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NSUT News : एनएसयूटी से बाहरी छात्र भी कर सकेंगे अनुसंधान, हाइब्रिड मोड में मिलेगी सुविधा
Mon, 20 Jun 2022 06:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा
किशन कुमार, नई दिल्ली
किशन कुमार, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 20 Jun 2022 06:20 AM IST
सार
अनुसंधान के साथ इंटर्नशिप भी कर सकेंगे छात्र। ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों ही मोड में मिलेगी सुविधा। इच्छुक छात्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट से फॉर्म डाउनलोड कर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए छात्रों को फीस का भुगतान भी करना होगा।
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- फोटो : social media
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विस्तार
नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (एनएसयूटी) से अब बाहरी छात्र भी अनुसंधान और इंटर्नशिप कर सकेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन इस सत्र से बाहरी छात्रों को यह अवसर प्रदान कर रहा है। छात्रों के लिए यह सुविधा ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों ही मोड में रखी गई है। इच्छुक छात्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट से फॉर्म डाउनलोड कर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए छात्रों को फीस का भुगतान भी करना होगा।
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दरअसल, एनएसयूटी अपने यहां नॉन एनएसयूटी इंटर्नशिप प्रोग्राम (एनसीप) व रिसर्च असिस्टेंटशिप प्रोग्राम (आरएपी) शुरू कर रहा है। एनसीप स्नातक
और आरएपी पीजी छात्रों के लिए हैं। इसके माध्यम से छात्रों को विश्वविद्यालय की फैकल्टी के साथ अपने अनुसंधान को बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही प्रायोगिक तौर पर अपने परियोजना पर भी काम कर सकेंगे।
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ऐसे छात्र जो देश के किसी भी संस्थान या कॉलेज में स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं। साथ ही ऐसे छात्रों को उनके संस्थान की ओर से एनएसयूटी में इंटर्नशिप या अनुसंधान करने के लिए अनुशंसा की जाती है। ऐसे छात्र विश्वविद्यालय के लिए पंजीकरण कर सकते हैं।
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इस तरह करना होगा आवेदन
आवेदन करने के लिए छात्रों को विश्वविद्यालय की वेबसाइट से फॉर्म डाउनलोड कर भरना है। फॉर्म भरने के साथ जरूरी दस्तावेज व अपने संस्थान से मिला अनुशंसा पत्र लगाना होगा। अनुशंसा पत्र को ई-मेल के माध्यम से भी प्राप्त किया जा सकता है, जिसका बाद में प्रिंट आउट निकालकर आवेदन पत्र के साथ संलग्न करना होगा। आवेदन को संबंधित संस्थान के निकाय एनएसयूटी के अकादमिक मामलों के डीन को पत्र भेजेंगे।
ऑफलाइन के पांच हजार तो ऑनलाइन के लिए 2500 रुपये का करना होगा भुगतान
इंटर्नशिप के लिए इच्छुक छात्रों को ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से पांच हजार रुपये का भुगतान करना होगा। यह फीस इंटर्नशिप के एक से तीन महीने के लिए वैध रहेगी। एक बार फीस का भुगतान करने पर छात्र विभाग की अनुसंधान सुविधाएं, उपकरण और सॉफ्टवेयर व हार्डवेयर का इस्तेमाल कर सकेंगे।
वहीं, कोरोना महामारी को देखते हुए ऑनलाइन इंटर्नशिप कार्यक्रम के लिए 2500 रुपये का भुगतान करना है। हालांकि, साल दर साल विश्वविद्यालय की ओर से इसमें इजाफा भी किया जा सकता है। वहीं, अनुसंधान कार्यक्रम के लिए भी छात्रों को पांच हजार रुपये का भुगतान करना है। यह फीस एक सेमेस्टर या फिर इससे कम समय के लिए वैध है। फीस का भुगतान करने पर विश्वविद्यालयों की सुविधाओं का इस्तेमाल किया जा सकेगा। वहीं, कोरोना महामारी के कारण ऑनलाइन कार्यक्रम के लिए भी इसमें 2500 रुपये का भुगतान करना है।
छात्रों को मिलेगी हॉस्टल की सुविधा
दोनों कार्यक्रमों के लिए छात्रों को विश्वविद्यालय में हॉस्टल की सुविधा मिल सकेगी। हालांकि, इसके लिए विश्वविद्यालय की फैकल्टी द्वारा अनुसंशा करने पर ही विचार किया जाएगा। साथ ही छात्रों को तीन हजार रुपये सुरक्षा राशि के रूप में रुपये जमा करने होंगे, जो कि हॉस्टल खाली करने पर वापस मिल जाएंगे। हॉस्टल में रहने के लिए खाने के साथ प्रतिदिन का 325 रुपये व बिना खाने के 200 रुपये देने होंगे।
पंजीकरण प्रक्रिया में लगेगा 15 दिन का समय
विश्वविद्यालय के मुताबिक, एनसीप व आरएपी की पंजीकरण प्रक्रिया में विश्वविद्यालय को 15 दिनों तक समय लग सकता है। ऐसे में विश्वविद्यालय ने छात्रों को सलाह दी है कि छात्र अपने संस्थान से मंजूरी मिलने के बाद ही कैंपस में पहुंचें। पूरे वर्ष छात्र आवेदन कर सकते हैं, हालांकि इंटर्नशिप कार्यक्रम गर्मी व सर्दी की छुट्टियों में शुरू होंगे।
छात्रों को प्रदान किए जाएंगे प्रमाण पत्र
विश्वविद्यालय में एनसीप व आरएपी कार्यक्रम पूरा करने वाले छात्रों को विश्वविद्यालय की ओर से प्रमाण पत्र सौंपा जाएगा। इसके माध्यम से छात्रों को भविष्य में बेहतर अवसर की संभावनाएं बनेंगी।