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दिल्ली: विशेषज्ञों का कहना, लोग बरत रहे लापरवाही, युद्ध स्तर पर करना होगा वैक्सीनेशन
Sun, 21 Mar 2021 11:01 PM IST
सुशील कुमार कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: सुशील कुमार कुमार
Updated Sun, 21 Mar 2021 11:01 PM IST
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कोरोना का टेस्ट करते
- फोटो : pti
देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर का असर अब दिल्ली में भी दिखाई देने लगा है। दो सप्ताह से राजधानी में कोरोना के दैनिक मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि टीकाकरण को युद्ध स्तर पर करने की जरूरत है। वैक्सीनेशन बढ़ाने से ही संक्रमण पर लगाम लगाई जा सकती है।
दिल्ली में फरवरी में रोजाना औसतन 130 कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हो रही थी। यह आंकड़ा अब एक सप्ताह से 560 हो गया है। इस हिसाब से देखे तो पिछले माह के मुकाबले अब पांच गुना रफ्तार से संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण लोगों की लापरवारी माना जा रहा है। बाजारों, सार्वजनिक स्थानों पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, मामले बढ़ने के साथ अब संक्रमित दर भी बढ़ने लगी है। शनिवार को संक्रमितों की दर 1 फीसदी से ज्यादा थी। लगातार बढ़ रहे मामलों और संक्रमण दर पर विशेषज्ञ चिंता जता रहे हैं।
एम्स के डॉक्टर विक्रम बताते हैं कि अब लोग कोरोना के प्रति लापरवाह हो चुके हैं। उन्हें लग रहा है कि वायरस खत्म हो चुका है। मास्क का प्रयोग भी सिर्फ चालान से बचने के डर से कर रहे हैं। ऐसे में सख्ती बरतने के साथ-साथ टीकाकरण को भी बढ़ावा देने की जरूरत है। अब समय आ गया है कि 18 साल से अधिक उम्र के लोगों का भी वैक्सीनेशन शुरू कर दिया जाए।
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राजीव गांधी अस्पताल के कोविड नोडल अधिकारी डॉक्टर अजीत जैन बताते हैं कि पिछले महीने अस्पताल में कोरोना के मरीजों की संख्या शून्य तक पहुंच गई थी, लेकिन अब दो सप्ताह से रोजाना 2 से 3 मरीज भर्ती हो रहे हैं। डॉक्टर के मुताबिक, इस समय संक्रमण से हालात काबू में है। अस्पतालों में ज्यादा मरीज भर्ती नहीं हैं। यही समय है कि अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लगा दी जाए, जिससे दिल्ली में संक्रमण की अगली लहर की संभावना को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि टीकाकरण की प्रक्रिया को सरल कने के साथ-साथ युद्ध स्तर पर वैक्सीनेशन की जरूरत है।
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दिल्ली में फरवरी में रोजाना औसतन 130 कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हो रही थी। यह आंकड़ा अब एक सप्ताह से 560 हो गया है। इस हिसाब से देखे तो पिछले माह के मुकाबले अब पांच गुना रफ्तार से संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण लोगों की लापरवारी माना जा रहा है। बाजारों, सार्वजनिक स्थानों पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, मामले बढ़ने के साथ अब संक्रमित दर भी बढ़ने लगी है। शनिवार को संक्रमितों की दर 1 फीसदी से ज्यादा थी। लगातार बढ़ रहे मामलों और संक्रमण दर पर विशेषज्ञ चिंता जता रहे हैं।
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एम्स के डॉक्टर विक्रम बताते हैं कि अब लोग कोरोना के प्रति लापरवाह हो चुके हैं। उन्हें लग रहा है कि वायरस खत्म हो चुका है। मास्क का प्रयोग भी सिर्फ चालान से बचने के डर से कर रहे हैं। ऐसे में सख्ती बरतने के साथ-साथ टीकाकरण को भी बढ़ावा देने की जरूरत है। अब समय आ गया है कि 18 साल से अधिक उम्र के लोगों का भी वैक्सीनेशन शुरू कर दिया जाए।
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राजीव गांधी अस्पताल के कोविड नोडल अधिकारी डॉक्टर अजीत जैन बताते हैं कि पिछले महीने अस्पताल में कोरोना के मरीजों की संख्या शून्य तक पहुंच गई थी, लेकिन अब दो सप्ताह से रोजाना 2 से 3 मरीज भर्ती हो रहे हैं। डॉक्टर के मुताबिक, इस समय संक्रमण से हालात काबू में है। अस्पतालों में ज्यादा मरीज भर्ती नहीं हैं। यही समय है कि अधिक से अधिक लोगों को वैक्सीन लगा दी जाए, जिससे दिल्ली में संक्रमण की अगली लहर की संभावना को कम किया जा सके। उन्होंने कहा कि टीकाकरण की प्रक्रिया को सरल कने के साथ-साथ युद्ध स्तर पर वैक्सीनेशन की जरूरत है।