{"_id":"5f82186c8ebc3e9c02167a17","slug":"drug-peddler-held-5-kg-heroin-seized-ashram-news-noi5417004111","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्लीः 20 करोड़ की हेरोइन के साथ दो गिरफ्तार, एक का तो पूरा परिवार करता है तस्करी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्लीः 20 करोड़ की हेरोइन के साथ दो गिरफ्तार, एक का तो पूरा परिवार करता है तस्करी
Sun, 11 Oct 2020 01:54 AM IST
नोएडा ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 11 Oct 2020 01:54 AM IST
विज्ञापन
परमजीत सिंह और अश्विनी
- फोटो : amar ujala
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दो हेरोइन तस्करों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान इंद्रपुरी, दिल्ली निवासी परमजीत सिंह (38) और रघुबीर नगर निवासी अश्विनी (35) के रूप में हुई है। आरोपियों के पास से 5 किलो हेरोइन बरामद हुई है जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 20 करोड़ रुपये है। आरोपी परमजीत राजस्थान से हेरोइन लाकर दिल्ली-एनसीआर में सप्लाई करता था। दोनों के पास से कई मोबाइल व सिमकार्ड भी बरामद हुए हैं।
विज्ञापन
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि बृहस्पतिवार को पुलिस टीम को सूचना मिली कि एक तस्कर पूसा रोड के गेट के पास किसी को हेरोइन देने आने वाला है। पुलिस ने घेराबंदी कर दोपहर बाद परमजीत और अश्विनी को पांच किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार कर लिया। परमजीत राजस्थान से हेरोइन लाकर अश्विनी को देने आया था। पुलिस दोनों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।
विज्ञापन
परमजीत का पूरा परिवार करता है तस्करी, दर्ज हैं 80 से ज्यादा मामले
परमजीत छह वर्षों से तस्करी कर रहा था। उसका पूरा परिवार तस्करी में शामिल है। उसके रिश्तेदार ज्वाला नगर, कस्तूरबा नगर, नंद नगरी, इंद्रपुरी समेत अन्य इलाकों में रहते हैं। सभी राजस्थान से हेरोइन लाते हैं। परमजीत का पिता फूल सिंह उर्फ रतन सिंह हेरोइन तस्कर है। उसके खिलाफ 41 मामले दर्ज हैं। परमजीत का भाई धर्मबीर उर्फ पिल्ला के खिलाफ लूटपाट, पुलिस टीम पर हमला, मादक पदार्थों का धंधा करने के कई मामले दर्ज हैं। चाचा मनजीत सिंह उर्फ मन्नी के खिलाफ 30 मुकदमे और चचेरे भाई जोगिंदर उर्फ टाइगर के खिलाफ 10 से अधिक केस दर्ज हैं।
विज्ञापन
मुखबिरी करने पर पंचायत कर लगाते थे जुर्माना
परमजीत ने बताया कि वह जान पहचान के ग्रुप में ही धंधा करते हैं। हेरोइन का सौदा परिवार के लोग आपस में करते थे। ऐसे में इनकी पुलिस से मुखबिरी की आशंका कम रहती थी। परमजीत बताता है कि कई बार पुलिस की रेड के दौरान परिवार के लोग छतों से पथराव कर, गोली चलाकर और दूसरे तरीकों से पुलिस को घेर लेते थे। इन लोगों के यहां एक पंचायत बनी हुई है। यदि कोई पुलिस को मुखबिरी करता है और पंचायत को पता चलता था तो उसके खिलाफ मोटा जुर्माना लगाने के अलावा उस पर कई तरह की पाबंदियां भी लगा दी जाती थी।