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मोर्चा के नेताओं का निर्देश : धरना स्थलों पर पक्के निर्माण नहीं करेंगे किसान, मगर हो रही है खेमाबंदी
Mon, 15 Mar 2021 05:51 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 15 Mar 2021 05:51 AM IST
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पक्के निर्माण के लिए आई सामग्री...
- फोटो : अमर उजाला
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विरोध स्थलों पर अलग-अलग किसान जत्थाबंदियों द्वारा किये जा रहे पक्के निर्माण को संयुक्त किसान यूनियन ने गलत ठहराया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा है कि विरोध स्थलों पर किसी तरह का पक्का निर्माण नहीं होना चाहिए।
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संयुक्त किसान मोर्चा पहले दिन से ऐसा नहीं करने की अपील कर रहा है। पिछले एक हफ्ते से सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर देखते ही देखते कई पक्के निर्माण किये गए हैं जिसके प्रति संयुक्त किसान मोर्चा ने रविवार को सार्वजनिक तौर पर विरोध जाहिर किया है।
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संयुक्त किसान मोर्चा ने बताया कि पंजाब की 32 किसान यूनियनों ने दिल्ली के विरोध स्थलों पर हो रहे पक्के निर्माण के खिलाफ 12 मार्च को ही बैठक की थी। इस बैठक में निर्णय लिया गया था कि विरोध स्थलों पर प्रदर्शनकारियों की तरफ से किसी भी स्थाई मकान का निर्माण करना गलत है। ऐसा करने वाले लोगों से अपील भी की गई थी लेकिन बावजूद इसके जब लोग नहीं माने तब संयुक्त किसान मोर्चा ने अपना विरोध सार्वजनिक किया है।
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किसानों द्वारा किसी हाईवे पर पक्के निर्माण करना कानूनी तौर पर भी गलत है। ऐसा करने वाले किसानों के खिलाफ सरकार कानूनी शिकंजा कस सकती है। जब सिंघु और टीकरी बॉर्डर पर पहले-दूसरे पक्के निर्माण का कार्य शुरू हुआ था, तभी दिल्ली पुलिस ने किसानों को ऐसा करने से रोका था।
लेकिन तब निर्माण करा रहे कुछ किसान नेता दिल्ली पुलिस से उलझ गए थे और उनको ऐसा करने से रोकने के लिए किसी को भी खुली चुनौती दी थी। फिलहाल अब आंदोलन स्थलों पर पक्के निर्माण करने के इस मुद्दे पर किसान संगठन कई हिस्सों में बंटते नजर आ रहे हैं। कई किसान अब भी पक्के निर्माण के पक्ष में हैं तो कई खुलकर इसके खिलाफ बोल रहे हैं।