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चांदनी चौक का हाल : अदालत ने कहा- 14 साल में तो वनवास भी हो गया था खत्म, मगर...

Wed, 24 Nov 2021 04:55 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Wed, 24 Nov 2021 04:55 AM IST
सार

14 वर्ष से चल रहे चांदनी चौक के पुनर्विकास से संबंधित मामले के लंबित होने पर अदालत ने गहरी चिंता व्यक्त की। 

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exile must be over by now says court over chandni chowk work in delhi
दिल्ली हाईकोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

उच्च न्यायालय ने 14 वर्ष से चल रहे चांदनी चौक के पुनर्विकास से संबंधित मामले के लंबित होने पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मंगलवार को कहा कि वनवास अब तक खत्म हो जाना चाहिए। अदालत ने कहा यह याचिका 2007 से विचाराधीन है यहां तक कि रामायण 14 साल से अधिक समय तक नहीं चली। वनवास अब तक खत्म हो जाना चाहिए।

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न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति अनूप जयराम भम्भानी की पीठ ने नाराजगी जताते पूछ क्या चल रहा है? कोर्ट ने चांदनी चौक क्षेत्र के पुनर्विकास और गैर मोटर चालित वाहनों (एनएमवी) के लिए लेन बनाने के मुद्दे पर एनजीओ मानुषी संगठन की ओर से लंबित यार का में दायर आवेदन पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की।
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सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के सर्विस विभाग द्वारा एक आवेदन दायर किया गया था जिसमें नोडल अधिकारी रेणु शर्मा को इस मामले से डिस्चार्ज करने की मांग की गई थी क्योंकि उनका तबादला मुख्य सचिव के रूप में मिजोरम कर दिया गया है। पीठ ने हालांकि अदालत ने हालांकि सरकार के वकील के आग्रह पर आवेदन पर सुनवाई 13 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी। अदालत को बताया गया कि पूर्व आदेश के अनुसार नोडल अधिकारी रेणु शर्मा का पूर्व अनुमति के बिना तबादला नहीं किया जाएगा।
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मुख्य मामले में कोर्ट ने इससे पहले वहां चलने वाले साइकिल रिक्शा के पंजीकरण, वहां आने वाले निजी वाहनों के लिए गांधी मैदान में पार्किंग का निर्माण, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास दंगल मैदान में बस डिपो बनाने और एनएमवी लेन बनाने के आदेश देकर क्षेत्र में यातायात को कम करने के कई निर्देश पारित किए थे। ये सभी परियोजनाएं चांदनी चौक को फिर से विकसित करने की मुख्य योजना का हिस्सा हैं और उच्च न्यायालय द्वारा इसकी सक्रिय निगरानी की जा रही है।

याचिकाकर्ता एनजीओ की और से पेश अधिवक्ता इंदिरा उनियार ने अदालत को बतया कि मामला पिछले 14 वर्षों से चल रहा है और बार-बार आदेश पारित किए गए हैं जो अवमानना के कई मामलों के साथ अधिकारियों या सरकारी एजेंसियों के सुस्ती, अनिच्छा और अनुपालन न करते हुए पारित किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि जनहित याचिका का उद्देश्य व्यापक और समग्र स्तर पर प्राप्त नहीं किया गया है और याचिकाकर्ता का मानना है कि इस मामले ने अपने उद्देश्य को समाप्त कर दिया है। उन्होंने मामले को खत्म करने का आग्रह करते हुए कहा कि इस मामले को आगे बढ़ाने के लिए बैंडविड्थ और ऊर्जा नहीं है, जो लंबे समय तक की दृष्टि में किसी भी अंत की उम्मीद के साथ है ।


12 सितंबर को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पुनर्विकसित चांदनी चौक मार्किट का उद्घाटन किया था। पुनर्विकास परियोजना में, लाल किला से फतेहपुरी मस्जिद रोड तक मुख्य चांदनी चौक रोड के 1.3 किमी लंबे खंड को सुधारा गया है और इसका सौंदर्यीकरण किया गया है।

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