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दिल्ली : बढ़ते मामलों के बीच एम्स डायरेक्टर ने चेताया, अगर हालात नहीं बदले तो...
Mon, 12 Apr 2021 10:20 PM IST
शाहरुख खान
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 12 Apr 2021 10:20 PM IST
सार
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने आगाह किया कि अगर हालात नहीं बदले तो संक्रमण की तेज़ी से बढ़ती दर देश की स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था पर बड़ा दबाव डालेगी।
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दिल्ली एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया
- फोटो : ANI
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विस्तार
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया ने सोमवार को कहा कि लोगों का कोविड-उपयुक्त व्यवहार का पालन नहीं करना और सार्स-कोव-2 के उच्च संक्रामक स्वरूप का प्रसार भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों का मुख्य कारण हो सकता है।
गुलेरिया ने आगाह किया कि अगर हालात नहीं बदले तो संक्रमण की तेज़ी से बढ़ती दर देश की स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था पर बड़ा दबाव डालेगी। उन्होंने प्रशासन और अधिकारियों द्वारा कोविड-उपयुक्त व्यवहार कड़ाई से लागू कराने की मांग की।
एम्स निदेशक ने कहा, फरवरी के करीब, जब मामले कम होना शुरू हुए तो लोग कोविड-उपयुक्त व्यवहार के प्रति लापरवाह हो गए और उन्हें लगने लगा कि वायरस अप्रभावी हो गया है।
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गुलेरिया ने कहा कि लोग अब बीमारी को हल्के में ले रहे हैं। अगर आप बाहर जाएं तो आप देखेंगे कि बाजारों, रेस्तरां और शॉपिंग माल में भीड़ है और वे लोगों से भरे पड़े हैं तथा ये सभी सुपर स्प्रेडर (तेजी से प्रसार फैलाने वाली) घटनाएं हैं।
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गुलेरिया ने आगाह किया कि अगर हालात नहीं बदले तो संक्रमण की तेज़ी से बढ़ती दर देश की स्वास्थ्य देखभाल व्यवस्था पर बड़ा दबाव डालेगी। उन्होंने प्रशासन और अधिकारियों द्वारा कोविड-उपयुक्त व्यवहार कड़ाई से लागू कराने की मांग की।
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एम्स निदेशक ने कहा, फरवरी के करीब, जब मामले कम होना शुरू हुए तो लोग कोविड-उपयुक्त व्यवहार के प्रति लापरवाह हो गए और उन्हें लगने लगा कि वायरस अप्रभावी हो गया है।
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गुलेरिया ने कहा कि लोग अब बीमारी को हल्के में ले रहे हैं। अगर आप बाहर जाएं तो आप देखेंगे कि बाजारों, रेस्तरां और शॉपिंग माल में भीड़ है और वे लोगों से भरे पड़े हैं तथा ये सभी सुपर स्प्रेडर (तेजी से प्रसार फैलाने वाली) घटनाएं हैं।
उन्होंने कहा कि इससे पहले यदि एक बीमार अपने संपर्क में आए करीब 30 फीसदी लोगों को संक्रमित कर सकता था तो इस बार बीमार पड़ रहे लोग बड़ी संख्या में लोगों को संक्रमित कर रहे हैं।
गुलेरिया ने कहा कि इसलिए, संक्रमण के प्रसार की दर तेज है, इसका कारण शायद, अत्यधिक संक्रामक और संचार्य स्वरूप का फैलना है।
भारत में सार्स-कोव-2 के विभिन्न स्वरूप फैल रहे हैं और विशेषज्ञों ने उन्हें तेजी से फैलने वाला बताया है, जिनमें वायरस के ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील के प्रकार शामिल हैं।
गुलेरिया ने बताया कि पूरी मानवता कठिन समय से गुजर रही है और जब तक जरूरी नहीं हो, तब तक लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलना चाहिए। उन्होंने कहा, यह सुनिश्चित किया जाए कि लोग जमा न हों और कोविड-उपयुक्त व्यवहार का कड़ाई से पालन भी सुनिश्चित किया जाए।
गुलेरिया ने कहा कि इसलिए, संक्रमण के प्रसार की दर तेज है, इसका कारण शायद, अत्यधिक संक्रामक और संचार्य स्वरूप का फैलना है।
भारत में सार्स-कोव-2 के विभिन्न स्वरूप फैल रहे हैं और विशेषज्ञों ने उन्हें तेजी से फैलने वाला बताया है, जिनमें वायरस के ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील के प्रकार शामिल हैं।
गुलेरिया ने बताया कि पूरी मानवता कठिन समय से गुजर रही है और जब तक जरूरी नहीं हो, तब तक लोगों को घरों से बाहर नहीं निकलना चाहिए। उन्होंने कहा, यह सुनिश्चित किया जाए कि लोग जमा न हों और कोविड-उपयुक्त व्यवहार का कड़ाई से पालन भी सुनिश्चित किया जाए।
एम्स निदेशक ने कहा, यदि हमने अभी ध्यान नहीं दिया तो हम वह बढ़त गवां सकते हैं जो हमने हासिल की है तथा स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण के बाहर हो सकती है। उन्होंने लोगों से कोविड-19 रोधी टीका लगवाने का आग्रह किया।
गुलेरिया ने कहा कि टीका लोगों को संक्रमित होने से नहीं बचाएगा लेकिन ये शरीर में इसके बढ़ने की रफ्तार को रोकेगा और संक्रमण को गंभीर रूप नहीं लेने देगा जिससे मृत्यु दर कम होगी। उन्होंने कहा कि इसी के साथ मास्क लगाना और अन्य उपायों का पालन करना भी समान तौर पर महत्वपूर्ण है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, सोमवार को कोरोना वायरस संक्रमण के एक दिन में अब तक के सर्वाधिक 1,68,912, नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 1,35,27,717 हो गई है।
गुलेरिया ने कहा कि टीका लोगों को संक्रमित होने से नहीं बचाएगा लेकिन ये शरीर में इसके बढ़ने की रफ्तार को रोकेगा और संक्रमण को गंभीर रूप नहीं लेने देगा जिससे मृत्यु दर कम होगी। उन्होंने कहा कि इसी के साथ मास्क लगाना और अन्य उपायों का पालन करना भी समान तौर पर महत्वपूर्ण है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, सोमवार को कोरोना वायरस संक्रमण के एक दिन में अब तक के सर्वाधिक 1,68,912, नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 1,35,27,717 हो गई है।