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डीयू ने प्रक्रिया ध्यानपूर्वक पूरी करने की दी सलाह
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नई दिल्ली। डीयू प्रशासन ने दाखिला प्रक्रिया को विस्तार से समझाते हुए सभी विद्यार्थियों को इसे ध्यानपूर्वक पूरी करने की सलाह दी है। इस संबंध में दिए गए स्पष्टीकरण इस प्रकार हैं :
- दाखिला लेने से पहले विद्यार्थी को सुनिश्चित करना होगा कि उनके अंक व योग्यता कटऑफ के मुताबिक हैं। इसके लिए विद्यार्थी को अपने बेस्ट तीन या चार विषयों के अंकों को मिलाना होगा।
- माना कि पहली कटऑफ 98 और दूसरी 97.25 फीसदी है। ऐसे में दूसरी कटऑफ में केवल उन्हीं विद्यार्थियों को दाखिला मिलेगा, जिनके अंक 97.25 फीसदी या इससे अधिक हैं। लेकिन इन्हें 98 फीसदी से कम होना चाहिए।
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- एक कटऑफ के तहत विद्यार्थी को केवल एक ही कॉलेज और प्रोग्राम चुनना होगा। एक से अधिक कॉलेज व प्रोग्राम को चुनने की अनुमति नहीं होगी।
- कॉलेज और प्रोग्राम को चुनने के लिए भी विद्यार्थी को अपने डैशबोर्ड से आवेदन करना है। इसके लिए कॉलेज या विश्वविद्यालय पहुंचने की आवश्यकता नहीं है।
इस तरह करना होगा आवेदन
- छात्रों को अपने लॉग-इन आईडी से ऑनलाइन जाना होगा। इसके बाद ही प्रोग्राम और कॉलेज के लिए आवेदन करना है।
- आवेदन मिलने के बाद कॉलेज स्तर पर दस्तावेज का सत्यापन होगा। प्रोग्राम शिक्षक के बाद दाखिला कन्वीनर अपने स्तर पर जांच करेंगे। अंतिम रूप से कॉलेज प्राचार्य दाखिले को मंजूर या निरस्त कर सकेंगे।
- प्राचार्य के दाखिला मंजूर करने पर विद्यार्थी को समय सीमा केे अंदर कॉलेज की फीस जमा करानी होगी। इसके लिए उनके डैशबोर्ड पर लिंक आ जाएगा।
- किसी विद्यार्थी के दस्तावेज अधूरे हैं तो कॉलेज उनके नंबर या ई-मेल आईडी से संपर्क करेगा। कॉलेज के मांगने पर समय सीमा के भीतर दस्तावेज जमा नहीं किया जाता तो दाखिला निरस्त कर दिया जाएगा।
- दाखिला होने के बाद कॉलेज दस्तावेज का भौतिक सत्यापन करेगा। यदि दस्तावेज में दी गई कोई जानकारी गलत पाई जाती है तो दाखिला निरस्त कर दिया जाएगा।
- कटऑफ में प्रोग्राम व कॉलेज चुनने के बाद बदलाव का विकल्प नहीं रहेगा मौजूद।
- दूसरी कटऑफ में दाखिला लेने से पूर्व पहली से हुआ दाखिला कराना होगा निरस्त। इसके लिए एक हजार रुपये का शुल्क लगेगा।
- प्रत्येक कटऑफ में दाखिला निरस्त कराने का विकल्प रहेगा। विद्यार्थी किसी कटऑफ में दाखिला निरस्त कर देते हैं तो उन्हें दोबारा उसी कटऑफ में दाखिला लेने की अनुमति नहीं होगी।
- आरक्षित श्रेणियों के विद्यार्थियों को दाखिले के समय अपने पास संबंधित प्रमाण पत्रों को भी रखना होगा।
- ओबीसी व ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए 31 मार्च 2021 के बाद जारी दस्तावेज दाखिले के लिए मान्य होंगे।
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- दाखिला लेने से पहले विद्यार्थी को सुनिश्चित करना होगा कि उनके अंक व योग्यता कटऑफ के मुताबिक हैं। इसके लिए विद्यार्थी को अपने बेस्ट तीन या चार विषयों के अंकों को मिलाना होगा।
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- माना कि पहली कटऑफ 98 और दूसरी 97.25 फीसदी है। ऐसे में दूसरी कटऑफ में केवल उन्हीं विद्यार्थियों को दाखिला मिलेगा, जिनके अंक 97.25 फीसदी या इससे अधिक हैं। लेकिन इन्हें 98 फीसदी से कम होना चाहिए।
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- एक कटऑफ के तहत विद्यार्थी को केवल एक ही कॉलेज और प्रोग्राम चुनना होगा। एक से अधिक कॉलेज व प्रोग्राम को चुनने की अनुमति नहीं होगी।
- कॉलेज और प्रोग्राम को चुनने के लिए भी विद्यार्थी को अपने डैशबोर्ड से आवेदन करना है। इसके लिए कॉलेज या विश्वविद्यालय पहुंचने की आवश्यकता नहीं है।
इस तरह करना होगा आवेदन
- छात्रों को अपने लॉग-इन आईडी से ऑनलाइन जाना होगा। इसके बाद ही प्रोग्राम और कॉलेज के लिए आवेदन करना है।
- आवेदन मिलने के बाद कॉलेज स्तर पर दस्तावेज का सत्यापन होगा। प्रोग्राम शिक्षक के बाद दाखिला कन्वीनर अपने स्तर पर जांच करेंगे। अंतिम रूप से कॉलेज प्राचार्य दाखिले को मंजूर या निरस्त कर सकेंगे।
- प्राचार्य के दाखिला मंजूर करने पर विद्यार्थी को समय सीमा केे अंदर कॉलेज की फीस जमा करानी होगी। इसके लिए उनके डैशबोर्ड पर लिंक आ जाएगा।
- किसी विद्यार्थी के दस्तावेज अधूरे हैं तो कॉलेज उनके नंबर या ई-मेल आईडी से संपर्क करेगा। कॉलेज के मांगने पर समय सीमा के भीतर दस्तावेज जमा नहीं किया जाता तो दाखिला निरस्त कर दिया जाएगा।
- दाखिला होने के बाद कॉलेज दस्तावेज का भौतिक सत्यापन करेगा। यदि दस्तावेज में दी गई कोई जानकारी गलत पाई जाती है तो दाखिला निरस्त कर दिया जाएगा।
- कटऑफ में प्रोग्राम व कॉलेज चुनने के बाद बदलाव का विकल्प नहीं रहेगा मौजूद।
- दूसरी कटऑफ में दाखिला लेने से पूर्व पहली से हुआ दाखिला कराना होगा निरस्त। इसके लिए एक हजार रुपये का शुल्क लगेगा।
- प्रत्येक कटऑफ में दाखिला निरस्त कराने का विकल्प रहेगा। विद्यार्थी किसी कटऑफ में दाखिला निरस्त कर देते हैं तो उन्हें दोबारा उसी कटऑफ में दाखिला लेने की अनुमति नहीं होगी।
- आरक्षित श्रेणियों के विद्यार्थियों को दाखिले के समय अपने पास संबंधित प्रमाण पत्रों को भी रखना होगा।
- ओबीसी व ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए 31 मार्च 2021 के बाद जारी दस्तावेज दाखिले के लिए मान्य होंगे।