अलर्ट : दिल्ली में कोरोना की पांचवीं लहर की आशंका, विशेषज्ञों को जांच पर संदेह
- विशेषज्ञों ने चेताया, जांच की संख्या लगातार बढ़ानी होगी
- इस बार कोरोना के यूके और डबल म्यूटेंट भी कर रहे प्रहार
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राजधानी में कोरोना की पांचवीं लहर को लेकर चेतावनी मिलने लगी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पिछले कुछ दिन से राजधानी में कोरोना के नए मामले कम आने लगे हैं, जिससे दो बातें स्पष्ट होती हैं। पहला यह कि वर्तमान स्थिति से बाहर आने की ओर बढ़ते जा रहे हैं। वहीं दूसरा यह कि बाहर निकलने के बाद हमने कोविड सतर्कता नियमों का पालन बरकरार नहीं रखा तो संक्रमण की पांचवीं लहर आने से कोई रोक नहीं सकता है। यह लहर कितनी प्रभावी होगी। इसके बारे में कोई वैज्ञानिक नहीं जानता।
विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि दिल्ली में कोरोना की जांच कभी सही ग्राफ में नजर नहीं आती है। यहां अचानक से अत्यधिक जांच होने लगती हैं और फिर एक दो दिन में 50 फीसदी तक नीचे आ जाते हैं। गत 11 अप्रैल को 1.14 लाख सैंपल की जांच हुई थी। इसके बाद 14 अप्रैल को 1.08 लाख लेकिन उसके बाद से अब तक एक लाख के करीब जांच नहीं हुई है। बीते आठ मई को 74 हजार, नौ मई को 61 हजार फिर 10 मई को 66 और 11 मई को 70 हजार सैंपल की जांच हुई।
महामारी विशेषज्ञ डॉ. दिव्येंदु त्यागी का कहना है कि पिछले वर्ष दिल्ली में कोरोना संक्रमण की तीन लहर देखने को मिली थीं। हर लहर पहले की तुलना में ज्यादा खतरनाक और प्रभावी भी रही। गौर करने वाली बात है कि साल 2020 में तब तीन लहर आई हैं जबकि पूरे देश में लंबे समय तक लॉकडाउन चला था। अभी बीते अप्रैल से कर्फ्यू जैसी स्थिति चल रही है लेकिन दिल्ली के विभिन्न इलाकों में जाएंगें तो स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन जैसा कुछ नहीं दिख रहा। लोग बाजारों में दिख रहे हैं।
उधर, दिल्ली के ही एक मेडिकल कॉलेज में सामुदायिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. सुनीर अंशु बताते हैं कि दिल्ली में चौथी लहर के दौरान यूके और डबल म्यूटेंट के मामले देखने को मिले हैं, जिनका असर सबसे सामने है। अभी तक के अध्ययनों से पता चला है कि यूके स्ट्रेन की वजह से लोगों में जो एंटीबॉडी विकसित हुई थीं, वह भी कम होने लगी हैं। ऐसे में हर्ड इम्युनिटी की चर्चा नाकाफी साबित हो रही है।
सरकार-जनता पर है पूरी जिम्मेदारी
विशेषज्ञों का कहना है कि दिल्ली में कोरोना संक्रमण की अगली लहर आने से रोका जा सकता है। हालांकि इसकी जिम्मेदारी सरकार और जनता पर है। लोग कोविड नियमों का पालन करेंगे तो निश्चित ही कोरोना संक्रमण को बढ़ावा नहीं मिलेगा और सरकारें भी जनता के हित में कोविड सतर्कता संबंधी नियमों को मानेंगी तो उसका भी असर होगा।
एक हजार की आबादी पर कोरोना से एक मौत
कोरोना वायरस की चार-चार लहर का सामना करने वाली दिल्ली में एक हजार की आबादी पर एक व्यक्ति की कोरोना से मौत हो चुकी है। करीब दो करोड़ की आबादी वाली राष्ट्रीय राजधानी में अब तक 20 हजार से अधिक लोग संक्रमण के कारण जान दे चुके हैं। जबकि गैर सरकारी आंकड़ा इससे भी कहीं अधिक बताया जाता है।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि पिछले एक दिन में 12481 लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं, जबकि 347 मरीजों की मौत हुई है। लंबे समय बाद दिल्ली में नए संक्रमितों से अधिक मरीजों को डिस्चार्ज किया है। बीते एक दिन में 13583 मरीजों को स्वस्थ घोषित किया है। इसी के साथ ही कुल संक्रमित रोगियों की संख्या बढ़कर 13,48,699 हो चुकी है, हालंाकि इनमें से 12,44,880 अब तक रिकवर हो चुके हैं। वहीं 20010 लोगों की संक्रमण के कारण मौत हो चुकी है। फिलहाल दिल्ली में 83809 सक्रिय मरीज हैं, जिनमें से 51480 मरीज घरों में उपचाराधीन हैं।
दिल्ली की आबादी से तुलना करते हुए कोरोना संक्रमण की स्थिति देखी जाए तो एक हजार लोगों में से करीब 70 कोरोना संक्रमित हो चुके हैं और उनमें से करीब 63 लोग ठीक भी हो चुके हैं। वहीं एक हजार की आबादी पर करीब पांच से छह लोग वर्तमान में उपचाराधीन हैं, जबकि एक व्यक्ति की मौत हो चुकी है। यह आंकड़ा दिल्ली में अब तक हुए छह सीरो सर्वे के परिणाम से एकदम अलग है। सीरो सर्वे को ही देखें तो दिल्ली में कुल आबादी का 50 से 60 फीसदी हिस्सा कोरोना संक्रमित होने के बाद ठीक भी हो चुका है। हालांकि चौथी लहर में लाखों लोगों के संक्रमित होने के बाद सीरो सर्वे के परिणाम पर सवाल भी उठ रहे हैं।
दिल्ली की 55 हजार गलियां अब भी सील
विभाग से मिली जानकारी के अनुसार एक या उससे अधिक संक्रमित रोगी मिलने के बाद दिल्ली में माइक्रो कंटेनमेंट जोन बनाए जा रहे हैं। स्थिति यह है कि वर्तमान में 55 हजार से अधिक गलियां ऐसी हैं जो अब भी सील हैं। कुल कंटेनमेंट जोन 55661 है, जहां एहतियात के चलते लोगों को घरों में ही रहने की सलाह दी गई है।
एक दिन में 1.40 लाख को लगी वैक्सीन
एक तरफ दिल्ली में वैक्सीन की कमी को लेकर सरकार बार बार केंद्र से अपील कर रही है। वहीं दूसरी ओर हर दिन टीकाकरण का आंकड़ा भी लाखों में दिखाई देने लगा है। पिछले एक दिन में 1.40 लाख लोगों ने वैक्सीन लिया है, जिनमें से 93746 ने पहली और 47217 ने दूसरी खुराक ली है। अब तक 40.18 लाख लोग वैक्सीन ले चुके हैं, जिनमें से 9.08 लाख लोग ही पूरी तरह से सुरक्षित हो पाए हैं क्योंकि इन्होंने वैक्सीन की दोनों खुराक लेकर कोर्स पूरा कर लिया है।