किसान आंदोलन: कड़कड़ाती ठंड और बारिश के बीच भी आंदोलन जारी, कल की बैठक से अन्नदाताओं को उम्मीद
दिल्ली में ठंड अपने पुराने सभी रिकॉर्ड तोड़ रही है। रविवार को तो भोर से ही बारिश भी हो रही है। ऐसे में एक ओर जहां लोगों का घर से निकलना मुहाल हो गया है, वहीं दूसरी ओर अपनी मांगों को लेकर हजारों की संख्या में किसान अब भी सीमाओं पर डटे हुए हैं। किसानों का कहना है कि हम ऐसी परिस्थिति में भी डटे हुए हैं। हमें उम्मीद है कि इन हालातों को देखने के बाद सरकार हमारी बात मानेगी। वहीं, आज सुबह भी आंदोलन में शामिल दो किसानों की मौत हो गई है। यहां पढ़ें किसान आंदोलन से जुड़ी हर अपडेट
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विस्तार
यूपी-दिल्ली बॉर्डर पर शनिवार को आत्महत्या करने वाले किसान बाबा कश्मीर सिंह का रविवार को उनके पैतृक गांव रामपुर में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान बाबा अनूप सिंह सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। रविवार दोपहर बिलासपुर के पसियापुर गांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया। बाबा कश्मीर सिंह को उनके पोते ने मुखाग्नि दी।
देश एक बार फिर चंपारण जैसी त्रासदी झेलने जा रहा है: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसान आंदोलन की तुलना अंग्रेजों के शासन में हुए चंपारण आंदोलन से की और कहा कि आंदोलन में भाग ले रहा हरेक किसान व श्रमिक सत्याग्रही है, जो अपना अधिकार लेकर ही रहेंगे। गांधी ने ट्वीट किया कि देश एक बार फिर चंपारण जैसी त्रासदी झेलने जा रहा है। तब अंग्रेज कंपनी बहादुर था, अब मोदी-मित्र कंपनी बहादुर हैं। लेकिन आंदोलन में भाग ले रहा हर एक किसान-मजदूर सत्याग्रही है जो अपना अधिकार लेकर ही रहेगा।
संगरूर के किसान ने तोड़ा दम
पंजाब के जिला संगरूर के गांव लिदवा निवासी किसान शमशेर सिंह पुत्र निर्भय सिंह की हालत खराब हो गई। उनको तत्काल सामान्य अस्पताल भेजा गया, जहां पर उनको मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस को आशंका है कि इनकी मौत सर्दी लगने से हृदयाघात के कारण हो सकती है। मौत के सही कारणों की जानकारी पोस्टमार्टम के बाद हो हो सकेगी।
किसानों को कल की बैठक से उम्मीद
दिल्ली और यूपी को जोड़ने वाले गाजीपुर बॉर्डर पर आज लगातार 37वें दिन किसानों का आंदोलन जारी है। वहां मौजूद एक किसान ने कहा कि हम ऐसे मौसम में भी अपने परिवार से दूर सड़कों पर रह रहे हैं। हमें उम्मीद है कि कल होने वाली बैठक में सरकार हमारी मांगों को स्वीकार कर लेगी।
Delhi: Farmers continue to hold sit-in protest at Ghazipur (Delhi-UP border) for 37th day amid rain & cold.
— ANI (@ANI) January 3, 2021
A protester says, "We're staying on streets in such harsh weather conditions away from our family. We're hopeful that the govt will accept our demands tomorrow." #FarmLaws pic.twitter.com/XHNPCST5nm
बारिश हमारी फसलों के लिए अच्छी है: किसान
लगातार हो रही बारिश की बावजूद सिंघु बॉर्डर पर डटे किसान गजब के साहस का परिचय दे रहे हैं। प्रदर्शन कर रहे एक किसान ने बारिश से परेशान होने के बजाय कहा कि यह तो हमारी फसलों के लिए अच्छा है। हम खेतों में काम करते हुए भी कई बार भीग जाते हैं। ऐसे में यहां बारिश का सामना करना कोई बड़ी बात नहीं है।
Delhi: Protesters remove rainwater from their camps at Singhu (Delhi-Haryana) border where protest against Centre's farm laws entered 39th day.
— ANI (@ANI) January 3, 2021
A protester says,"Rainfall is good for our crops. When we work in our fields we get wet, it doesn't matter if we've to face rain here." pic.twitter.com/e9GpF53mHp
टीकरी बॉर्डर पर किसान ने तोड़ा दम
आज सुबह टीकरी बॉर्डर पर एक किसान ने दम तोड़ दिया। मृतक किसान की पहचान जगबीर सिंह (60) के रूप में की गई है। माना जा रहा है कि जींद जिले के गांव इट्टल कला के रहने वाले जगबीर की मौत अत्यधिक ठंड के कारण हुई है। हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही मौत की असली वजह का पता चलेगा।
सोनीपत में भी एक किसान की मौत
इसके अलावा सोनीपत में किसान आंदोलन में शामिल एक और किसान की रविवार को मौत हो गई है। मृतक किसान की पहचान कुलबीर (45) के रूप में हुई है। वे सोनीपत के गोहाना के गांव गंगाना के निवासी थे। किसान कुलबीर की कुंडली बॉर्डर पर पारकर मॉल के पास आंदोलन में जान गई है। हालांकि मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा।