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महिला दिवस पर वन वर्ड लिटरेसी चैलेंज का आयोजन, डॉ. सुनीता गांधी ने दी जानकारी
Sat, 06 Mar 2021 11:18 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: प्राची प्रियम
Updated Sat, 06 Mar 2021 11:18 PM IST
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डॉ. सुनीता गांधी
- फोटो : अमर उजाला
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जीसीपीएल और ग्लोबल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की संस्थापक डॉ. सुनीता गांधी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर 8 मार्च को ‘वन वर्ड लिटरेसी चैलेंज’ की शुरुआत करेंगी। भारत को 100 प्रतिशत साक्षर बनाने के इस चैलेंज से जुड़ने के लिए उन्होंने वॉलंटियर्स को आमंत्रित किया है। इसके तहत वॉलंटियर्स को आवर नेम लिटरेसी चैलेंज का सामना करना होगा। इसके तहत उन्हें किसी निरक्षर व्यक्ति (विशेषतौर पर महिला) को एक घंटे में अपना नाम लिखना और पढ़ना सिखाना होगा।
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नम लिटरेसी चैलेंज पूरा करने के बाद वॉलंटियर्स को 30-आवर कंप्लीट लिटरेसी चैलेंज से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिसके तहत किसी निरक्षर को पूरी तरह साक्षर और फाउंडेशनल (स्टैंडर्ड 3) लेवल तक गिनती की जानकारी देनी होगी।
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डॉ. सुनीता गांधी ने बताया, ‘महिलाओं की साक्षरता देश के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए बहुत अहम है। उन्हें लिखना-पढ़ना सिखाने से व्यापक सामाजिक बदलाव आएगा। महिलाओं को सशक्त और शिक्षित करना पूरी एक पीढ़ी को शिक्षित करने जैसा है। एक शिक्षित महिला सुनिश्चित करती है कि पूरे परिवार में साक्षरता आए।’
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इस चैलेंज की शुरुआत नाम से किए जाने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, ‘हमारा नाम हमारी पहचान, हमारा हस्ताक्षर होता है और अपना नाम लिखना आने से व्यक्ति का आत्मविश्वास बहुत बढ़ जाता है। हम स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों, काम कर रहे या रिटायर हो चुके लोगों, होम मेकर्स, कॉरपोरेट्स, सिविल सोसायटी ऑर्गनाइजेशंस और समाज के सभी वर्गों से वॉलंटियर्स को इस चैलेंज का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित करते हैं। आप सिर्फ एक शब्द से किसी की पूरी दुनिया बदल सकते हैं।’
डॉ. गांधी ने पहली वॉलंटियर के तौर पर एक घंटे के भीतर पुनीता नाम की महिला को अपना नाम लिखना, पढ़ना और हस्ताक्षर करना सिखाया है। इस नेम लिटरेसी चैलेंज में हिस्सा लेने के लिए वेबसाइट पर विजिट करते हुए वॉलंटियर्स अपने और लर्नर के नाम व अन्य जानकारियों के साथ खुद को रजिस्टर कर सकते हैं।