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Delhi News: बसों में सुरक्षा इंतजाम नहीं होने पर ड्राइवर-कंडक्टर भी होंगे जवाबदेह
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लोकेशन बताने वाला उपकरण, आपातकालीन बटन, अग्निशमन यंत्र और प्राथमिक उपचार किट दुरुस्त रखना जरूरी
दिल्ली में आने वाली सभी बसों पर लागू होगा यह नियम, नहीं मानने पर सख्त कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में चलने वाली बसों में यात्रियों की सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने पर अब केवल बस ऑपरेटर ही नहीं, बल्कि ड्राइवर और कंडक्टर भी जवाबदेह होंगे। परिवहन विभाग ने राजधानी में चलने वाली सभी बसों के ऑपरेटरों को सुरक्षा और संचालन संबंधी नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। खास बात यह है कि ये निर्देश दिल्ली में चलने वाली दूसरे राज्यों की बसों पर भी लागू होंगे। नियमों का उल्लंघन होने पर जुर्माने से लेकर वाहन जब्त करने और लाइसेंस या परमिट के निलंबन अथवा रद्द करने तक की कार्रवाई हो सकती है।
विभाग के निर्देश के मुताबिक, बस में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन हर समय चालू हालत में होने चाहिए। पैनिक बटन यात्रियों की आसान पहुंच में होना जरूरी है। इसके अलावा बस में काम करने की स्थिति में अग्निशमन यंत्र और प्राथमिक उपचार किट भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। सुरक्षा उपकरण लगे होने के बावजूद काम नहीं करने की स्थिति में पाए जाने पर भी इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
ड्राइवर और कंडक्टर को यात्रियों के साथ विनम्र व्यवहार करना होगा। ड्राइवर के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस, यूनिफॉर्म आदि होना जरूरी है। कंडक्टर के पास वैध कंडक्टर लाइसेंस, यूनिफॉर्म होना अनिवार्य है। बस ऑपरेटरों को ड्राइवर, कंडक्टर, अटेंडेंट और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति से पहले नियमानुसार उनका सत्यापन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। जहां जरूरी हो वहां बस में अधिकृत अटेंडेंट की व्यवस्था करनी होगी। बस चलते समय सभी दरवाजे सुरक्षित तरीके से बंद रखने होंगे। दिव्यांग यात्रियों को बस में चढ़ने और उतरने में कर्मचारियों को मदद करनी होगी।
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परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। सुरक्षा के इंतजाम केवल कागजों पर दर्ज होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सभी उपकरण और व्यवस्थाएं वास्तविक रूप से काम करने की स्थिति में होनी चाहिए। विभाग ने ऑपरेटरों को निर्देशों की जानकारी अपने ड्राइवरों और कर्मचारियों तक पहुंचाने और उनका सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
महिला यात्रियों की सुरक्षा पर भी विशेष जोर
महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी परिवहन विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। बस ऑपरेटरों को ड्राइवर, कंडक्टर और दूसरे कर्मचारियों को महिलाओं के साथ छेड़छाड़ या किसी भी तरह के गलत व्यवहार के गंभीर परिणामों के बारे में जागरूक करना होगा। यदि बस में किसी महिला के साथ अश्लील व्यवहार, बदतमीजी, छेड़छाड़, फब्तियां कसने या कोई अन्य अपराध होता है तो बस कर्मचारियों को तत्काल पुलिस को सूचना देनी होगी। साथ ही बस को नजदीकी पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट या पीसीआर वैन तक ले जाने के निर्देश दिए गए हैं।
बीच सड़क पर बस रोकने पर भी रोक
परिवहन विभाग ने बस ऑपरेटरों को ट्रैफिक नियमों और निर्धारित बस लेन का पालन करने के निर्देश दिए हैं। यात्रियों को केवल तय बस स्टॉप या अधिकृत स्थानों पर ही उतारने और चढ़ाने की अनुमति होगी। सड़क के बीच या चौराहे जैसे असुरक्षित स्थानों पर बस रोकना प्रतिबंधित रहेगा। हर बस के पास वैध फिटनेस प्रमाणपत्र होना चाहिए और उसका तकनीकी रूप से दुरुस्त होना जरूरी है।
