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बाड़ा हिंदुराव में दोहरा हत्याकांड ; बिल्डर के भाई को मिली थी जान से मारने की धमकी
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नई दिल्ली। बाड़ा हिंदुराव इलाके के दोहरे हत्याकांड की जांच में पुलिस को अहम सुराग मिले हैं। जांच में पता चला कि बृहस्पतिवार देर रात जिस बिल्डर पर हमला हुआ था, उसके भाई को पहले भी जान से मारने की धमकी मिली थी। इसकी शिकायत उसने बाड़ा हिंदुराव थाने में की थी। लेकिन, अप्रैल मेें बिल्डर के भाई की मौत होने पर पुुलिस ने जांच बंद कर दी थी। पुलिस की तीन टीमें हर पहलू पर जांच कर रही है।
दरअसल, पांच-छह बदमाशों ने बृहस्पतिवार को क हासुनी के बाद बाड़ा हिंदुराव निवासी बिल्डर हाजी नईम अहमद पीर और उसके भांजे मुनीफ पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थी। हमले में दोनों बाल-बाल बच गए, लेकिन गोली लगने से दो राहगीरों की मौत हो गई थी। हाजी नईम अहमद पीर ने पुलिस को बताया कि वह भाई वकील अहमद के साथ नर्सिंग होम और जिम का कारोबार संभालते थे। मेरठ निवासी कुछ बदमाश वकील अहमद को फोन पर जान से मारने की धमकी दे रहे थे। इस संबंध में वकील अहमद ने थाने में शिकायत की थी। अप्रैल माह में उनका देहांत हो गया। इसके बाद वह भांजे मुनीफ के साथ कारोबार संभाल रहे हैं। पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि शाहदरा में 2800 गज की उनकी प्रॉपर्टी थी। इसमें से आधे हिस्से को बेच दिया था। इसके बाद प्रॉपर्टी को लेकर विवाद हो गया था। प्रॉपर्टी को लेकर हाईकोर्ट से इनके पक्ष में फैसला आया था। मुनीफ ने दावा किया है कि उसने दो हमलावरों को पकड़कर उनका मास्क हटा दिया था। इससे पहले हमलावरों को उसने इलाके में कभी नहीं देखा था। माना जा रहा है कि मामा-भांजे की हत्या करने के लिए सुपारी दी गई थी। पुलिस सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों का मकसद मामा-भांजे की हत्या करना था। पुलिस की तीन टीमें हर पहलू पर जांच कर रही है।
बसों की सफाई कर करवा रहा था पिता का इलाज
दो राहगीरों की मौत में एक की पहचान तेलीबाड़ा सदर बाजार निवासी संजय (27) के रूप में हुई। वह मूलत: यूपी स्थित बुलंदशहर का रहने वाला था। संजय के पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार कह रहे थे कि बदमाशों ने उसका सहारा छीन लिया। पिता ने बताया कि वह हृदयघात की बीमारी से ग्रस्त है। संजय उसकी काफी मदद करता था। संजय बसों की सफाई कर उनका इलाज करवा रहा था। वह अपने छोटे भाई-बहनों और सौतेली मां का भी ख्याल रखता था। बुआ जयमाली ने बताया कि संजय धार्मिक स्वभाव का था।
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दरअसल, पांच-छह बदमाशों ने बृहस्पतिवार को क हासुनी के बाद बाड़ा हिंदुराव निवासी बिल्डर हाजी नईम अहमद पीर और उसके भांजे मुनीफ पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थी। हमले में दोनों बाल-बाल बच गए, लेकिन गोली लगने से दो राहगीरों की मौत हो गई थी। हाजी नईम अहमद पीर ने पुलिस को बताया कि वह भाई वकील अहमद के साथ नर्सिंग होम और जिम का कारोबार संभालते थे। मेरठ निवासी कुछ बदमाश वकील अहमद को फोन पर जान से मारने की धमकी दे रहे थे। इस संबंध में वकील अहमद ने थाने में शिकायत की थी। अप्रैल माह में उनका देहांत हो गया। इसके बाद वह भांजे मुनीफ के साथ कारोबार संभाल रहे हैं। पीड़ितों ने पुलिस को बताया कि शाहदरा में 2800 गज की उनकी प्रॉपर्टी थी। इसमें से आधे हिस्से को बेच दिया था। इसके बाद प्रॉपर्टी को लेकर विवाद हो गया था। प्रॉपर्टी को लेकर हाईकोर्ट से इनके पक्ष में फैसला आया था। मुनीफ ने दावा किया है कि उसने दो हमलावरों को पकड़कर उनका मास्क हटा दिया था। इससे पहले हमलावरों को उसने इलाके में कभी नहीं देखा था। माना जा रहा है कि मामा-भांजे की हत्या करने के लिए सुपारी दी गई थी। पुलिस सीसीटीवी कैमरे की फुटेज भी खंगाल रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हमलावरों का मकसद मामा-भांजे की हत्या करना था। पुलिस की तीन टीमें हर पहलू पर जांच कर रही है।
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बसों की सफाई कर करवा रहा था पिता का इलाज
दो राहगीरों की मौत में एक की पहचान तेलीबाड़ा सदर बाजार निवासी संजय (27) के रूप में हुई। वह मूलत: यूपी स्थित बुलंदशहर का रहने वाला था। संजय के पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार कह रहे थे कि बदमाशों ने उसका सहारा छीन लिया। पिता ने बताया कि वह हृदयघात की बीमारी से ग्रस्त है। संजय उसकी काफी मदद करता था। संजय बसों की सफाई कर उनका इलाज करवा रहा था। वह अपने छोटे भाई-बहनों और सौतेली मां का भी ख्याल रखता था। बुआ जयमाली ने बताया कि संजय धार्मिक स्वभाव का था।
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