{"_id":"61ae43024507b75d813ed9ce","slug":"father-son-arrested-in-online-fraud-from-kanpur-company-ashram-news-noi619852490","type":"story","status":"publish","title_hn":"कानपुर की कंपनी से ऑनलाइन ठगी में पिता-पुत्र गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कानपुर की कंपनी से ऑनलाइन ठगी में पिता-पुत्र गिरफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई दिल्ली। दक्षिण-पूर्वी जिले की साइबर सेल ने कानपुर की एक कंपनी से करोड़ों की ऑनलाइन ठगी में पिता-पुत्र को जयपुर से शनिवार को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बरेली के कस्बे फरीदपुर निवासी मेहंदी हसन उर्फ हरपाल सिंह और उसके बेटे बदरपुर (दिल्ली) निवासी मोहम्मद अरबाज खान के रूप में हुई है। दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। अरबाज बदरपुर में अपने ननिहाल में रहता था। गिरोह का सरगना अफ्रीकी नागरिक है, जिसे बरेली पुलिस अगस्त में एक सहयोगी के साथ गिरफ्तार कर चुकी है। दोनों फिलहाल जेल में हैं।
जिला पुलिस उपायुक्त ईशा पांडेय ने बताया कि बरेली थाना पुलिस ने अगस्त 2021 को कानपुर की एक कंपनी गणेश इकोस्फीयर लिमिटेड से करोड़ों रुपये की ठगी में अफ्रीकी नागरिक और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया था। इस मामले में शामिल मेहंदी हसन और उसका बेटा अरबाज फरार था। बरेली पुलिस ने दक्षिण-पूर्वी जिले की साइबर सेल को बताया कि आरोपी अरबाज दिल्ली के बदरपुर में रहता है। निरीक्षक संदीप पवार के नेतृत्व में पुलिस ने अरबाज की तलाश शुरू की। तकनीकी जांच के जरिये पता चला कि दोनों पिता-पुत्र जयपुर में मौजूद हैं, जहां से पुलिस ने दोनों को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया।
कमीशन पर उपलब्ध करवाया था बैंक खाता
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि ठगी करने वाले गैंग का सरगना अफ्रीकी नागरिक है। दोनों पिता-पुत्र ने फर्जी नाम से खुलवाए गए बैंक खाते को ठग को कमीशन पर उपलब्ध करवाया था। पिता-पुत्र का अपने हिस्से के पैसों को लेकर अफ्रीकी नागरिक से विवाद हो गया। उसके बाद अगस्त में अफ्रीकी नागरिक बरेली के कस्बे फरीदपुर पहुंचा, जहां खाता धारक रुकसार मंसूरी से उसका विवाद हो गया। अफ्रीकी नागरिक बरेली के फरीदपुर थाने पहुंचा और रुकसार के साथ कारोबार को लेकर विवाद की शिकायत पुलिस से की, लेकिन पूछताछ के दौरान अफ्रीकी नागरिक कारोबार के बारे में कुछ भी नहीं बता पाया। पुलिस ने अफ्रीकी नागरिक और रुकसार को गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद कानपुर की कंपनी के खाते से पैसे निकासी में शामिल होने का खुलासा हुआ, जिसके बाद से आरोपी पिता-पुत्र फरार हो गए थे।
विज्ञापन
फर्जी ईमेल आईडी बनाता था अफ्रीकी नागरिक
अफ्रीकी नागरिक बड़ी कंपनियों के नाम से फर्जी ईमेल आईडी बनाता था। उसके बाद कंपनियों और व्यक्तियों के नाम पर नकली चालू खाता खुलवाता था। फिर कंपनी के बैंक खाते से राशि ट्रांसफर करने के लिए बैंक को मेल और जाली पत्र भेजता था। राशि को विभिन्न खातों में ट्रांसफर करता था और एटीएम के जरिये पैसे निकाल लेता था। अफ्रीकी नागरिक ने कानपुर की कंपनी के खाते से रुपये निकालने के बाद 80 लाख रुपये आरोपी पिता-पुत्र सहित अन्य फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। कंपनी को खाते से पैसे निकालने जाने का पता चला, तब उसने कानपुर के स्वरूप नगर थाने में इसकी शिकायत की।
विज्ञापन
जिला पुलिस उपायुक्त ईशा पांडेय ने बताया कि बरेली थाना पुलिस ने अगस्त 2021 को कानपुर की एक कंपनी गणेश इकोस्फीयर लिमिटेड से करोड़ों रुपये की ठगी में अफ्रीकी नागरिक और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया था। इस मामले में शामिल मेहंदी हसन और उसका बेटा अरबाज फरार था। बरेली पुलिस ने दक्षिण-पूर्वी जिले की साइबर सेल को बताया कि आरोपी अरबाज दिल्ली के बदरपुर में रहता है। निरीक्षक संदीप पवार के नेतृत्व में पुलिस ने अरबाज की तलाश शुरू की। तकनीकी जांच के जरिये पता चला कि दोनों पिता-पुत्र जयपुर में मौजूद हैं, जहां से पुलिस ने दोनों को शनिवार को गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
कमीशन पर उपलब्ध करवाया था बैंक खाता
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि ठगी करने वाले गैंग का सरगना अफ्रीकी नागरिक है। दोनों पिता-पुत्र ने फर्जी नाम से खुलवाए गए बैंक खाते को ठग को कमीशन पर उपलब्ध करवाया था। पिता-पुत्र का अपने हिस्से के पैसों को लेकर अफ्रीकी नागरिक से विवाद हो गया। उसके बाद अगस्त में अफ्रीकी नागरिक बरेली के कस्बे फरीदपुर पहुंचा, जहां खाता धारक रुकसार मंसूरी से उसका विवाद हो गया। अफ्रीकी नागरिक बरेली के फरीदपुर थाने पहुंचा और रुकसार के साथ कारोबार को लेकर विवाद की शिकायत पुलिस से की, लेकिन पूछताछ के दौरान अफ्रीकी नागरिक कारोबार के बारे में कुछ भी नहीं बता पाया। पुलिस ने अफ्रीकी नागरिक और रुकसार को गिरफ्तार कर लिया। उसके बाद कानपुर की कंपनी के खाते से पैसे निकासी में शामिल होने का खुलासा हुआ, जिसके बाद से आरोपी पिता-पुत्र फरार हो गए थे।
विज्ञापन
फर्जी ईमेल आईडी बनाता था अफ्रीकी नागरिक
अफ्रीकी नागरिक बड़ी कंपनियों के नाम से फर्जी ईमेल आईडी बनाता था। उसके बाद कंपनियों और व्यक्तियों के नाम पर नकली चालू खाता खुलवाता था। फिर कंपनी के बैंक खाते से राशि ट्रांसफर करने के लिए बैंक को मेल और जाली पत्र भेजता था। राशि को विभिन्न खातों में ट्रांसफर करता था और एटीएम के जरिये पैसे निकाल लेता था। अफ्रीकी नागरिक ने कानपुर की कंपनी के खाते से रुपये निकालने के बाद 80 लाख रुपये आरोपी पिता-पुत्र सहित अन्य फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। कंपनी को खाते से पैसे निकालने जाने का पता चला, तब उसने कानपुर के स्वरूप नगर थाने में इसकी शिकायत की।