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Delhi News: राजधानी के प्रमुख रास्तों पर ड्रोन की नजर, ट्रैफिक सुचारु बनाने की तैयारी
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बड़ी सभाओं और जुलूसों से पहले और उनके दौरान भी ड्रोन तैनात किए जा रहे
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस यातायात प्रबंधन की दिशा में टेक्नोलॉजी आधारित कदम उठाते हुए अब ड्रोन से ट्रैफिक को चलाने की तैयारी कर रही है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस राजधानी के अहम रास्तों पर ट्रैफिक की आवाजाही का रियल-टाइम एरियल व्यू (ऊपर से नजारा) पाने के लिए तेज़ी से ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है।
दिल्ली ट्रैफिक (जोन-I) की अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विजयांता गोयल आर्या ने बताया कि ट्रैफिक की रियल-टाइम स्थिति का पता लगाने, जाम वाली जगहों की पहचान करने और समय पर कार्रवाई करने के लिए बड़े चौराहों, मुख्य सड़कों और जाम-प्रोन कॉरिडोर पर ड्रोन से निगरानी की जा रही है। ऊपर से की गई निगरानी ट्रैफिक टीमों को जाम होने पर नजर रखने और गाड़ियों की आवाजाही को सुचारु बनाने के लिए तुरंत कदम उठाने में मदद करती है।
उन्होंने बताया कि अंतरराज्यीय बॉर्डर पॉइंट और उन जगहों पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है जहां गाड़ियों की लंबी कतारें लगती हैं। ड्रोन से मिली जानकारी कतारों की लंबाई और फैलाव का पता लगाने, जाम वाली जगहों की पहचान करने और ज़मीन पर बेहतर रेगुलेशन और ट्रैफिक को हटाने की रणनीतियों में मदद करती है। बड़े ट्रांजिट हब जैसे कि अंतर-राज्यीय बस टर्मिनल नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और अन्य महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों के आसपास भी एरियल मॉनिटरिंग की जा रही है, जहां अक्सर गाड़ियों और यात्रियों की भारी आवाजाही होती है। रियल-टाइम जानकारी ऐसी ज्यादा भीड़-भाड़ वाली जगहों पर ट्रैफ़िक की आवाजाही को सुव्यवस्थित करने और तालमेल बेहतर बनाने में मदद करती है।
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अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि इसके अलावा बड़ी सभाओं और जुलूसों से पहले और उनके दौरान भी ड्रोन तैनात किए जा रहे हैं, ताकि ट्रैफिक की मात्रा का पता लगाया जा सके, जाम का अनुमान लगाया जा सके और डायवर्जन, तैनाती और ट्रैफिक रेगुलेशन के अन्य उपायों की पहले से योजना बनाने में मदद मिल सके।
ड्रोन निगरानी से मिली जानकारी का इस्तेमाल सिग्नल टाइमिंग को ठीक करने, तैनाती को बेहतर बनाने और अहम चौराहों और रास्तों पर ट्रैफिक को बेहतर ढंग से हटाने के लिए भी किया जा रहा है। यह पहल राजधानी में सुरक्षित, सुचारु और अधिक कुशल आवाजाही के लिए टेक्नोलॉजी आधारित, रियल-टाइम और प्रोएक्टिव ट्रैफिक मैनेजमेंट पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के लगातार जोर को दर्शाती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस यातायात प्रबंधन की दिशा में टेक्नोलॉजी आधारित कदम उठाते हुए अब ड्रोन से ट्रैफिक को चलाने की तैयारी कर रही है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस राजधानी के अहम रास्तों पर ट्रैफिक की आवाजाही का रियल-टाइम एरियल व्यू (ऊपर से नजारा) पाने के लिए तेज़ी से ड्रोन का इस्तेमाल कर रही है।
दिल्ली ट्रैफिक (जोन-I) की अतिरिक्त पुलिस आयुक्त विजयांता गोयल आर्या ने बताया कि ट्रैफिक की रियल-टाइम स्थिति का पता लगाने, जाम वाली जगहों की पहचान करने और समय पर कार्रवाई करने के लिए बड़े चौराहों, मुख्य सड़कों और जाम-प्रोन कॉरिडोर पर ड्रोन से निगरानी की जा रही है। ऊपर से की गई निगरानी ट्रैफिक टीमों को जाम होने पर नजर रखने और गाड़ियों की आवाजाही को सुचारु बनाने के लिए तुरंत कदम उठाने में मदद करती है।
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उन्होंने बताया कि अंतरराज्यीय बॉर्डर पॉइंट और उन जगहों पर भी खास ध्यान दिया जा रहा है जहां गाड़ियों की लंबी कतारें लगती हैं। ड्रोन से मिली जानकारी कतारों की लंबाई और फैलाव का पता लगाने, जाम वाली जगहों की पहचान करने और ज़मीन पर बेहतर रेगुलेशन और ट्रैफिक को हटाने की रणनीतियों में मदद करती है। बड़े ट्रांजिट हब जैसे कि अंतर-राज्यीय बस टर्मिनल नई दिल्ली रेलवे स्टेशन और अन्य महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों के आसपास भी एरियल मॉनिटरिंग की जा रही है, जहां अक्सर गाड़ियों और यात्रियों की भारी आवाजाही होती है। रियल-टाइम जानकारी ऐसी ज्यादा भीड़-भाड़ वाली जगहों पर ट्रैफ़िक की आवाजाही को सुव्यवस्थित करने और तालमेल बेहतर बनाने में मदद करती है।
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अतिरिक्त पुलिस आयुक्त ने बताया कि इसके अलावा बड़ी सभाओं और जुलूसों से पहले और उनके दौरान भी ड्रोन तैनात किए जा रहे हैं, ताकि ट्रैफिक की मात्रा का पता लगाया जा सके, जाम का अनुमान लगाया जा सके और डायवर्जन, तैनाती और ट्रैफिक रेगुलेशन के अन्य उपायों की पहले से योजना बनाने में मदद मिल सके।
ड्रोन निगरानी से मिली जानकारी का इस्तेमाल सिग्नल टाइमिंग को ठीक करने, तैनाती को बेहतर बनाने और अहम चौराहों और रास्तों पर ट्रैफिक को बेहतर ढंग से हटाने के लिए भी किया जा रहा है। यह पहल राजधानी में सुरक्षित, सुचारु और अधिक कुशल आवाजाही के लिए टेक्नोलॉजी आधारित, रियल-टाइम और प्रोएक्टिव ट्रैफिक मैनेजमेंट पर दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के लगातार जोर को दर्शाती है।