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दिल्ली में आने वाली सभी बसों पर लागू होगा यह नियम, नहीं मानने पर सख्त कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में चलने वाली बसों में यात्रियों की सुरक्षा के इंतजाम नहीं होने पर अब केवल बस ऑपरेटर ही नहीं, बल्कि ड्राइवर और कंडक्टर भी जवाबदेह होंगे। परिवहन विभाग ने राजधानी में चलने वाली सभी बसों के ऑपरेटरों को सुरक्षा और संचालन संबंधी नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। खास बात यह है कि ये निर्देश दिल्ली में चलने वाली दूसरे राज्यों की बसों पर भी लागू होंगे। नियमों का उल्लंघन होने पर जुर्माने से लेकर वाहन जब्त करने और लाइसेंस या परमिट के निलंबन अथवा रद्द करने तक की कार्रवाई हो सकती है।
विभाग के निर्देश के मुताबिक, बस में व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस और पैनिक बटन हर समय चालू हालत में होने चाहिए। पैनिक बटन यात्रियों की आसान पहुंच में होना जरूरी है। इसके अलावा बस में काम करने की स्थिति में अग्निशमन यंत्र और प्राथमिक उपचार किट भी अनिवार्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। सुरक्षा उपकरण लगे होने के बावजूद काम नहीं करने की स्थिति में पाए जाने पर भी इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
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ड्राइवर और कंडक्टर को यात्रियों के साथ विनम्र व्यवहार करना होगा। ड्राइवर के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस, यूनिफॉर्म आदि होना जरूरी है। कंडक्टर के पास वैध कंडक्टर लाइसेंस, यूनिफॉर्म होना अनिवार्य है। बस ऑपरेटरों को ड्राइवर, कंडक्टर, अटेंडेंट और अन्य कर्मचारियों की नियुक्ति से पहले नियमानुसार उनका सत्यापन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। जहां जरूरी हो वहां बस में अधिकृत अटेंडेंट की व्यवस्था करनी होगी। बस चलते समय सभी दरवाजे सुरक्षित तरीके से बंद रखने होंगे। दिव्यांग यात्रियों को बस में चढ़ने और उतरने में कर्मचारियों को मदद करनी होगी।
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परिवहन मंत्री डॉ. पंकज कुमार सिंह ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। सुरक्षा के इंतजाम केवल कागजों पर दर्ज होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सभी उपकरण और व्यवस्थाएं वास्तविक रूप से काम करने की स्थिति में होनी चाहिए। विभाग ने ऑपरेटरों को निर्देशों की जानकारी अपने ड्राइवरों और कर्मचारियों तक पहुंचाने और उनका सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
महिला यात्रियों की सुरक्षा पर भी विशेष जोर
महिला यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी परिवहन विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। बस ऑपरेटरों को ड्राइवर, कंडक्टर और दूसरे कर्मचारियों को महिलाओं के साथ छेड़छाड़ या किसी भी तरह के गलत व्यवहार के गंभीर परिणामों के बारे में जागरूक करना होगा। यदि बस में किसी महिला के साथ अश्लील व्यवहार, बदतमीजी, छेड़छाड़, फब्तियां कसने या कोई अन्य अपराध होता है तो बस कर्मचारियों को तत्काल पुलिस को सूचना देनी होगी। साथ ही बस को नजदीकी पुलिस स्टेशन, पुलिस पोस्ट या पीसीआर वैन तक ले जाने के निर्देश दिए गए हैं।
बीच सड़क पर बस रोकने पर भी रोक
परिवहन विभाग ने बस ऑपरेटरों को ट्रैफिक नियमों और निर्धारित बस लेन का पालन करने के निर्देश दिए हैं। यात्रियों को केवल तय बस स्टॉप या अधिकृत स्थानों पर ही उतारने और चढ़ाने की अनुमति होगी। सड़क के बीच या चौराहे जैसे असुरक्षित स्थानों पर बस रोकना प्रतिबंधित रहेगा। हर बस के पास वैध फिटनेस प्रमाणपत्र होना चाहिए और उसका तकनीकी रूप से दुरुस्त होना जरूरी है।