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Hindi News ›   Delhi ›   East and North-East Delhi to get two urban forests by the end of this year

सौगात : इस साल के अंत तक पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली को मिलेंगे दो शहरी वन

Fri, 01 Oct 2021 05:15 AM IST
दुष्यंत शर्मा किशन कुमार, नई दिल्ली
किशन कुमार, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 01 Oct 2021 05:15 AM IST
सार

आईटीओ और शास्त्री पार्क में विकसित किए जा रहे हैं वन क्षेत्र। इसके बाद कुल शहरी वन की संख्या छह हो जाएगी। 

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East and North-East Delhi to get two urban forests by the end of this year
तैयारी.... - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्वी और उत्तर-पूर्वी दिल्ली को इस वर्ष के अंत तक दो शहरी वन (सिटी फॉरेस्ट) की सौगात मिलने वाली है। इसके बाद कुल शहरी वन की संख्या छह हो जाएगी। दिल्ली सरकार का वन विभाग शहरी क्षेत्र के बीचोंबीच प्राकृति माहौल को देने के लिए दो शहरी वनों को तैयार कर रहा है, जिनका काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। ऐसे में जल्द ही शास्त्री पार्क और आईटीओ इलाके में लोग सुबह और शाम की सैर प्राकृतिक माहौल की बीच साफ हवा में कर सकेंगे।

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दरअसल, वन विभाग आटीओ स्थित लूप -2 और शास्त्री पार्क स्थित मेट्रो स्टेशन के नजदीक शास्त्री वन को तैयार कर रहा है। इनका काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। विभाग को उम्मीद है कि साल खत्म होने से पहले ही दोनों वन क्षेत्र लोगों के सैर सपाटे के लिए पूरी तरह से तैयार हो सकेंगे। इसके लिए दोनों वन क्षेत्रों में विकास कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
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वन विभाग के मध्य डिविजन के उप वन संरक्षक आदित्य मदनपोत्रा के मुताबिक, वन क्षेत्र को विकसित करने के लिए विभाग ने प्रयास तेज किए हुए हैं। हमारी कोशिश है कि वन क्षेत्र में अधिक से अधिक स्थानीय प्रजातियों वाले पेड़ों को लगाया जाए। इसके तहत उन पेड़ों को भी लगाया जाएगा जिन्हें हिंदू धर्म में पूजा जाता है। इस श्रेणी में पीपल व बरगद के पेड़ भी शामिल है। इससे वन क्षेत्र में पहुंचने वाले लोग भी जुड़ाव महसूस करेंगे और गंदगी भी नहीं होगी। अधिकारी ने बताया कि वन क्षेत्र में सैर सपाटे के लिए रास्ता बनाने के साथ हरियाली को भी विकसित किया जा रहा है। साथ ही यहां लोगों के आराम के लिए झोपड़ी और बेंच की सुविधा भी रहेगी। 
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इस तरह के लगाए जा रहे हैं पेड़
शहरी वनों में विभाग न सिर्फ औषधीय पौधे लगा रहा है बल्कि फलदार पौधों को भी तवज्जों दी जा रही है। इस कड़ी में शहरी वनों में विशेषकर पीपल, पिलखन, तुलसी, अजवायन, अश्वागंधा, मारवा, अमलतास, बरगद, बालम खीरा, आंवला, अमरूद, कढ़ी पत्ता, रात की रानी, चंपा, गुढ़ल, बांस, खिरनी, शीशम, जंगल जलेबी, बेल पत्थर व कल्पवृक्ष समेत अन्य फलदार पौधों को लगाया जा रहा है। 


इससे पहले चार जगहों पर है शहरी वन
-आटीओ- लूप 4
-शास्त्री पार्क कॉलोनी
-ताज एंक्लेव, गीता कॉलोनी
-गढ़ी मांडू, पॉकेट-2

क्यों जरूरी होते हैं शहरी वन
मेट्रो शहरों में प्रदूषण की अधिक समस्या होती है। ऐसे में इस समस्या से निपटने के लिए सिटी फॉरेस्ट का अवधारणा लाई गई है। इसके तहत एक क्षेत्र को वर्गीकृत कर वन क्षेत्र को विकसित किया जाता है। यह आसपास की हवा को शुद्ध करने के साथ वर्षा जल को भी रिचार्ज करने में मदद करता है। साथ ही स्थानीय वन्यजीवों को संरक्षण देने के साथ लोगों को भी कंक्रीट के शहर में प्राकृतिक माहौल प्रदान करता  है।  

शास्त्री पार्क वन का क्षेत्रफल- 6.6 हेक्टेयर
आटीओ लूप -2 का क्षेत्रफल -0.9 हेक्टेयर
 

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