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Education News: इंजीनियरिंग के दूसरे वर्ष के छात्र अंग्रेजी के अलावा हिंदी सहित 12 भारतीय भाषाओं में करेंगे पढ़ाई, आगामी सत्र से लागू

Sat, 04 Jun 2022 01:17 PM IST
शाहरुख खान सीमा शर्मा, अमर उजाला, दिल्ली
सीमा शर्मा, अमर उजाला, दिल्ली Published by: शाहरुख खान Updated Sat, 04 Jun 2022 01:17 PM IST
सार

इंजीनियरिंग के पहले वर्ष के छात्रों को पिछले साल आठ भारतीय भाषाओं में पढ़ाई का मौका मिला। जबकि आगामी शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए आठ से बढ़कर 12 भारतीय भाषाओं में ट्रांसलेट किया गया है। इसमें 291 लेखकों, अनुवादकों, सत्यापनकर्ताओं और भाषाविशेषज्ञों का सहयोग लिया गया है।

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Engineering  second year Students will study in 12 Indian languages in upcoming session
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

आगामी शैक्षणिक सत्र 2022-23 में 18 राज्यों के इंजीनियरिंग कॉलेजों के बीटेक दूसरे वर्ष के छात्र अंग्रेजी के अलावा हिंदी समेत 12 भारतीय भाषाओं में पढ़ाई करेंगे। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई)  ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) बीटेक दूसरे वर्ष के छात्रों को हिंदी, मराठी, बंगला, तमिल, तेलगू, गुजराती, कन्नड़, पंजाबी, उड़िया, असमी, उर्दू व मलयालम भाषा में किताबें तैयार करवायी है।
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इंजीनियरिंग कॉलेजों की इन किताबों को भारतीय भाषा में अनुवाद करने के लिए 291 लेखकों, अनुवादकों, सत्यापनकर्ताओं और भाषा विशेषज्ञों की टीम शामिल थी। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद(एआईसीटीई) के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में इंजीनियरिंग के छात्रों को भारतीय भाषाओं में पढ़ाई का मौका उपलब्ध करवाने का फैसला लिया था।
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इसी के तहत इंजीनियरिंग के पहले वर्ष के छात्रों को पिछले साल आठ भारतीय भाषाओं में पढ़ाई का मौका मिला। जबकि आगामी शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए आठ से बढ़कर 12 भारतीय भाषाओं में ट्रांसलेट किया गया है। इसमें 291 लेखकों, अनुवादकों, सत्यापनकर्ताओं और भाषाविशेषज्ञों का सहयोग लिया गया है। अब इन 12 भारतीय भाषाओं में इंजीनियरिंग के दूसरे वर्ष के छात्रों को पढ़ाई करवाने के लिए 1500 शिक्षकों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा। 
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19 संस्थानों में सात विषयों पर पढ़ाई

वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, पहले वर्ष  विभिन्न राज्यों में इंजीनियरिंग कॉलेेजों में 19 संस्थानों में बीटेक प्रोग्राम में सात विषयों की इन भारतीय भाषाओं में पढ़ाई चल रही है। इसमें 255 से अधिक छात्रों ने बीटेक की पढ़ाई इन भारतीय भाषाओं में करने के लिए दाखिला लिया हुआ है। इसके अलावा आईटीआई में भी इंजीनियरिंग प्रोग्राम के डिप्लोमा इन भारतीय भाषाओं में करवाने की योजना तैयार है।

इसके तहत प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए शुरुआत नौ भारतीय भाषाओं में डिप्लोमा स्तर पर 12 पुस्तकें और स्नातक स्तर पर 10 पुस्तकें तैयार की गई हैं। इन नौ भारतीय भाषाओं के अलावा एआईसीटीई ने तीन और भारतीय भाषाओं जैसे असमी, उर्दू और मलयालम में अनुवाद का काम  शुरू किया है। कुल 291 लेखकों, अनुवादकों, सत्यापनकर्ताओं और भाषा विशेषज्ञों ने पिछले एक वर्ष की अवधि में प्रथम वर्ष की पुस्तकों से संबंधित कार्य को पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं।

500 कॉलेजों को शमिल करने की योजना

एआईसीटीई की योजना शैक्षणिक सत्र 2023-24 तक 500  कॉलेजों में भारतीय भाषाओं में बीटेक की पढ़ाई करवाने की है। इसके लिए बीटेक  तीसरे वर्ष की किताबों को 15 भारतीय भाषाओं में अनुवाद का काम चल रहा है। 500 तकनीकी कॉलेजों के माध्यम से लगभग 30 हजार छात्रों को इसमें जोड़ने की तैयारी है। इसके अलावा बीटेक द्वितीय एवं तृतीय वर्ष के सभी कोर्सेज को डिजिटल माध्यम से स्वयं प्लेटफार्म पर उपलब्ध कराएगा। 

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