{"_id":"617d8a66bb603b066452a0e6","slug":"family-said-tiger-was-killed-in-a-fake-encounter-ashram-news-noi6134093110","type":"story","status":"publish","title_hn":"परिवार वालों ने फर्जी मुठभेड़ में मार गिराने का लगाया आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
परिवार वालों ने फर्जी मुठभेड़ में मार गिराने का लगाया आरोप
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई दिल्ली। अमन विहार इलाके में ढेर गोगी गिरोह के शार्प शूटर दीपक उर्फ टाइगर के परिजनों ने दिल्ली पुलिस पर फर्जी मुठभेड़ करने का आरोप लगाया है। इससे पहले गोगी मान के फेसबुक ग्रुप पर भी पोस्ट कर मुठभेड़ को फर्जी बताया गया था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने टाइगर को उसके चार सहयोगियों के साथ पहले ही गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन अदालत में पेश नहीं किया गया। परिजनों ने टाइगर की सलामती के लिए पुलिसवालों पर दस लाख रुपये मांगने का भी आरोप लगाया है। उधर, रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त प्रणव तायल ने परिजनों के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
पुलिस ने बताया था कि शुक्रवार तड़के अमन विहार इलाके में बेगमपुर थाना पुलिस की जितेंद्र उर्फ गोगी गैंग के शार्प शूटर हरियाणा में जींद के पिल्लू खेडा मंडी निवासी दीपक उर्फ टाइगर से मुठभेड़ हो गई थी। उसने पुलिस पर गोलियां चलाईं और जवाबी कार्रवाई में उसकी मौत हो गई। वह केएन काटजू मार्ग इलाके में टिल्लू गैंग के बदमाश दीपक उर्फ राधे की हत्या में वांछित था।
गोगी मान के फेसबुक पोस्ट पर एक पोस्ट में दावा किया गया कि दीपक को उसके सहयोगी सुमित सेठी और तीन अन्य बदमाशों के साथ 22 अक्तूबर को बेगमपुर थाना पुलिस ने बरवाला के एक फ्लैट से गिरफ्तार किया था। इसकी सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद है। पुलिस ने चार बदमाशों को अदालत में पेश कर दिया, जबकि टाइगर को इनसे अलग रखा। बाद में मुठभेड़ दिखा उसे मार डाला गया।
विज्ञापन
मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में शनिवार को दीपक के शव के पोस्टमार्टम के दौरान पहुंचे उसके बड़े भाई प्रवीण, पिता गंगा स्वरूप और जीजा राजेश ने कहा कि दीपक के साथ पकड़े गए लड़कों के परिजनों के जरिये ही उन्हें उसकी गिरफ्तारी की सूचना मिली थी। उन्होंने इस संबंध में दिल्ली पुलिस से उसकी गिरफ्तारी के बारे में पूछताछ की, लेकिन उसने इनकार कर दिया। परिजनों ने कहा कि 25 अक्तूबर को पुलिसकर्मी नीरज राणा उनके घर आया और कहा कि दीपक की सलामती चाहते हो तो दस लाख रुपये का इंतजाम करना होगा। उनका आरोप है कि पैसे का इंतजाम नहीं होने पर पुलिसकर्मियों ने उसकी हत्या कर दी। परिजनों के मुताबिक, टाइगर वर्ष 2019 के हत्या के मामले में पैरोल पर था और आत्मसमर्पण करने रोहिणी आया था।
विज्ञापन
पुलिस ने बताया था कि शुक्रवार तड़के अमन विहार इलाके में बेगमपुर थाना पुलिस की जितेंद्र उर्फ गोगी गैंग के शार्प शूटर हरियाणा में जींद के पिल्लू खेडा मंडी निवासी दीपक उर्फ टाइगर से मुठभेड़ हो गई थी। उसने पुलिस पर गोलियां चलाईं और जवाबी कार्रवाई में उसकी मौत हो गई। वह केएन काटजू मार्ग इलाके में टिल्लू गैंग के बदमाश दीपक उर्फ राधे की हत्या में वांछित था।
विज्ञापन
गोगी मान के फेसबुक पोस्ट पर एक पोस्ट में दावा किया गया कि दीपक को उसके सहयोगी सुमित सेठी और तीन अन्य बदमाशों के साथ 22 अक्तूबर को बेगमपुर थाना पुलिस ने बरवाला के एक फ्लैट से गिरफ्तार किया था। इसकी सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद है। पुलिस ने चार बदमाशों को अदालत में पेश कर दिया, जबकि टाइगर को इनसे अलग रखा। बाद में मुठभेड़ दिखा उसे मार डाला गया।
विज्ञापन
मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में शनिवार को दीपक के शव के पोस्टमार्टम के दौरान पहुंचे उसके बड़े भाई प्रवीण, पिता गंगा स्वरूप और जीजा राजेश ने कहा कि दीपक के साथ पकड़े गए लड़कों के परिजनों के जरिये ही उन्हें उसकी गिरफ्तारी की सूचना मिली थी। उन्होंने इस संबंध में दिल्ली पुलिस से उसकी गिरफ्तारी के बारे में पूछताछ की, लेकिन उसने इनकार कर दिया। परिजनों ने कहा कि 25 अक्तूबर को पुलिसकर्मी नीरज राणा उनके घर आया और कहा कि दीपक की सलामती चाहते हो तो दस लाख रुपये का इंतजाम करना होगा। उनका आरोप है कि पैसे का इंतजाम नहीं होने पर पुलिसकर्मियों ने उसकी हत्या कर दी। परिजनों के मुताबिक, टाइगर वर्ष 2019 के हत्या के मामले में पैरोल पर था और आत्मसमर्पण करने रोहिणी आया था।