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एसओएल में प्रवेश परीक्षा से नहीं होंगे दाखिले
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नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) में स्नातक कोर्सेज में दाखिले प्रवेश परीक्षा से ही लिए जाएंगे। पहले से जो न्यूनतम योग्यता निर्धारित है प्रशासन उसी के आधार पर दाखिला लेगा। प्रशासन का कहना है कि न्यूनतम योग्यता से ज्यादा से ज्यादा छात्रों को पढ़ाना हमारा उद्देश्य है।
स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग डीयू का एक अहम हिस्सा है। एसओएल में डीयू के नियमित कॉलेजों से भी अधिक छात्र हर साल दाखिला लेते हैं। इसका कारण है कि यहां दाखिले का आधार केवल 12वीं के अंकों की न्यूनतम योग्यता है। कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग की निदेशक डॉ. पायल मगो ने बताया कि एसओएल मेें दाखिले प्रवेश परीक्षा से नहीं होंगे। एसओएल का उद्देश्य है कि बड़ी संख्या में छात्रों को पढ़ाया जा सकें। यहां दाखिले के लिए न्यूनतम योग्यता पहले से निर्धारित है। उसी के आधार पर दाखिला लिया जाएगा।
एसओएल में स्नातक स्तर पर पांच कोर्सेज बीए प्रोग्राम, बीकॉम, बीकॉम ऑनर्स, बीए ऑनर्स अंग्रेजी, बीए ऑनर्स राजनीति विज्ञान में दाखिले होते हैं। इन पांचों कोर्सेज के लिए न्यूनतम योग्यता अलग-अलग है। जहां बीए प्रोग्राम व बीकॉम के लिए न्यूनतम योग्यता 40 फीसदी है, वहीं बीकॉम ऑनर्स में 55 फीसदी, बीए ऑनर्स अंग्रेजी में 65 फीसदी और बीए ऑनर्स राजनीति विज्ञान के लिए न्यूनतम योग्यता 50 फीसदी है। इसी योग्यता को दाखिले का आधार बनाया जाएगा। मालूम हो कि एसओएल में हर साल स्नातक स्तर पर एक लाख से अधिक छात्र दाखिला लेते हैं।
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वहीं, डीयू के नॉन कॉलिजियेट वूमेन एजुकेशन बोर्ड (एनसीवेब) की निदेशक डॉ. गीता भट्ट कहती हैं कि अभी कुछ भी कहना मुश्किल है। एनसीवेब में दाखिले प्रवेश परीक्षा से किए जाने को लेकर डीयू प्रशासन जो भी फैसला करेगा उसी के साथ आगे बढ़ा जाएगा।
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स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग डीयू का एक अहम हिस्सा है। एसओएल में डीयू के नियमित कॉलेजों से भी अधिक छात्र हर साल दाखिला लेते हैं। इसका कारण है कि यहां दाखिले का आधार केवल 12वीं के अंकों की न्यूनतम योग्यता है। कैंपस ऑफ ओपन लर्निंग की निदेशक डॉ. पायल मगो ने बताया कि एसओएल मेें दाखिले प्रवेश परीक्षा से नहीं होंगे। एसओएल का उद्देश्य है कि बड़ी संख्या में छात्रों को पढ़ाया जा सकें। यहां दाखिले के लिए न्यूनतम योग्यता पहले से निर्धारित है। उसी के आधार पर दाखिला लिया जाएगा।
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एसओएल में स्नातक स्तर पर पांच कोर्सेज बीए प्रोग्राम, बीकॉम, बीकॉम ऑनर्स, बीए ऑनर्स अंग्रेजी, बीए ऑनर्स राजनीति विज्ञान में दाखिले होते हैं। इन पांचों कोर्सेज के लिए न्यूनतम योग्यता अलग-अलग है। जहां बीए प्रोग्राम व बीकॉम के लिए न्यूनतम योग्यता 40 फीसदी है, वहीं बीकॉम ऑनर्स में 55 फीसदी, बीए ऑनर्स अंग्रेजी में 65 फीसदी और बीए ऑनर्स राजनीति विज्ञान के लिए न्यूनतम योग्यता 50 फीसदी है। इसी योग्यता को दाखिले का आधार बनाया जाएगा। मालूम हो कि एसओएल में हर साल स्नातक स्तर पर एक लाख से अधिक छात्र दाखिला लेते हैं।
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वहीं, डीयू के नॉन कॉलिजियेट वूमेन एजुकेशन बोर्ड (एनसीवेब) की निदेशक डॉ. गीता भट्ट कहती हैं कि अभी कुछ भी कहना मुश्किल है। एनसीवेब में दाखिले प्रवेश परीक्षा से किए जाने को लेकर डीयू प्रशासन जो भी फैसला करेगा उसी के साथ आगे बढ़ा जाएगा।