मदद से लोगों ने एक-एक कर लोगों को ऊपरी मंजिलों से निकालना शुरू कर दिया। कुछ लोग आसपास से सीढ़ियां ले आए। उनको भी लगा दिया गया। धीरे-धीरे लोगों को सीढ़ी की मदद से बाहर निकाला जाने लगा। मौके पर हहाकार मचा हुआ था। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया, लेकिन इसके बाद भी हीरों की तरह ग्रामीण आग से लोगों को निकालते रहे। कुछ लोग तो इसमें मामूली रूप से झुलस गए। बाद में बचाव दल मौके पर पहुंचा इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा।
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पुलिस प्रशासन और दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना था कि यदि समय पर लोगों को बिल्डिंग से बाहर नहीं निकाला जाता तो मरने वालों की संख्या ज्यादा हो सकती थी। लेकिन ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बड़ी संख्या में लोगों को बाहर निकाल लिया। एक ग्रामीण अनिल ने बताया कि शाम करीब 4.30 बजे वह मेट्रो स्टेशन के पास से होता हुआ मुंडका अपने घर जा रहा था। उसने देखा कि बिल्डिंग में आग लगी है।
अनिल को पता था कि इमारत में सैकड़ों की संख्या में पुरुष और महिलाएं काम करते हैं, आग के समय ज्यादातर लोग बिल्डिंग में मौजूद थे। अंदर से महिलाओं की चिल्लाने की आवाज आ रही थी। अनिल ने शोर मचाया और बाकी लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। तुरंत गांव में मैसेज कर दिया गया। इसके बाद ग्राम सभा की टीम मौके की ओर भागी। लोगों ने सीढ़ियों और क्रेन की मदद से लोगों को निकाला शुरू कर दिया। जांबाज ग्रामीणों ने अपनी जान की परवाह भी नहीं की बचाव में लगे रहे। इस दौरान खबर मिलने के बाद पुलिस और दमकल विभाग टीम भी वहां पहुंच गई।
स्थानीय लोगों ने दावा किया कि दूसरी मंजिल पर साइड वाली खिड़की से व बाकी जगहों से करीब 100 से ज्यादा महिलाओं और पुरुषों को निकाला गया। लेकिन देखते ही देखते आग ऊपरी मंजिलों की ओर बढ़ी तो बचाव दल ने मोर्चा संभाल लिया। इसके बाद आग पर काबू पाने का काम शुरू हुआ। देर रात करीब 10.50 बजे आग पर काबू पाया गया। इसके बाद सर्च ऑपरेशन जारी था।
आग लगने के बाद ग्रामीणों के अलावा अपनों की तलाश में पहुंचे लोगों की भीड़ भी मौके पर जुटी रही। हालात यह रहे कि कई थानों की पुलिस बुलाकर मौके पर लोगों को काबू किया गया। मौके पर जिनके अपने गायब थे, उन लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। लोग कभी अस्पताल तो कभी घटना स्थल के चक्कर काट रहे थे। पुलिस का कहना था कि शव इतनी बुरी तरह जले हुए मिले हैं कि उनकी पहचान भी करना मुश्किल होगा। देर रात तक मौके पर तलाशी अभियान जारी था। आशंका व्यक्त की जा रही है कि मरने वालों का आंकड़ा अभी बढ़ सकता है।