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दिल्ली: फर्जी अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का खुलासा, सात लड़कियों समेत 19 गिरफ्तार, अमेरिकी नागरिकों से कर रहे थे ठगी
Wed, 14 Jul 2021 07:03 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 14 Jul 2021 07:03 PM IST
सार
दक्षिण जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि मालवीय नगर में चल रहे अवैध कॉलज सेंटर के बारे में ई-मेल के जरिए सूचना मिली थी। जांच की तो पता लगा कि पी-4, मालवीय नगर में बेसमेंट में कॉल सेंटर चल रहा है। यहां पर दबिश देने के लिए साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव कुमार, एसआई अजीत सिंह, एसआई अनिल राठौर व एएसआई सुरेन्द्र की विशेष टीम गठित की गई।
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फर्जी अतंरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का खुलासा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दक्षिण जिले के साइबर सेल ने मालवीय नगर में चल रहे अंतर्राष्ट्रीय कॉल सेंटर का पर्दाफाश कर सात लड़कियों समेत 19 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी दिल्ली में बैठकर अमेरिका के नागरिकों को ठग रहे थे। आरोपी हर रोज दो से तीन अमेरिकी नागरिकों को ठग रहे थे और अभी तक 500 से ज्यादा अमेरिकी नागरिकों को ठग चुके हैं।
पुलिस ने कॉल सेंटर से 22 कम्प्यूटर, 21 मोबाइल फोन, छह रूटर्स और छह स्वीचर्स बरामद किए हैं। दक्षिण जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि मालवीय नगर में चल रहे अवैध कॉलज सेंटर के बारे में ई-मेल के जरिए सूचना मिली थी। जांच की तो पता लगा कि पी-4, मालवीय नगर में बेसमेंट में कॉल सेंटर चल रहा है।
यहां पर दबिश देने के लिए साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव कुमार, एसआई अजीत सिंह, एसआई अनिल राठौर व एएसआई सुरेन्द्र की विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने यहां दबिश दी। आरोपी कॉल सेंटर से अमेरिकी नागरिकों को ठग रहे थे। पुलिस ने यहां से सात युवतियां समेत 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कॉल सेंटर किराए के बेसमेंट में चल रहा था और उसका प्रति महीने 36 हजार रुपये किराया देते थे।
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कॉल सेंटर में 22 कम्प्यूटर लगे हुए थे। 15 कंप्यूटर ठगी के लिए, तीन कंप्यूटर सुपरवीजन के लिए और एक टेक्नीकल असिस्टेंड के लिए रखा हुआ था। आरोपी क्लाउड सर्वर के माध्यम से विसीडियल का उपयोग करके अमेरिका में स्थित निर्दोष लोगों को धोखा दे रहे थे। कंप्यूटर सिस्टम की स्क्रिप्ट के साथ विसीडियल कॉलिंग सॉफ्टवेयर स्क्रीन पर खुला हुआ था।
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पुलिस ने कॉल सेंटर से 22 कम्प्यूटर, 21 मोबाइल फोन, छह रूटर्स और छह स्वीचर्स बरामद किए हैं। दक्षिण जिला डीसीपी अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि मालवीय नगर में चल रहे अवैध कॉलज सेंटर के बारे में ई-मेल के जरिए सूचना मिली थी। जांच की तो पता लगा कि पी-4, मालवीय नगर में बेसमेंट में कॉल सेंटर चल रहा है।
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यहां पर दबिश देने के लिए साइबर सेल प्रभारी इंस्पेक्टर राजीव कुमार, एसआई अजीत सिंह, एसआई अनिल राठौर व एएसआई सुरेन्द्र की विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने यहां दबिश दी। आरोपी कॉल सेंटर से अमेरिकी नागरिकों को ठग रहे थे। पुलिस ने यहां से सात युवतियां समेत 19 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कॉल सेंटर किराए के बेसमेंट में चल रहा था और उसका प्रति महीने 36 हजार रुपये किराया देते थे।
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कॉल सेंटर में 22 कम्प्यूटर लगे हुए थे। 15 कंप्यूटर ठगी के लिए, तीन कंप्यूटर सुपरवीजन के लिए और एक टेक्नीकल असिस्टेंड के लिए रखा हुआ था। आरोपी क्लाउड सर्वर के माध्यम से विसीडियल का उपयोग करके अमेरिका में स्थित निर्दोष लोगों को धोखा दे रहे थे। कंप्यूटर सिस्टम की स्क्रिप्ट के साथ विसीडियल कॉलिंग सॉफ्टवेयर स्क्रीन पर खुला हुआ था।
लॉटरी निकलने के नाम पर करते थे ठगी
आरोपी अमेरिकी नागरिकों को अमेरिका के वित्त विभाग के अधिकारी बनकर कॉल करते थे। ये अमेरिकी नागरिकों का कहते थे कि अमेरिका सरकार की ओर से कुछ लोगों की लॉटरी निकाली है। ये ये भी कहते थे कि सरकार ने चुनिंदा लोगों को मुफ्त अनुदान देने की घोषणा की है।
इसके बाद ये अमेरिकी नागरिकों को कहते थे कि उन्हें मुफ्त अनुदान या लॉटरी लेने के लिए 100 या 200 यूएस डॉलर देने होंगे। लोगों 100 या 200 देने के लिए तैयार हो जाते थे। ये अमेरिकी नागरिकों को गूगल पे या फिर किसी और कंपनी के गिफ्ट कूपन खरीदने के लिए कहते थे। गिफ्ट कूपन को ये कैश करा लेते थे। आरोपी अमेरिकी नागरिकों से हर रोज 50 से 75 हजार रुपये ठग रहे थे।
इसके बाद ये अमेरिकी नागरिकों को कहते थे कि उन्हें मुफ्त अनुदान या लॉटरी लेने के लिए 100 या 200 यूएस डॉलर देने होंगे। लोगों 100 या 200 देने के लिए तैयार हो जाते थे। ये अमेरिकी नागरिकों को गूगल पे या फिर किसी और कंपनी के गिफ्ट कूपन खरीदने के लिए कहते थे। गिफ्ट कूपन को ये कैश करा लेते थे। आरोपी अमेरिकी नागरिकों से हर रोज 50 से 75 हजार रुपये ठग रहे थे।