{"_id":"6192fb67456963225d35d8e9","slug":"eu-ambassador-meets-cm-kejriwal","type":"story","status":"publish","title_hn":" दिल्ली : यूरोपीय संघ के राजदूत की सीएम केजरीवाल से मुलाकात, कोविड के खिलाफ जंग की तारीफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली : यूरोपीय संघ के राजदूत की सीएम केजरीवाल से मुलाकात, कोविड के खिलाफ जंग की तारीफ
Tue, 16 Nov 2021 05:59 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Tue, 16 Nov 2021 05:59 AM IST
सार
इस मौके पर केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली के अंदर प्रदूषण बढ़ाने वाले स्रोतों को कम करने में काफी प्रगति की है।
विज्ञापन
यूरोपीय संघ के राजदूत और केजरीवाल...
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत एचई उगो अस्तुतो ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की। दिल्ली सचिवालय में मुलाकात के दौरान कोविड-19 के खिलाफ दिल्ली की लड़ाई व प्रदूषण को कम करने के प्रयासों पर चर्चा की गई। चर्चा में अस्तुतो ने कहा कि यूरोप भी प्रदूषण से लड़ने में इसी तरह की चुनौतियों का सामना कर रहा है और दिल्ली के सामने आने वाली मुश्किलों को समझता है। कोविड को नियंत्रण में रखने के केजरीवाल सरकार के प्रयासों की सराहना की।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड नियंत्रित के लिए दिल्ली ने ठोस कदम उठाते हुए सीरो सर्वे किया। इससे पता चला कि लोग सावधानी बरतें और वायरस का कोई नया स्ट्रेन नहीं है, तो कोरोना से काफी हद तक सुरक्षित हैं। यह भी बताया कि दिल्ली के पात्र 50 फीसद लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज लग चुकी है। 90 फीसद आबादी ने एक डोज ले लिया है। कोविड के नए ट्रेंड पर लगातार नजर रखी जा रही है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने प्रदूषण पर कहा कि दिल्ली सरकार ने प्रदूषण बढ़ाने वाले स्रोतों को कम करने में काफी प्रगति की है। पौधारोपण नीति, ईवी नीति, उद्योगों को पीएनजी से चलाने और कोयले के पावर प्लांटों को बंद करने से प्रदूषण को कम करने में मदद मिली है। दिल्ली उन चुनिंदा शहरों में से एक है, जहां विकास को बढ़ावा देने के बावजूद ग्रीन कवर क्षेत्र बढ़ रहा है।
विज्ञापन
दिल्ली में 5 से 6 हजार औद्योगिक इकाईयां पीएजी से चल रही है
मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में 5 से 6 हजार औद्योगिक इकाइयां हैं। इन सभी औद्योगिक इकाइयों को पीएनजी पर स्विच कर दिया गया है। विगत वर्षों में बड़े पैमाने पर पौधारोपण किया गया है, जिसकी बदौलत दिल्ली के ग्रीन कवर क्षेत्र में काफी वृद्धि हुई है। अब दिल्ली में ग्रीन कवर क्षेत्र 20 फीसदी से बढ़कर 22 फीसदी हो गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में कोयला से चलने वाले दो पावर प्लांट थे, जिनकी वजह से दिल्ली की हवा काफी प्रदूषित हो रही थी। इसलिए दोनों ही पावर प्लांटों को बंद कर दिया है। वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए हम दिल्ली में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रहे हैं।
आईआईटी कानपुर से समझौता किया
मुख्यमंत्री ने कहा कि वास्तविक समय पर प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करने के लिए रियल टाइम आईडेंटिफिकेशन मैकेनिज्म विकसित करने के लिए आईआईटी कानपुर के साथ समझौता किया गया है। इसकी मदद से हमें यह पता चल सकेगा कि किस स्थान पर, किस समय पर हो रहे प्रदूषण का स्रोत क्या है? जिसके बाद हम उस प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए तत्काल कार्रवाई कर पाएंगे। इसके अलावा दिल्ली देश का एकमात्र राज्य है, जो अपने सार्वजनिक परिवहन को पूरी तरह से सीएनजी पर चला रहा है और प्रदूषण पैदा करने वाले वाहनों के उपयोग रोक लगा दी है।
दिल्ली के 96 फीसद लोगों में एंटीबॉडी विकसित
मुख्यमंत्री ने बताया कि सीरो सर्वे ने काफी मदद की है। ताजा सीरो सर्वे के शानदार नतीजे मिले हैं। सर्वे में पाया कि दिल्ली के 96 फीसद लोगों ने कोविड-19 से लड़ने के लिए एंटीबॉडी विकसित कर ली है। इसलिए अगर कोरोना का कोई नया स्ट्रेन नहीं आता है, तो दिल्ली के लोग कोरोना से सुरक्षित हैं। इसका मतलब यह भी है कि इस 96 फीसद में से कुछ लोग ऐसे भी रहे होंगे, जिनमें कोरोना के हल्के लक्षण थे, लेकिन उन्हें इसके बारे में पता नहीं नहीं चला।
यूरोपीय संघ के राजदूत को मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार लगातार कोविड-19 मामलों पर नजर रख रही है। कोविड के नए ट्रेंड पर भी नजर रख रही है। यूरोपीय संघ के राजदूत ने बताया कि यह काफी हद तक वैक्सीनेशन की दर पर निर्भर करता है। अगर अधिकांश लोगों का वैक्सीनेशन हो गया है, तो कोरोना को संभालना आसान हो जाता है।