सरकार और अन्नदाता के बीच 11वें दौर की बैठक भी बेनतीजा, अगली तारीख तय नहीं
कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे किसानों का आंदोलन आज 58वें दिन में प्रवेश कर चुका है। किसानों ने सरकार के प्रस्ताव को ठुकराते हुए आंदोलन जारी रखने का एलान किया है। वहीं आज दोनों पक्षों के बीच 11वें दौर की बैठक भी बेनतीजा रही और अगले बैठक की तारीख भी सरकार की तरफ से नहीं दी गई है। यहां पढ़ें दिनभर के अपडेट्स...
लाइव अपडेट
दिल्ली पुलिस ने तीन अलग-अलग मार्गों का सुझाव दिया: युधवीर सिंह
किसान नेता युधवीर सिंह ने कहा कि पुलिस अधिकारियों ने 26 जनवरी को रिंग रोड के बजाय ट्रैक्टर परेड के लिए बाहरी दिल्ली में तीन अलग-अलग मार्गों का सुझाव दिया है। हमने कहा कि हम समिति में एक सामूहिक निर्णय लेंगे। हम कल दोपहर एक बजे पुलिस अधिकारियों से फिर से मिलेंगे।निर्णय घोषित करने पर आपकी सूचना पर हम कहीं भी इकट्ठा हो सकते हैं: तोमर
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हमने कहा कि आज वार्ता को पूरा करते हैं आप लोग अगर निर्णय पर पहुंच सकते हैं तो आप लोग कल अपना मत बताइए। निर्णय घोषित करने पर आपकी सूचना पर हम कहीं भी इकट्ठा हो सकते हैं।हमने किसान यूनियन को कहा कि जो प्रस्ताव आपको दिया है उसपर विचार करें: तोमर
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि हमने किसान यूनियन को कहा कि जो प्रस्ताव आपको दिया है एक से डेढ़ वर्ष तक क़ानून को स्थगित करके समिति बनाकर आंदोलन में उठाए गए मुद्दों पर विचार करने का प्रस्ताव बेहतर है, उसपर फिर से विचार करें।इसका मुझे भी खेद है: तोमर
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि वार्ता के दौर में मर्यादाओं का तो पालन हुआ परन्तु किसानों के हक़ में वार्ता का मार्ग प्रशस्त हो, इस भाव का सदा अभाव था इसलिए वार्ता निर्णय तक नहीं पहुंच सकी। इसका मुझे भी खेद है।किसान यूनियन क़ानून वापसी पर अड़ी रही: तोमर
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि भारत सरकार की कोशिश थी कि वो सही रास्ते पर विचार करें जिसके लिए 11 दौर की वार्ता की गई। परन्तु किसान यूनियन क़ानून वापसी पर अड़ी रही। सरकार ने एक के बाद एक प्रस्ताव दिए। परन्तु जब आंदोलन की पवित्रता नष्ट हो जाती है तो निर्णय नहीं होता।'लगातार ये कोशिश हुई कि जनता के बीच और किसानों के बीच गलतफहमियां फैलें'
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि इस आंदोलन के दौरान लगातार ये कोशिश हुई कि जनता के बीच और किसानों के बीच गलतफहमियां फैलें। इसका फायदा उठाकर कुछ लोग जो हर अच्छे काम का विरोध करने के आदि हो चुके हैं, वे किसानों के कंधे का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए कर सकें।इस आंदोलन के दौरान लगातार ये कोशिश हुई कि जनता के बीच और किसानों के बीच गलतफहमियां फैलें। इसका फायदा उठाकर कुछ लोग जो हर अच्छे काम का विरोध करने के आदि हो चुके हैं, वे किसानों के कंधे का इस्तेमाल अपने राजनीतिक फायदे के लिए कर सकें: केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर https://t.co/ccGocnOOKc
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 22, 2021
मोदी सरकार किसानों और गरीबों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है: तोमर
किसान यूनियनों के साथ 11वें दौर की वार्ता के बाद केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि भारत सरकार PM मोदी जी के नेतृत्व में किसानों और गरीबों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है और रहेगी। विशेष रूप से पंजाब के किसान और कुछ राज्यों के किसान कृषि क़ानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।भारत सरकार PM मोदी जी के नेतृत्व में किसानों और गरीबों के उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है और रहेगी... विशेष रूप से पंजाब के किसान और कुछ राज्यों के किसान कृषि क़ानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं : केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, किसान यूनियनों के साथ 11वें दौर की वार्ता के बाद pic.twitter.com/ohEV2F33VS
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 22, 2021
कोई अन्य प्रस्ताव सरकार ने नहीं दिया: टिकैत
किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार की तरफ से कहा गया कि 1.5 साल की जगह 2 साल तक कृषि क़ानूनों को स्थगित करके चर्चा की जा सकती है। उन्होंने कहा अगर इस प्रस्ताव पर किसान तैयार हैं तो कल फिर से बात की जा सकती है, कोई अन्य प्रस्ताव सरकार ने नहीं दिया।सरकार की तरफ से कहा गया कि 1.5 साल की जगह 2 साल तक कृषि क़ानूनों को स्थगित करके चर्चा की जा सकती है। उन्होंने कहा अगर इस प्रस्ताव पर किसान तैयार हैं तो कल फिर से बात की जा सकती है, कोई अन्य प्रस्ताव सरकार ने नहीं दिया: राकेश टिकैत, किसान नेता #FarmersProtest pic.twitter.com/YnUQo5eqQL
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 22, 2021
अगली बैठक के लिए अभी कोई तारीख तय नहीं हुई: किसान नेता
सरकार के साथ 11वें दौर की वार्ता के बाद किसान नेता ने कहा कि सरकार द्वारा जो प्रस्ताव दिया गया था वो हमने स्वीकार नहीं किया। कृषि क़ानूनों को वापस लेने की बात को सरकार ने स्वीकार नहीं की। अगली बैठक के लिए अभी कोई तारीख तय नहीं हुई है।सरकार द्वारा जो प्रस्ताव दिया गया था वो हमने स्वीकार नहीं किया। कृषि क़ानूनों को वापस लेने की बात को सरकार ने स्वीकार नहीं की। अगली बैठक के लिए अभी कोई तारीख तय नहीं हुई है: किसान नेता, सरकार के साथ 11वें दौर की वार्ता के बाद pic.twitter.com/01kgd1Fd6l
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 22, 2021