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डिजिटल डिग्री देकर इतिहास रचेगा डीयू
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नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) शनिवार को होने वाले दीक्षांत समारोह में इतिहास रचने जा रहा है। शनिवार को होने वाले दीक्षांत समारोह में यूजी-पीजी छात्रों के लिए 1,76,790 डिजिटल डिग्रियां जारी होंगी। यह अपने में इतिहास है, जब कोई विश्वविद्यालय इतने बड़े पैमाने पर डिजिटल डिग्री जारी करने जा रहा है। विद्यार्थियों को डिग्री प्राप्त करने के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वे इसे डाउनलोड कर सकेंगे। इस बार कोविड-19 के बावजूद 5 साल में सर्वाधिक 670 पीएचडी डिग्रियां दी जाएंगी।
डीयू परीक्षा शाखा के डीन प्रो. सीएस रावत ने बताया कि समारोह में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक इन्हें जारी करेंगे। इसके बाद विद्यार्थियों को डिग्री जारी होने का ईमेल मिलेगा। इसके बाद वे प्रक्रिया को पूरा करने के बाद अपनी डिग्री डाउनलोड कर सकेंगे। अब तक समारोह में डिग्री जारी होती थीं और उन्हें कॉलेज भेजा जाता था। वहां से विद्यार्थी अपनी डिग्री प्राप्त करते थे। यह पूरी प्रक्रिया काफी लंबी होती थी। इसमें समय भी अधिक लगता था। इस कारण उन्हें दो-दो साल तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब कॉलेज जाकर डिग्री लेने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।
प्रो. रावत ने बताया कि कोविड-19 सुरक्षा मानकों के कारण समारोह दो चरणों में होगा। पहले चरण में विद्यार्थियों को 150 मेडल व 36 पुरस्कार दिए जाएंगे। दूसरे चरण में 670 पीएचडी डिग्रियां दी जाएंगी। साथ ही, 44 डीएम, एमसीएच की डिग्रियां भी प्रदान की जाएंगी। प्रशासन ने समारोह में शामिल होने के लिए आरोग्य सेतु एप को अनिवार्य किया है। इसके बिना समारोह में प्रवेश नहीं मिलेगा। इसे वर्चुअली देखा जा सकेगा।
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डीयू परीक्षा शाखा के डीन प्रो. सीएस रावत ने बताया कि समारोह में केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक इन्हें जारी करेंगे। इसके बाद विद्यार्थियों को डिग्री जारी होने का ईमेल मिलेगा। इसके बाद वे प्रक्रिया को पूरा करने के बाद अपनी डिग्री डाउनलोड कर सकेंगे। अब तक समारोह में डिग्री जारी होती थीं और उन्हें कॉलेज भेजा जाता था। वहां से विद्यार्थी अपनी डिग्री प्राप्त करते थे। यह पूरी प्रक्रिया काफी लंबी होती थी। इसमें समय भी अधिक लगता था। इस कारण उन्हें दो-दो साल तक इंतजार करना पड़ता था, लेकिन अब कॉलेज जाकर डिग्री लेने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।
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प्रो. रावत ने बताया कि कोविड-19 सुरक्षा मानकों के कारण समारोह दो चरणों में होगा। पहले चरण में विद्यार्थियों को 150 मेडल व 36 पुरस्कार दिए जाएंगे। दूसरे चरण में 670 पीएचडी डिग्रियां दी जाएंगी। साथ ही, 44 डीएम, एमसीएच की डिग्रियां भी प्रदान की जाएंगी। प्रशासन ने समारोह में शामिल होने के लिए आरोग्य सेतु एप को अनिवार्य किया है। इसके बिना समारोह में प्रवेश नहीं मिलेगा। इसे वर्चुअली देखा जा सकेगा।
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